Navratri Puja Vidhi 2026: 19 मार्च सुबह इस ‘सटीक विधि’ से करें कलश स्थापना और पूजा, माता भवानी भर देंगी धन के भंडार
Navratri Puja Vidhi 2026: हिंदू धर्म में शक्ति की देवी माता दुर्गा की उपासना का सबसे बड़ा पर्व ‘चैत्र नवरात्रि’ कल यानी 19 मार्च 2026 (गुरुवार) से शुरू हो रहा है। इसी दिन से ‘हिंदू नव वर्ष’ (विक्रम संवत 2083) का भी आरंभ होगा।
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नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना (घटस्थापना) और माता के प्रथम स्वरूप ‘मां शैलपुत्री’ की पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार, यदि पहले दिन की पूजा और कलश स्थापना सही वैदिक विधि से न की जाए, तो 9 दिन के व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता। Freeupay.in के इस विशेष लेख में जानिए कल सुबह उठकर आपको किस तरह से माता की चौकी सजानी है, कलश कैसे स्थापित करना है और पूजा की संपूर्ण विधि क्या है।
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📋 नवरात्रि पूजा सामग्री लिस्ट (Puja Samagri List)
अपनी पूजा की थाली में ये सभी चीजें व्यवस्थित करके रख लें, ताकि कोई जल्दबाजी न हो:
| सामग्री का प्रकार | आवश्यक वस्तुएं (Items) |
| कलश स्थापना के लिए | शुद्ध जल से भरा हुआ, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का कलश, गंगाजल, अशोक या आम के 5 पत्ते, जटा वाला नारियल, लाल कपड़ा, सफ़ेद कपड़ा, मौली (कलावा), साबुत सुपारी, हल्दी की गांठ और एक सिक्का। |
| जौ बोने के लिए | मिट्टी का चौड़ा बर्तन (सकोरा), साफ मिट्टी और जौ (Barley)। |
| माता के श्रृंगार के लिए | लाल चुनरी, सिंदूर, बिंदी, चूड़ियां, आलता और मेहंदी। |
| पूजा और भोग के लिए | रोली, अक्षत (साबुत चावल), गाय का घी, धूप, कपूर, लाल फूल (गुड़हल या गुलाब), पान, लौंग, इलायची और गाय के दूध से बनी मिठाई या बताशे। |
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🙏 नवरात्रि पूजा विधि: स्टेप-बाय-स्टेप (Step-by-Step Kalash Sthapana Vidhi)
सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करके लाल या पीले रंग के स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर में इस विधि से कलश स्थापित करें:
- दिशा और चौकी: घर के ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को साफ करके वहां एक लकड़ी की चौकी रखें। उस पर लाल या पीला और सफ़ेद कपड़ा बिछाकर माता दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
- जौ बोना: चौकी के एक तरफ मिट्टी के बर्तन में थोड़ी सी मिट्टी डालें, उसके बाद श्री गणेश जी का ध्यान और स्मरण करते हुए उसमें जौ के दाने बिछाएं और ऊपर से थोड़ी मिट्टी और डालकर हल्का सा जल छिड़कें। आप जौ को फर्श पर साफ़ करके भी उगा सकते है। यदि पात्र नही है।
- कलश तैयार करना: कलश के गले में मौली (कलावा) बांधें और उस पर रोली से ‘स्वस्तिक या ॐ’ बनाएं। कलश में जल और थोडा सा गंगाजल डालते समय ‘ॐ वरुणाय नमः’ मंत्र बोलते हुए पूर्ण रूप से जल भर दें।
- कलश में सामग्री डालना: जल भरे कलश के अंदर एक सुपारी, हल्दी की गांठ, एक सिक्का और थोड़ी सी दूर्वा (दूब) डाल दें।
- नारियल स्थापित करना: कलश के मुख पर आम या अशोक के 5 पत्ते रखें। ढक्कन पर चावल भर देना चाहिए।एक जटा वाले नारियल को लाल कपड़े (चुनरी) में लपेटकर उस पर मौली बांधें और उसे कलश के ऊपर (पत्तों के बीच) स्थापित करते हुए हुए सभी देवताओं का आवाहन करना चाहिए। (ध्यान रहे: नारियल का मुख आपकी ओर होना चाहिए)।
- दीप प्रज्वलित: कलश स्थापना के बाद मां श्री दुर्गा की मूर्ति रखे और बाईं तरफ श्री गणेश की मूर्ति या फोटो रखें। नवरात्रि पूजा आरंभ के समय ‘ॐ पुण्डरीकाक्षाय नमः’ मन्त्र बोलते हुए अपने ऊपर जल छिड़कें और अपने पूजा स्थल से दक्षिण और पूर्व के कोने में ‘अखंड ज्योत’ या गाय के घी का दीपक जलाते हुए, ‘ॐ दीपो ज्योतिः परब्रह्म दीपो ज्योतिर्जनार्दनः। दीपो हरतु में पापं पूजा दीप नमोस्तु ते।‘ मंत्र बोलते हुए दीपक प्रज्ज्वलित करें। मां भगवती दुर्गा की अखंड ज्योति जलाये यह ज्योति पूरे नौ दिनों तक जलती रहनी चाहिए। कलश पर फूल और मिठाइयां चढ़ाना चाहिए। 2 दिन के बाद अंकुर फूटने पर रोज सुबह शाम धुप लगा दे और थोडा थोडा जल ले छींटे दें देने चाहिए।
- पूजा विधि: माता को लाल चुनरी, कुमकुम, अक्षत और लाल फूल अर्पित करें। भोग लगाने के बाद माता का कोई भी एक सिद्ध मंत्र का 108 बार जाप करें। अंत में कपूर और लौंग जलाकर माता की आरती उतारें और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
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🌸 चैत्र नवरात्रि पूजा संकल्प विधि (Sankalp Vidhi)
इसके बाद पुष्प लेकर मन में ही संकल्प लें कि माँ मैं आज चैत्र नवरात्र की प्रतिपदा से आपकी आराधना अमुक (कार्य नाम) कार्य के लिए कर रहा/रही हूं, मेरी पूजा स्वीकार करके इष्ट कार्य को सिद्ध करो। यदि आपको कोई मंत्र नही आता है श्री दुर्गा माँ का तो आप श्री दुर्गा सप्तशती में दिए गए नवार्ण मंत्र ‘ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे‘ बोलते हुए सभी पूजन सामग्री चढ़ाएं। यह मां शक्ति का यह मंत्र अमोघ है। अब आपके पास जो भी यथा संभव सामग्री हो, उसी से आराधना करें। संभव हो सके तो शृंगार का सामान और नारियल-चुन्नी जरूर चढ़ाएं।
इसके बाद श्री दुर्गा माँ को जोत जलाये उसमे घी डालकर जोत लेते है उसके बाद उसमे इच्छानुसार माँ दुर्गा जी को भोग लगाये और जल के छीटें दें। दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। श्रद्धापूर्वक सपरिवार आरती करें और अंत में क्षमा प्रार्थना करें। नवरात्र में एक समय भोजन करें हो सके तो फलाहार करें नवमी के दिन 9 कन्याओ को भोजन खिलाये।
🌟 वास्तु और ज्योतिष का महा-उपाय (Expert Advice)
प्रसिद्ध ज्योतिषी और वास्तु विशेषज्ञ पंडित ललित त्रिवेदी जी बताते हैं कि नवरात्रि के 9 दिन ब्रह्मांडीय ऊर्जा (Cosmic Energy) को ग्रहण करने का सबसे शक्तिशाली समय होता है।
वास्तु के अनुसार, कलश को घर के ‘ईशान कोण’ में स्थापित करने से घर की सभी नकारात्मक ऊर्जाएं (Negative Energies) खत्म हो जाती हैं। जो भक्त नवरात्रि के इन 9 दिनों तक साक्षात माता दुर्गा का स्वरूप माना जाने वाला ‘9 मुखी रुद्राक्ष’ (Nau Mukhi Rudraksha) धारण करते हैं, उनके जीवन से राहु-केतु का हर दोष खत्म हो जाता है और उन्हें धर्म, अर्थ, काम तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है।
⚠️ 9 दिनों के लिए 3 सख्त नियम (Navratri Rules)
- अखंड ज्योत का नियम: यदि आपने अखंड ज्योत जलाई है, तो घर को 9 दिनों तक अकेला न छोड़ें। ज्योत बुझनी नहीं चाहिए।
- खान-पान: घर में लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा का सेवन पूरी तरह से वर्जित है। सात्विक जीवन जिएं।
- बाल और नाखून काटना: नवरात्रि के 9 दिनों तक बाल काटना, दाढ़ी बनाना और नाखून काटना शास्त्रों में वर्जित माना गया है।
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Chaitra Navratri Puja Vidhi 2026 ❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: कलश स्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त क्या है?
Ans: 19 मार्च 2026 को कलश स्थापना का सुबह का मुहूर्त 06:52 बजे से 07:43 बजे तक है। यदि यह समय निकल जाए, तो आप ‘अभिजीत मुहूर्त’ (दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक) में कलश स्थापित कर सकते हैं।
Q2: कलश पर रखा नारियल किस दिशा में होना चाहिए?
Ans: नारियल का मुख (जिस तरफ वह पेड़ की टहनी से जुड़ा होता है) हमेशा पूजा करने वाले व्यक्ति (आपकी) की ओर होना चाहिए। इसे धन वृद्धि का सूचक माना जाता है।
Q3: क्या कलश स्थापना के लिए ब्राह्मण को बुलाना जरूरी है?
Ans: नहीं, यदि आप पूरी श्रद्धा और भाव के साथ ऊपर बताई गई विधि से स्वयं कलश स्थापित करते हैं, तो माता दुर्गा उसे अवश्य स्वीकार करती हैं।
निष्कर्ष: चैत्र नवरात्रि आपके जीवन से हर दुख और संकट को मिटाने का पावन अवसर है। कल 19 मार्च 2026 की सुबह Freeupay.in पर बताई गई इस सटीक विधि से घटस्थापना और माता की पूजा करें। माता रानी आपके घर-आंगन को खुशियों से महका देंगी।
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