Maa Shailputri Stotra 2026: चंद्र दोष और तनाव को जड़ से मिटा देता है माँ शैलपुत्री का यह स्तोत्र, पाठ करने की विधि जानें
Maa Shailputri Stotra 2026: चैत्र नवरात्रि चल रही है। माँ दुर्गा का प्रथम स्वरूप ‘शैलपुत्री’ (Maa Shailputri) चंद्रमा की कारक देवी हैं। अक्सर लोग केवल पहले दिन इनकी पूजा करते हैं, लेकिन शास्त्रों के अनुसार, शैलपुत्री स्तोत्र का पाठ नवरात्रि के 9 दिनों तक करना चाहिए।
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विशेषकर जिन लोगों की कुंडली में चंद्र दोष है, डिप्रेशन रहता है या धन नहीं टिकता, उनके लिए यह स्तोत्र किसी चमत्कार से कम नहीं है। Freeupay.in के इस लेख में हम आपके लिए लाए हैं संपूर्ण स्तोत्र और उसका अर्थ।
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📜 श्री शैलपुत्री स्तोत्र (Maa Shailputri Stotra Lyrics)
स्नान के बाद सफेद वस्त्र पहनकर और हाथ में सफेद फूल लेकर इस शैलपुत्री स्तोत्र का पाठ करें:
|| अथ ध्यान ||
वंदे वांच्छितलाभायाचंद्रार्धकृतशेखराम्।
वृषारूढांशूलधरांशैलपुत्रीयशस्विनीम्॥
पूणेंदुनिभांगौरी मूलाधार स्थितांप्रथम दुर्गा त्रिनेत्रा।
पटांबरपरिधानांरत्नकिरीटांनानालंकारभूषिता॥
प्रफुल्ल वदनांपल्लवाधरांकांतकपोलांतुंग कुचाम्।
कमनीयांलावण्यांस्मेरमुखीक्षीणमध्यांनितंबनीम्॥
|| अथ स्तोत्रं ||
प्रथम दुर्गा त्वंहि भवसागर: तारणीम्।
धन ऐश्वर्य दायिनी शैलपुत्री प्रणमाम्यहम्॥
त्रिलोजननी त्वंहि परमानंद प्रदीयमान्।
सौभाग्यारोग्य दायिनी शैलपुत्री प्रणमाम्यहम्॥
चराचरेश्वरी त्वंहि महामोह: विनाशिन।
मुक्ति भुक्ति दायिनीं शैलपुत्री प्रणमाम्यहम्॥
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🌸 शैलपुत्री स्तोत्र का हिंदी अर्थ (Hindi Meaning)
केवल पढ़ने से नहीं, भाव समझने से पूजा सफल होती है:
- प्रथम श्लोक: हे माँ! आप ही प्रथम दुर्गा हैं और आप ही इस भवसागर (संसार के कष्टों) से तारने वाली हैं। आप धन और ऐश्वर्य देने वाली हैं। हे माँ शैलपुत्री! मैं आपको प्रणाम करता/करती हूँ।
- द्वितीय श्लोक: आप तीनों लोकों की जननी (माता) हैं और परमानंद प्रदान करने वाली हैं। आप ही सौभाग्य और आरोग्य (Health) देने वाली हैं। मैं आपको नमन करता हूँ।
- तृतीय श्लोक: आप इस चराचर जगत की ईश्वरी हैं और महामोह (अज्ञान) का नाश करने वाली हैं। आप ही भोग और मोक्ष (मुक्ति) देने वाली हैं। हे माँ शैलपुत्री, आपको मेरा प्रणाम है।
🌟 शैलपुत्री स्तोत्र पढ़ने के 3 बड़े फायदे (Benefits)
- मानसिक शांति (Mental Peace): अगर आपको बेवजह घबराहट होती है या नींद नहीं आती, तो यह पाठ रामबाण है क्योंकि यह चंद्रमा को मजबूत करता है।
- मूलाधार चक्र जाग्रत: यह स्तोत्र शरीर के ‘मूलाधार चक्र’ को एक्टिवेट करता है, जिससे जीवन में स्थिरता (Stability) और आत्मविश्वास आता है।
- धन और आरोग्य: जैसा कि श्लोक में लिखा है “धन ऐश्वर्य दायिनी”, यह पाठ दरिद्रता को दूर कर घर में बरकत लाता है।
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🙏 शैलपुत्री स्तोत्र पाठ करने की सही विधि (Recitation Method)
- समय: चैत्र नवरात्रि में सुबह के समय (सूर्योदय के बाद) या रात को सोने से पहले।
- आसन: सफेद आसन पर उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।
- भोग: पाठ के बाद माँ को बताशे या बर्फी का भोग लगाएं।
- नियम: पाठ करते समय मन में किसी के लिए बुरा भाव न रखें।
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Maa Shailputri Stotra 2026 ❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: क्या यह शैलपुत्री स्तोत्र रोज पढ़ सकते हैं?
Ans: जी हाँ, नवरात्रि के 9 दिनों तक इसका रोज पाठ करने से विशेष लाभ मिलता है। इसके बाद आप हर सोमवार को इसे पढ़ सकते हैं।
Q2: माँ शैलपुत्री का मूल मंत्र क्या है?
Ans: स्तोत्र के साथ || ॐ ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्यै नमः || मंत्र की एक माला (108 बार) जरूर जपें।
Q3: नवरात्रि के दुसरे दिन किसकी पूजा होती है?
Ans: चैत्र नवरात्रि के दुसरे दिन है, माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा अर्चना की जाती है।
निष्कर्ष: माँ शैलपुत्री धैर्य और शक्ति की देवी हैं। Freeupay.in पर दिए गए इस Shailputri Stotra का पाठ करें और अपने जीवन को तनावमुक्त बनाएं। चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन की देवी माँ ब्रह्मचारिणी की पूजा विधि जानने के लिए Freeupay.in पर अगला आर्टिकल जरूर पढ़ें।
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