Maa Shailputri Aarti 2026: 19 मार्च, गुरुवार को चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ होने जा रहा है। यह नवरात्रि का पहला दिन पर्वतराज हिमालय की पुत्री ‘माँ शैलपुत्री’ (Maa Shailputri) को समर्पित माना जाता है।
हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।
हर समस्या का फ्री उपाय (Free Upay) जानने के लिए हमारे WhatsApp Channel (व्हात्सप्प चैनल) से जुड़ें: यहां क्लिक करें (Click Here)

हिन्दू धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि पूजा पाठ, मंत्र जाप और भोग लगाने इत्यादि के बाद यदि देवी की आरती (Aarti) न की जाए, तो पूजा अधूरी मानी जाती है। आरती ही वह माध्यम मानी जाती है जिससे हम सभी अपनी पूजा पाठ में हुई जाने या अनजाने गलतियों की क्षमा मांगते हैं। Freeupay.in के इस लेख में हम आपके लिए लाए हैं माँ शैलपुत्री की संपूर्ण आरती हिंदी लिरिक्स के साथ।
ऑनलाइन सलाह (Online): कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन (Call Button) पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।
महत्वपूर्ण जानकारी: एक सिद्ध किया हुआ असली रूद्राक्ष आपकी दशा और दिशा दोनों बदल सकता हैं? अभी यहां से खरीदें
ऑफलाइन सलाह (Offline): कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए हमसे मिलने के लिए यहाँ तुरंत सम्पर्क करें: क्लिक हियर (Click Here)।
🕯️ माँ शैलपुत्री की आरती (Maa Shailputri Aarti Lyrics in Hindi)
19 मार्च की सुबह और शाम को पूजा समापन बाद के समय कपूर या घी का दीपक जलाकर सपरिवार यह आरती जरुर गाएं:
|| आरती माँ शैलपुत्री जी की ||
शैलपुत्री माँ बैल असवार। करें देवता जय जयकार॥
शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी॥
पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे॥
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे धनवान करे तू॥
सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती जिसने तेरी उतारी॥
उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुख तकलीफ मिटा दो॥
घी का सुंदर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के॥
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं॥
जय गिरिराज किशोरी अंबे। शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे॥
मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो॥
सलाह: कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।
महत्वपूर्ण जानकारी: आपकी समस्या के अनुसार सिद्ध किये गये असली रूद्राक्ष यहां से खरीदें
🙏 शैलपुत्री आरती करने की सही विधि (Aarti Vidhi)
किसी भी आरती का पूर्ण फल तभी मिलता है जब इसे सही तरीके से किया जाए:
- दीपक: एक थाली लेकर उस पर एक स्वास्तिक बनाएं। उसके बाद उस पर एक घी का दीपक या कपूर रखकर जलाये।
- घूमने की दिशा: आरती की तैयार की गई थाली को हमेशा घड़ी की दिशा में (Clockwise) घुमाना चाहिए।
- भाव: आरती करते या गाते समय ताली बजाएं या घंटी बजाना चाहिए। ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) नष्ट होती है।
- क्षमा प्रार्थना: आरती पूरी होने के बाद आरती वाली थाली पर जल घुमाएं और देवी माँ से भूल-चूक की माफी मांगें।
जानें: रुद्राक्ष कौन-कौनसी समस्या को दूर कर सकता हैं?
सलाह: कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।
🍯 माँ शैलपुत्री को क्या भोग लगाएं? (Bhog for Day 1)
शैलपुत्री आरती करने से ठीक पहले माँ को भोग लगाना जरूरी है।
- भोग: नवरात्रि के पहले दिन माँ शैलपुत्री को गाय के शुद्ध घी (Desi Ghee) का भोग लगाना चाहिए।
- फल: भोग लगाने के बाद यह घी या उससे बनी मिठाई प्रसाद रूप में ग्रहण करनी चाहिए। इससे शरीर निरोगी रहता है।
इसे भी पढ़ें ➤ चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना 2026 ‘शुभ मुहूर्त’ और पूजा विधि
➤ माँ शैलपुत्री व्रत कथा 2026: नवरात्रि पहला दिन जानें पूरी कहानी और महत्व
➤ नवरात्रि पहला दिन: माँ शैलपुत्री पूजा विधि
➤ नवरात्र का पहला दिन, आज करें शैलपुत्री मंत्र का जाप
➤ माँ शैलपुत्री स्तोत्र, हर संकट से करेगा आपकी रक्षा
➤ शैलपुत्री कवच, कोई शत्रु आपका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा
Maa Shailputri Aarti 2026 ❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: माँ शैलपुत्री की आरती कब करनी चाहिए?
Ans: कलश स्थापना और मंत्र जाप के बाद अंत में आरती करनी चाहिए। सुबह और शाम (संध्या काल) दोनों समय आरती करना शुभ होता है।
Q2: माँ शैलपुत्री का मंत्र क्या है?
Ans: माँ का बीज मंत्र है— || ॐ ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्यै नमः ||
Q3: आरती कपूर से करें या घी के दीये से?
Ans: आप दोनों का इस्तेमाल कर सकते हैं। कपूर की आरती वातावरण को शुद्ध करती है और वास्तु दोष मिटाती है।
निष्कर्ष: माँ शैलपुत्री धैर्य और शक्ति की देवी हैं। 19 मार्च 2026 को Freeupay.in पर दी गई इस आरती के साथ अपनी पूजा संपन्न करें। माँ भगवती आपके परिवार पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखेंगी।
वैदिक उपाय और 30 साल फलादेश के साथ जन्म कुंडली बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े
10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े
