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Hariyali Amavasya Vrat Katha & Mahatva in Hindi PDF | हरियाली अमावस्या 2026: संपूर्ण व्रत कथा और महत्व

Hariyali Amavasya Vrat Katha 2026: हरियाली अमावस्या की संपूर्ण कथा हम यहां आपको इस पोस्ट के माध्यम से हरियाली अमावस्या इस वर्ष किस तारीख और किस दिन मनाई जाएगी और हरियाली अमावस्या की पूजा विधि करते समय कौनसी व्रत कथा का पाठ करना चाहिए इसके बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।

Hariyali Amavasya Vrat Katha 2026: 12 अगस्त को पढ़ें यह चमत्कारी कथा, पितृ दोष और भयंकर दरिद्रता होगी हमेशा के लिए दूर

हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।

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Hariyali Amavasya Vrat Katha
Hariyali Amavasya Vrat Katha

हमारे हिंदू पंचांग के अनुसार, हर वर्ष के सावन (श्रावण) मास की कृष्ण पक्ष को अमावस्या तिथि को ‘हरियाली अमावस्या’ के नाम से कहा जाता है। यह तो आप सब जानते हो, की सावन का पवित्र महीना भगवान शिव जी को समर्पित है और इस समय बारिश हो जाने से प्रकृति के चारों तरफ हरी-भरी हो जाती है, इसलिए इस अमावस्या का महत्व प्रकृति पूजा और पितरों की शांति के लिए बहुत अधिक बढ़ जाता है।

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साल 2026 में हरियाली अमावस्या का यह पावन पर्व 12 अगस्त (बुधवार) को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति इस दिन पीपल, बरगद या तुलसी का पौधा लगाता है, भगवान शिव की आराधना करता है और पूर्ण श्रद्धा से हरियाली अमावस्या की व्रत कथा पढ़ता या सुनता है, उसके जीवन से कालसर्प दोष, पितृ दोष और अकाल मृत्यु का भय हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। @Freeupay.in के इस विशेष लेख में पढ़ें हरियाली अमावस्या की संपूर्ण व्रत कथा (Hariyali Amavasya Vrat Katha), पूजा विधि और चमत्कारिक उपाय।

🕰️ हरियाली अमावस्या 2026: शुभ मुहूर्त और पारण का समय (Hariyali Amavasya Shubh Muhurat)

हरियाली अमावस्या (Hariyali Amavasya Vrat Katha) व्रत रखने वालों के लिए अमावस्या तिथि और व्रत का सही समय जानना सबसे जरूरी है:

विवरण (Event)तारीख और समय (Date & Time)
हरियाली अमावस्या व्रत की तारीख12 अगस्त, 2026 (बुधवार)
अमावस्या तिथि आरंभ11 अगस्त, 2026, रात्रि 01:53 बजे से
अमावस्या तिथि समाप्त12 अगस्त, 2026, रात्रि 11:06 बजे तक

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🌺 क्विक लिस्ट: हरियाली अमावस्या 2026 के व्रत और पूजा के 4 महालाभ (Hariyali Amavasya Vrat Katha Benefits)

हरियाली अमावस्या व्रत कथा और महत्व (Hariyali Amavasya Vrat Katha) जानकारी पाने के लिए इस टेबल को पढ़ें। जानिए सावन की इस विशेष अमावस्या पर पूजा और पौधारोपण करने से क्या लाभ मिलते हैं:

जीवन का कष्ट (Problem)हरियाली अमावस्या व्रत के अचूक लाभ (Benefits)
पितृ दोष और वंश वृद्धि में रुकावटपितरों (पूर्वजों) को शांति मिलती है, उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है और वंश की वृद्धि होती है।
कालसर्प दोष और राहु-केतु की पीड़ाइस दिन शिव पूजा और नाग देवता की पूजा से कालसर्प दोष 100% शून्य हो जाता है।
आर्थिक तंगी और दरिद्रतावृक्षारोपण (पौधा लगाने) से घर में माता लक्ष्मी का स्थायी वास होता है और धन लाभ होता है।
पौधारोपण का सर्वश्रेष्ठ समयअमावस्या के दिन प्रातःकाल या गोधूलि बेला में पीपल, आंवला, नीम या तुलसी का पौधा लगाना सर्वश्रेष्ठ है।

📿 हरियाली अमावस्या की प्रामाणिक व्रत कथा (Hariyali Amavasya Vrat Katha in Hindi)

हरियाली अमावस्या के दिन पूजा के बाद इस पारंपरिक कथा का पाठ अवश्य करना चाहिए:

पौराणिक कथा: एक राजा था उसके एक बेटा बहू था बहू ने एक दिन मिठाई चोर कर खाली और नाम चूहा को लीयो ये सुनकर चूहा को गुस्सा आया उसने मन मे विचार करा की अपन चोर को राजा के सामने लेकर आयेगे एक दिन राजा के घर में मेहमान आये थे और वे राजा के कमरे में सोये थे चूहा ने रानी के कपडे ले जाकर मेहमान के पास रख दिये सुबह उठकर सब लोग आपस में बात करने लगे की छोटी रानी के कपडे मेहमान के कमरे में मीले ये बात जब राजा ने सुनी तो छोटी रानी को घर से निकाल दिया। Hariyali Amavasya Vrat Katha

वो रोज शाम को दिया जलाती और जवारा बोती थी पूजा करती गुडधानी का प्रशाद बाँटती थी एक दिन राजा शिकार करके उधर से निकले तो राजा की नजर उस रानी पर पडी।

राजा ने घर आकर कहा की आज तो झाड के नीचे चमत्कारी चीज हैं अपन झाड के ऊपर जाकर बैठा देखो आपस में बात करे आज कोन कोन क्या क्या खाया ,कैसी कैसी पूजा करी। उस में से एक दियो बोला अपके मेरे जान पहचान के अलावा कोई नही है आपने तो मेरी पूजा भी नही करी और भोग भी नही लगायो बाकी के सब दिये बोले एसी क्या बाात हुई तब दियो बोला मे राजा के घर का हूँ। Hariyali Amavasya Vrat Katha

उस राजा की एक बहू थी वह एक बार मिठाई चोर कर खाली और चूहा को नाम लें लीयो जब चूहा को गुस्सा आया तो रानी के कपडे मेहमान के कमरे में रख दिये राजा ने रानी को घर से निकाल दिया वो रोज मेरी पूजा करती थी भोग लगाती थी उसने रानी को आशीर्वाद दियो कहा भी रहे सुखी रहे फिर सब लोग झाड पर से उतर घर आये और कहा की रानी का कोई दोष नही था राजा ने रानी को घर बुलाया और सुख से रहने लगे भूल चूक माफ करना। Hariyali Amavasya Vrat Katha

संपर्क करें- पंडित ललित त्रिवेदी (+91-9667189678)

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कथा का फल: जो भी मनुष्य इस हरियाली अमावस्या का व्रत (Hariyali Amavasya Vrat Katha) करता है और इस कथा का पाठ करता है, उसके घर में कभी क्लेश नहीं होता, समाज में उसका यश बढ़ता है और भगवान शिव की कृपा से अपार धन-धान्य की प्राप्ति होती है।

(कथा समाप्त होने के बाद ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें और भगवान शिव व पितरों का ध्यान करें।)

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🌳 हरियाली अमावस्या की पूजा विधि और अचूक उपाय

  1. पवित्र स्नान और तर्पण: अमावस्या के दिन सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी में स्नान करें या नहाने के पानी में गंगाजल मिला लें। स्नान के बाद दक्षिण दिशा की ओर मुख करके अपने पितरों (पूर्वजों) के निमित्त काले तिल और जल से तर्पण करें।
  2. शिव-पार्वती की पूजा: घर के मंदिर या शिवालय जाकर शिवलिंग का पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) से अभिषेक करें। महादेव को बेलपत्र, धतूरा और सफेद चंदन अर्पित करें।
  3. वृक्षारोपण (सबसे बड़ा उपाय): हरियाली अमावस्या के दिन कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए।
    • धन प्राप्ति के लिए: आंवला या तुलसी का पौधा लगाएं।
    • पितृ शांति के लिए: पीपल या बरगद का पौधा लगाएं।
    • रोग मुक्ति के लिए: नीम या अशोक का पौधा लगाएं।
  4. दीपदान और दान-पुण्य: शाम के समय पीपल के पेड़ के नीचे और घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इस दिन ब्राह्मणों और ज़रूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और छाते का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है।

Hariyali Amavasya Vrat Katha & Mahatva in Hindi PDF❓अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: साल 2026 में हरियाली अमावस्या कब मनाई जाएगी?

Ans: साल 2026 में हरियाली अमावस्या 12 अगस्त 2026 (बुधवार) के दिन मनाई जाएगी।

Q2: हरियाली अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की पूजा क्यों की जाती है?

Ans: सनातन धर्म में पीपल के वृक्ष में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों का वास माना गया है। अमावस्या के दिन पीपल की पूजा और परिक्रमा करने से पितरों को मोक्ष मिलता है और शनि दोष से भी मुक्ति मिलती है।

Q3: क्या हरियाली अमावस्या पर व्रत रखना अनिवार्य है?

Ans: यह अनिवार्य नहीं है, लेकिन जो लोग पितृ दोष, अकारण धन हानि या संतानहीनता से परेशान हैं, उनके लिए इस दिन सात्विक व्रत रखना और शिव जी की आराधना करना अत्यंत लाभकारी होता है।

निष्कर्ष: हरियाली अमावस्या का यह पावन दिन मनुष्य को प्रकृति और ईश्वर दोनों से जोड़ता है। Freeupay.in पर बताई गई इस हरियाली अमावस्या व्रत कथा और महत्व (Hariyali Amavasya Vrat Katha) और वृक्षारोपण के नियमों का 12 अगस्त 2026 को पूर्ण श्रद्धा से पालन करें। देवों के देव महादेव और पितरों की कृपा से आपके जीवन की हर बाधा नष्ट होगी और घर में सुख-समृद्धि लहलहा उठेगी।

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