WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Bhai Dooj Vrat Katha in Hindi PDF | भाई दूज व्रत कथा (Yama Dwitiya Katha) 2026: यह कथा पढ़ने से भाई को मिलती है लंबी उम्र का वरदान

भाई दूज व्रत कथा (Yama Dwitiya Katha) 2026: यह कथा पढ़ने से भाई को मिलती है लंबी उम्र का वरदान | Bhai Dooj Vrat Katha in Hindi PDF भाई दूज का पर्व कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि के दिन मनाया जाता है। भाई दूज के दिन सभी बहन अपने भाई की लम्बी आयु के लिए व्रत एवं पूजा करती हैं।

भाई दूज कथा 2026: कहानी, पूजा विधि व महत्व 2026 | Bhai Dooj Katha PDF Download: The Story of Yama and his Sister Yami (Yamuna)

हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।

हर समस्या का फ्री उपाय (Free Upay) जानने के लिए हमारे WhatsApp Channel (व्हात्सप्प चैनल) से जुड़ें: यहां क्लिक करें (Click Here)

Bhai Dooj Vrat Katha
Bhai Dooj Vrat Katha in Hindi

भाई दूज की कथा: यम द्वितीया प्रसंग व अर्थ | Bhai Dooj 2026: Vrat Katha, Puja Vidhi, Tilak Muhurat & Aarti

भाई दूज कथा आज: तिथि, समय व पूजा चरण | Bhai Dooj Katha 2026: Story, Puja Vidhi & Tithi

भैयादूज 2026 कब है? जानें सही तारीख | Bhaiya Dooj 2026: Date, Puja Vidhi & Time

👉 कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भैयादूज का त्यौहार मनाया जाता हैं। इस साल 2026 में भैयादूज नवम्बर महीने के 11 तारीख वार बुधवार के दिन मनाई जाएगी।

भाई दूज व्रत कथा 2026: पढ़ें यम और यमी की यह पौराणिक कहानी | Sampurna Bhai Dooj Vrat Katha PDF in Hindi (Free Download 2026)

भैया दूज के पर्व पर मृत्युदेव यमराज और उनकी बहन यमुना जी की पूजा विशेषरूप से की जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान सूर्यदेव और उनकी पत्नी छाया से यमराज तथा यमुना का जन्म हुआ था। यमुना और यमराज में बहुत स्नेह था। मृत्युदेव यमदेव सदैव प्राण हरने में ही व्यस्त रहते है। उधर यमुना भाई यमराज को निरंतर अपने घर आने आने का निमंत्रण देती रहती थी। एक दिन कार्तिक शुक्ल की द्वितीय तिथि पर यमुना ने यमराज को अपने घर आने के लिए वचनबद्ध कर दिया। Bhai Dooj Vrat Katha

चूंकि यमराज मृत्युदेव है इसलिए वे इस बात से भली भांति अवगत थे कि उन्हें कोई कभी भी अपने घर आने का निमंत्रण नहीं देगा। और यमुना उतने स्नेह, सद्भावना से उन्हें बुला रही है। यमराज ने सोचा कि उन्हें अपनी बहन के प्रति यह धर्म निभाना ही है। यमराज को अपने घर आते देख यमुना अत्यंत प्रसन्न हुई। उन्होंने स्नानादि कर पूजन किया और भाई के समक्ष व्यंजन परोस दिए। यमुना के इस आतिथ्य सत्कार से प्रसन्न होकर यमराज ने अपनी बहन से वर मांगने के लिए कहा। Bhai Dooj Vrat Katha

यमुना ने यमराज से कहा कि वह प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि में उनके घर आया करे। साथ ही उन्होंने यह कहा कि उनकी तरह कोई भी बहन इस दिन यदि अपने भाई का विधिपूर्वक तिलक करे, तो उसे यमराज यानि मृत्यु का भय ना हो। यमराज ने मुस्कराते हुए तथास्तु कहा और यमुना को वरदान देकर यमलोक लौट आये। तभी से यह यह मान्यता चली आ रही है कि कार्तिक शुक्ल द्वितीय को जो भाई अपनी बहन का आतिथ्य स्वीकार करते हैं उन्हें यमराज का भय नहीं रहता। Bhai Dooj Vrat Katha

भाई दूज की मान्यता | Believe of Bhai Dooj

मान्यता है कि कार्तिक शुक्ल द्वितीय को जो भाई अपनी बहन का आतिथ्य स्वीकार करते हैं उन्हें यमराज का भय नहीं रहता।

वैदिक उपाय और 30 साल फलादेश के साथ जन्म कुंडली बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े

10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Leave a Comment

Call Us Now
WhatsApp
We use cookies in order to give you the best possible experience on our website. By continuing to use this site, you agree to our use of cookies.
Accept