Surya Grahan 2026: यहाँ आपको सूर्य ग्रहण इस साल कब पड़ने वाला हैं, और कितने बजे से हैं और कब तक रहेगा, सूतक कब से लग रहे हैं आदि सब की जानकारी इस पोस्ट में देने जा रहे हैं। इस पोस्ट की सहायता से आप भी सूर्य ग्रहण का सही समय के बारे में जानकारी जान सकते हैं और साथ में सूतक समय के बारे में भी सही जानकारी बताने जा रहे हैं। हमारे द्वारा बताये जा रहे सूर्य ग्रहण 2026 तिथि को पढ़कर आप भी सूर्य ग्रहण और सूतक का सही समय की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सूर्य ग्रहण कब है 2026? जानें तारीख, समय और सूतक के नियम | Solar Eclipse 2026: Date, Time in India, and Sutak Kaal Timings
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इंटरनेट पर लाखों लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि क्या 12 अगस्त 2026 को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई देगा? और क्या इसका सूतक काल (Sutak Kaal) यहाँ मान्य होगा? Freeupay.in के इस विशेष लेख में विस्तार से जानिए सूर्य ग्रहण 2026 की सटीक तारीख, भारतीय समय (IST), सूतक काल के नियम और राहु-केतु के दुष्प्रभावों से बचने के अचूक ज्योतिषीय उपाय।
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🌺 क्विक लिस्ट: सूर्य ग्रहण 2026 का सटीक समय और सूतक काल (Surya Grahan 2026 Time in India)
सूर्य ग्रहण 2026 (Surya Grahan 2026) जानकारी पाने के लिए इस टेबल को पढ़ें। जानिए 12-13 अगस्त 2026 को लगने वाले पूर्ण सूर्य ग्रहण का भारतीय मानक समय (IST) क्या रहेगा:
| सूर्य ग्रहण का चरण (Eclipse Phase) | भारतीय समयानुसार (IST) |
| ग्रहण की तिथि (Date) | 12 अगस्त 2026 (बुधवार) से 13 अगस्त की मध्य रात्रि तक |
| आंशिक सूर्य ग्रहण प्रारंभ | 12 अगस्त, रात 09:04 बजे |
| पूर्ण सूर्य ग्रहण प्रारंभ | 12 अगस्त, रात 10:28 बजे |
| ग्रहण का चरम (Peak Time) | 12 अगस्त, रात 11:16 बजे |
| पूर्ण सूर्य ग्रहण समाप्त | 13 अगस्त, रात 12:04 बजे |
| आंशिक ग्रहण समाप्त | 13 अगस्त, रात 01:28 बजे |
| भारत में दिखाई देगा या नहीं? | नहीं (Not Visible in India) |
| भारत में सूतक काल (Sutak) | मान्य नहीं होगा (No Sutak in India) |
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🕰️सूर्य ग्रहण कब है 2026? जानें तारीख, समय और सूतक के नियम (Surya Grahan 2026 Date)
सावन मास की कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि, वार बुधवार, 12 अगस्त, 2026 को भारतीय समय अनुसार रात्रि 09:04 मिनट से मध्यरात्रि 12:04 मिनट तक सूर्य ग्रहण पड़ रहा हैं।
🌟सूर्य ग्रहण 2026 कँहा-कँहा पड़ेगा?
यह सूर्य ग्रहण पश्चिमी यूरोप, पश्चिमी अफ्रीका,उत्तरी अमेरिका, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन, रूस के उत्तरी भाग और उत्तरी अटलांटिक महासागर और उत्तरी प्रशांत महासागर जैसे क्षेत्रों में दिखाई देगा।
🌟क्या? यह सूर्य ग्रहण 2026 भारत में पड़ेगा?
नहीं, यह सूर्य ग्रहण 2026 भारत में नहीं देखा जायेगा।
⚠️सूर्य ग्रहण 2026 कितने बजे हैं | Solar Eclipse 2026: Time in India
यह सूर्य ग्रहण 2026 भारतीय समय अनुसार रात्रि 09:04 मिनट से मध्यरात्रि 12:04 मिनट तक रहेगा।
| अवस्था | समय (भारतीय स्टैण्डर्ड टाइम) |
| ग्रहण प्रारंभ (स्पर्श) | रात्रि 09:04 मिनट से |
| ग्रहण मध्य | रात्रि 11:17 मिनट |
| ग्रहण समाप्त (मोक्ष) | रात्रि 01:28 मिनट |
| ग्रहण की अवधि | 04 घंटा 24 मिनट |
सूर्य ग्रहण 2026 में सूतक कब से लगेगें | Surya Grahan 2026: Sutak Kaal Timings
यह सूर्य ग्रहण 2026 भारत में नहीं दिखाई देगा जिसका समय आपको ऊपर बताया गया हैं, इसलिए जंहा सूर्य ग्रहण दिखाई देखा वही पर ही सूतक मान्य होगा इसलिए भारत में कोई भी सूतक पातक नहीं लगेगा।
संपर्क करें- पंडित ललित त्रिवेदी (+91-9667189678)
किसी भी प्रकार के ज्योतिष एवं वास्तु संबंधी परामर्श के लिए वास्तु ज्योतिष पंडित ललित त्रिवेदी से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं, जैसे कि धन, स्वास्थ्य, व्यापार, करियर, नौकरी आदि जैसी समस्याएं। वास्तु विजिट भी करवा सकते हैं, तथा वास्तु परामर्श भी प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी प्रकार के कुंडली मिलान, विवाह मुहूर्त, गृह प्रवेश या अन्य सभी प्रकार के मुहूर्त एवं शुभ समय निकलवाने के लिए तुरंत संपर्क करें।
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📿 क्या भारत में सूतक काल मान्य होगा? (Sutak Kaal Rules)
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण शुरू होने से ठीक 12 घंटे पहले लग जाता है। सूतक काल के दौरान पूजा-पाठ, खाना पकाना, और शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं। विशेषकर गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) को इस दौरान घर से बाहर निकलने और धारदार हथियारों (चाकू, कैंची) का इस्तेमाल करने से मना किया जाता है।
लेकिन, साल 2026 का यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। धर्मशास्त्रों का स्पष्ट नियम है: “यत्र दृश्यते तत्रैव सूतकम्” (जहां ग्रहण दिखाई दे, वहीं सूतक मान्य होता है)। इसलिए, भारत में इस सूर्य ग्रहण का कोई भी सूतक काल (Sutak Kaal) मान्य नहीं होगा। भारतीय नागरिक बिना किसी भय के अपनी रोज़मर्रा की दिनचर्या और पूजा-पाठ कर सकते हैं। फिर भी, जो परिवार पारंपरिक मान्यताओं का कड़ाई से पालन करते हैं, वे ग्रहण काल के दौरान मानसिक जाप (“ॐ नमः शिवाय”) कर सकते हैं।
🌟 सावन अमावस्या, राहु-केतु और बचाव का अचूक ज्योतिषीय रहस्य
शक्ति विहार, कोटपूतली (राजस्थान) के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ पंडित ललित त्रिवेदी जी स्पष्ट करते हैं कि भले ही ग्रहण भारत में दिखाई न दे, लेकिन यह पवित्र सावन (श्रावण) अमावस्या के दिन लग रहा है। ज्योतिष में सूर्य ग्रहण तब होता है जब ‘राहु’ या ‘केतु’ सूर्य को ग्रसित करते हैं। सावन माह में यह खगोलीय घटना व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य, पिता-पुत्र के संबंधों और करियर पर सीधा ब्रह्मांडीय (Cosmic) प्रभाव डालती है।
ग्रहण के इस संवेदनशील समय में कुंडली के किसी भी मारक दोष (विशेषकर पितृ दोष और राहु-केतु दोष) को 100% शून्य करने और दसों दिशाओं से अपनी रक्षा करने के लिए राहु-केतु को नियंत्रित करने वाला साक्षात भैरव स्वरूप ‘8 मुखी रुद्राक्ष’ (8 Mukhi Rudraksha) गले में धारण करना सबसे शक्तिशाली ज्योतिषीय ‘कवच’ है। सावन के इस पावन समय में इसे धारण करने वाले व्यक्ति के चारों ओर एक ऐसा अभेद्य तांत्रिक घेरा बन जाता है, जिसे राहु-केतु की कोई भी नकारात्मक ऊर्जा भेद नहीं सकती और रुके हुए काम तेज़ी से बनने लगते हैं।
⚠️ सूर्य ग्रहण (Surya Grahan 2026) के 3 कड़े नियम और उपाय
यद्यपि सूतक नहीं है, फिर भी ग्रहण के ब्रह्मांडीय दुष्प्रभावों से बचने के लिए इन सात्विक नियमों का पालन श्रेयस्कर है:
- मंत्र जाप का 100 गुना फल: ग्रहण काल के दौरान (12 अगस्त रात 9:04 से 1:28 तक) किया गया कोई भी मानसिक जाप (जैसे- गायत्री मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र या ‘ॐ सूर्याय नमः’) सामान्य दिनों की अपेक्षा 100 गुना अधिक फल देता है।
- दान-पुण्य का विशेष महत्व: ग्रहण समाप्त होने के अगले दिन (13 अगस्त की सुबह) स्नान करके ज़रूरतमंदों को गेहूं, गुड़, तांबा और लाल वस्त्र का दान अवश्य करें। इससे सूर्य देव अत्यंत प्रसन्न होते हैं।
- गंगाजल का प्रयोग: ग्रहण के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करें। इससे घर की हर प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा और तांत्रिक बाधाएं नष्ट हो जाती हैं।
Surya Grahan 2026 Live Updates❓अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: साल 2026 का पहला और अंतिम सूर्य ग्रहण कब है?
Ans: 12 अगस्त 2026 को लगने वाला यह सूर्य ग्रहण साल 2026 का अंतिम सूर्य ग्रहण होगा। यह सावन (श्रावण) अमावस्या के अत्यंत पवित्र दिन पड़ रहा है।
Q2: क्या गर्भवती महिलाओं को 12 अगस्त के सूर्य ग्रहण से डरने की ज़रूरत है?
Ans: बिल्कुल नहीं। भारत में ग्रहण दिखाई न देने के कारण सूतक मान्य नहीं है। गर्भवती महिलाएं सामान्य रूप से अपना भोजन और दवाइयां ले सकती हैं। बस मन की शांति के लिए इस दौरान धार्मिक पुस्तकों का पाठ करें।
Q3: सूर्य ग्रहण के बाद क्या खाना चाहिए?
Ans: ग्रहण के बाद हमेशा ताज़ा बना हुआ और सात्विक भोजन (बिना प्याज-लहसुन का) ही करना चाहिए। भोजन में तुलसी के पत्तों का प्रयोग शुभ माना जाता है।
निष्कर्ष: सूर्य ग्रहण प्रकृति और ब्रह्मांड का एक अद्भुत खगोलीय खेल है, जो हमें ईश्वर की अनंत शक्तियों का स्मरण कराता है। Freeupay.in पर बताई गई इस सटीक जानकारी और सात्विक नियमों का पालन करके आप सूर्य ग्रहण 2026 के दुष्प्रभावों से बच सकते हैं। महादेव की कृपा से आपके जीवन में सूर्य के समान तेज़ और सफलता का उदय होगा।
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