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Kaal Bhairav Puja Vidhi 2025: Step-by-Step Guide, Samagri, Katha & Timings | काल भैरव पूजा विधि 2025: संपूर्ण पूजन विधि, सामग्री सूची और व्रत कथा

काल भैरव पूजा विधि 2025: संपूर्ण पूजन विधि, सामग्री सूची और व्रत कथा Kaal Bhairav Puja Vidhi 2025: Step-by-Step Guide, Samagri, Katha & Timings हर माह की कृष्ण पक्ष की सभी अष्टमी तिथि को काल भैरव को समर्पित कर कालाष्टमी कहा जाता है। सब महीने की कालाष्टमी से ज्यादा महत्व कार्तिक माह की कालाष्टमी को दिया जाता है।

यह कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन कालाष्टमी पर्व मनाया जाता है। जिसे काल भैरव अष्टमी या भैरव जयन्ती के रूप में बनाया जाता हैं। भैरव के नाम जप मात्र से मनुष्य को कई रोगों से मुक्ति मिलती है। वे संतान को लंबी उम्र प्रदान करते है। यंहा हम आपको Kaal Bhairav Puja Vidhi के बारे में बताने जा रहे हैं। जिन्हें आप पढ़कर आप भी काल भैरव की पूजा सही तरह से कर सकोगें। Free Upay.in द्वारा बताये जा रहे काल भैरव पूजा विधि (Kaal Bhairav Puja Vidhi) विधि पूर्वक कर सकोगें।

काल भैरव पूजन विधि: जानें शत्रु और भय से मुक्ति पाने का सरल तरीका | Kaal Bhairav Ratri Puja Vidhi in Hindi: The Midnight Worship Method & Rules

हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।

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Kaal Bhairav Puja Vidhi 2025
Kaal Bhairav Puja Vidhi 2025

काल भैरव पूजा विधि 2025: मुहूर्त, सामग्री व मंत्र | Kaal Bhairav Pooja Vidhi 2025: Steps, Samagri & Time

घर पर काल भैरव पूजा कैसे करें? जानें सरल विधि, मंत्र और आरती (2025) | How to do Kaal Bhairav Puja at Home? Full Vidhi & Samagri List (2025)

✅ Kaal Bhairav Puja वाले दिन शाम के समय नहा धोकर साफ वस्त्र धारण करें।

✅ उसके बाद काल भैरव की प्रतिमा के सामने एक चौमुखा मिट्टी या पीतल का दीपक लेकर सरसों के तेल का चौमुखा चिराग जलाएं।

✅ उपासक करने वाले मुंह का पूजन करते समय पूरब में होना चाहिए।

✅ साथ ही उपासक को लाल रंग के आसान पर बैठना चाहिए।

✅ भैरव का आह्वान कर स्फटिक की माला से भैरव के मंत्र का जप करें।

✅ जप पूरा होने के बाद भोग लगाए और भैरव की आरती तेल के दीप व कर्पूर से करें।

✅ कालभैरव अष्टकम का पाठ करके प्रसाद बांट दें।

भैरव जी के प्रिय भोग:

भैरव की पूजा में काली उड़द और उड़द से बनी मिठाई इमरती, दही बड़े, दूध और मेवा का भोग लगाना लाभकारी है इससे भैरव प्रसन्न होते है। इसके आलावा सरसों का तेल, काजल सिंदूर और चमेली का तेल आदि इनके श्रृंगार है।

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