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Narsingh Ki Aarti Lyrics in Hindi 2026: रोजाना पूजा में या नृसिंह जयंती पर जरूर करें ‘नरसिंह भगवान की यह आरती (PDF)’, घर में नहीं टिकेगी कोई भी नेगेटिव एनर्जी

Narsingh Ki Aarti 2026: भगवान श्री नरसिंह जी की सम्पूर्ण पूजा अर्चना करते समय या फिर नृसिंह जयंती के पर्व पर श्री नरसिंह जी की आरती का पाठ करना अनिवार्य माना जाता है। नियमित रूप से श्री नरसिंह जी की आरती करने से भगवान श्री नरसिंह जी की कृपा बनी रहती हैं। श्री नरसिंह जी की आरती आदि के बारे में बताने जा रहे हैं।

Narsingh Ki Aarti 2026: भगवान नृसिंह की पूजा विधि करने के बाद जरूर गाएं यह नरसिंह आरती, भगवान मिटा देंगे आपके सारे कष्ट

हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।

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Narsingh Ki Aarti Lyrics in Hindi
Narsingh Ki Aarti Lyrics in Hindi

हमारे हिंदू धर्म के अनुसार कहा जाता हैं, की बिना आरती के कोई भी पूजा अर्चना, व्रत या किसी भी प्रकार का अनुष्ठान पूर्ण नहीं माना जाता हैं। 30 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को पूरे देश में भगवान विष्णु के उग्र और रक्षक स्वरूप का महापर्व ‘नृसिंह जयंती’ (Narsingh Jayanti) मनाया जा रहा है।

भगवान नरसिंह ने अपने भक्त प्रह्लाद की रक्षा के लिए खंभे को चीरकर अवतार लिया था। कल शाम गोधूलि बेला में भगवान की विधि-विधान से पूजा करने के बाद, उनकी कृपा प्राप्त करने और उनके उग्र रूप को शांत करने के लिए ‘नरसिंह भगवान की आरती’ (Narsingh Ki Aarti) गाना सबसे महत्वपूर्ण है। आप इस आरती को नृसिंह जयंती के अलावा रोज़ाना भी गा सकते हैं। Freeupay.in के इस विशेष लेख में पढ़ें भगवान नरसिंह की संपूर्ण और प्रामाणिक आरती।

🕰️ 30 अप्रैल 2026: नरसिंह आरती और पूजा का सटीक ‘शुभ मुहूर्त’

मान्यता है कि भगवान नरसिंह का प्राकट्य सूर्यास्त के समय (गोधूलि बेला) में हुआ था। कल शाम की पूजा और आरती के लिए यह समय सर्वोत्तम है:

विवरण (Event)तारीख और सटीक समय (Date & Exact Time)
नृसिंह जयंती की तारीख30 अप्रैल 2026 (गुरुवार)
शाम की पूजा का सर्वोत्तम मुहूर्तशाम 04:17 बजे से 06:56 बजे तक
आरती का सही समयपूजा, नैवेद्य (भोग) और स्तोत्र पाठ पूरा होने के ठीक बाद खड़े होकर आरती करें।

🪔 श्री नरसिंह भगवान की आरती (Narsingh Aarti in Hindi)

नरसिंह जयंती शाम की पूजा के अंत में गाय के घी या कपूर का दीपक जलाकर, सपरिवार खड़े होकर पूर्ण भक्ति-भाव से इस नरसिंह की आरती का गायन करें:

आरती कीजै नरसिंह कुंवर की ।

वेद विमल यश गाउँ मेरे प्रभुजी ॥

पहली आरती प्रह्लाद उबारे ।

हिरणाकुश नख उदर विदारे ॥

दुसरी आरती वामन सेवा ।

बल के द्वारे पधारे हरि देवा ॥

तीसरी आरती ब्रह्म पधारे ।

सहसबाहु के भुजा उखारे ॥

चौथी आरती असुर संहारे ।

भक्त विभीषण लंक पधारे ॥

पाँचवीं आरती कंस पछारे ।

गोपी ग्वाल सखा प्रतिपाले ॥

तुलसी को पत्र कंठ मणि हीरा ।

हरषि-निरखि गावे दास कबीरा || आरती ||

🌟 वास्तु और ज्योतिषीय रहस्य: आरती से कैसे दूर होते हैं दोष?

प्रसिद्ध ज्योतिषी और वास्तु विशेषज्ञ पंडित ललित त्रिवेदी जी बताते हैं कि जब घर में कपूर या घी का दीपक जलाकर भगवान नरसिंह की आरती गाई जाती है, तो आरती के शब्दों की ‘ध्वनि’ (Sound Vibration) और दीपक की ‘अग्नि’ (Fire) मिलकर एक प्रचंड ऊर्जा पैदा करते हैं।

यह ऊर्जा घर के दक्षिण और नैऋत्य कोण (South-West) के वास्तु दोष को नष्ट कर देती है। आरती के दौरान निकलने वाला धुआं घर से हर प्रकार की नकारात्मक शक्तियों (Negative Energies), बीमारियों और बुरी नजर को बाहर निकाल फेंकता है। जीवन में आत्मविश्वास बढ़ाने, मंगल ग्रह को मजबूत करने और शत्रुओं से हमेशा सुरक्षित रहने के लिए साक्षात भगवान विष्णु का स्वरूप ’10 मुखी रुद्राक्ष’ (10 Mukhi Rudraksha) धारण करना सबसे अमोघ उपाय माना गया है।

⚠️ आरती करते समय रखें इन 3 कड़े नियमों का ध्यान (Aarti Rules)

  1. दीपक की दिशा: आरती उतारते समय दीपक को हमेशा ‘ॐ’ (Om) की आकृति में या घड़ी की सुई की दिशा (Clockwise) में घुमाना चाहिए।
  2. आरती उतारने का क्रम: सबसे पहले भगवान नरसिंह के चरणों की 4 बार, फिर नाभि की 2 बार, फिर मुख की 1 बार और अंत में पूरे शरीर की 7 बार आरती उतारें।
  3. आरती ग्रहण करना: आरती संपन्न होने के बाद, दीपक के ऊपर से अपने दोनों हाथों को फेरकर उसे अपने मस्तक और आंखों पर लगाएं। इससे ईश्वरीय ऊर्जा सीधे आपके भीतर प्रवेश करती है।

Narsingh Ki Aarti Lyrics in Hindi 2026❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: क्या नरसिंह भगवान की आरती रोज़ाना कर सकते हैं?

Ans: बिल्कुल! यदि आप रोज़ाना सुबह या शाम अपनी नित्य पूजा में भगवान नरसिंह की आरती गाते हैं, तो आपके घर में कभी भी भय, बीमारी या कलह का प्रवेश नहीं होता।

Q2: आरती के समय ताली या घंटी क्यों बजाई जाती है?

Ans: ताली या घंटी बजाने से जो नाद (ध्वनि) उत्पन्न होती है, वह मन को एकाग्र करती है और घर के कोने-कोने में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है।

Q3: कल की पूजा में भगवान को क्या भोग लगाएं?

Ans: भगवान नरसिंह को शीतलता प्रदान करने वाली चीजें जैसे- भीगी हुई चने की दाल, गुड़, मौसमी फल और पंचामृत का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।

निष्कर्ष: आरती एक ऐसा पवित्र माध्यम है जो हमारी प्रार्थना को सीधे परमात्मा तक पहुंचाता है। कल 30 अप्रैल 2026 को नृसिंह जयंती के पावन अवसर पर Freeupay.in पर दी गई इस प्रामाणिक आरती का सस्वर गायन करें। भगवान नरसिंह आपके परिवार को हर संकट से बचाएंगे और घर में खुशियों का आगमन होगा।

अभी तुरंत शेयर करें: कल ही नृसिंह जयंती है! इस ‘संपूर्ण आरती और सटीक नियमों’ को अपने परिवार, रिश्तेदारों और सभी WhatsApp ग्रुप्स में आज रात ही शेयर कर दें ताकि कल शाम की पूजा में हर कोई इसे गा सके।

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