WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Papmochani Ekadashi Vrat Katha in Hindi PDF | पापमोचनी एकादशी 2026: संपूर्ण व्रत कथा और महत्व

Papmochani Ekadashi Vrat Katha 2026: पापमोचनी एकादशी की पूजा में पढ़ें यह प्रामाणिक कथा, नष्ट होंगे जन्म-जन्मांतर के पाप

Papmochani Ekadashi Vrat Katha 2026: हमारे हिंदू धर्म में चैत्र मास की कृष्ण पक्ष में आने वाली एकादशी तिथि को ‘पापमोचनी एकादशी’ के नाम से जाना जाता है। जैसा कि आपको इसके नाम से ही स्पष्ट हो गया है, यह एकादशी अनजाने या जानबूझकर किए गए या हुए गये सभी पापों का ‘मोचन’ (नाश) करने वाली के रूप में जाना जाता है।

हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।

हर समस्या का फ्री उपाय (Free Upay) जानने के लिए हमारे WhatsApp Channel (व्हात्सप्प चैनल) से जुड़ें: यहां क्लिक करें (Click Here)

Papmochani Ekadashi Vrat Katha
Papmochani Ekadashi Vrat Katha 2026

हिन्दू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष यह पापमोचनी एकादशी का पावन व्रत को 15 मार्च 2026 (रविवार) के दिन को रखा जा रहा है। भगवान विष्णु को समर्पित इस एकादशी व्रत की पूजा विधि तब तक अधूरी मानी जाती है, जब तक कि पूजा के अंत में इसकी प्रामाणिक व्रत कथा (Vrat Katha) का पाठ न किया जाए। Freeupay.in के इस विशेष लेख में पढ़ें मेधावी ऋषि की वह पौराणिक कथा, जिसे पढ़ने और सुनने मात्र से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है।

ऑनलाइन सलाह (Online): कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन (Call Button) पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।

महत्वपूर्ण जानकारी: एक सिद्ध किया हुआ असली रूद्राक्ष आपकी दशा और दिशा दोनों बदल सकता हैं? अभी यहां से खरीदें

ऑफलाइन सलाह (Offline): कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए हमसे मिलने के लिए यहाँ तुरंत सम्पर्क करें: क्लिक हियर (Click Here)

🕰️ पापमोचनी एकादशी 2026: शुभ मुहूर्त और पारण का समय

पापमोचनी एकादशी व्रत रखने वालों के लिए एकादशी तिथि और व्रत खोलने (पारण) का सही समय जानना सबसे जरूरी है:

विवरण (Event)तारीख और समय (Date & Time)
पापमोचनी एकादशी व्रत की तारीख15 मार्च 2026 (रविवार)
एकादशी तिथि शुरू14 मार्च 2026, सुबह 08:10 बजे से
एकादशी तिथि समाप्त15 मार्च 2026, सुबह 09:16 बजे तक
पारण (व्रत खोलने) का समय16 मार्च 2026, सुबह 06:35 से 09:00 बजे तक

सलाह: कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।

महत्वपूर्ण जानकारी: आपकी समस्या के अनुसार सिद्ध किये गये असली रूद्राक्ष यहां से खरीदें

📖 पापमोचनी एकादशी व्रत कथा (Papmochani Ekadashi Story in Hindi)

पापमोचनी एकादशी (15 मार्च) की सुबह भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी जी की पूजा करते समय अपने हाथ में पीले फूल और अक्षत (चावल) लेकर इस व्रत कथा को पढ़ना या सुनना चाहिए:

धर्मराज युधिष्‍ठिर बोले- हे जनार्दन ! चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी का क्या नाम है तथा उसकी विधि क्या है ? कृपा करके आप मुझे बताइए। श्री भगवान बोले हे राजन् – चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी का नाम पापमोचनी एकादशी है। इसके व्रत के प्रभाव से मनुष्‍य के सभी पापों का नाश होता हैं। यह सब व्रतों से उत्तम व्रत है। इस पापमोचनी एकादशी के महात्म्य के श्रवण व पठन से समस्त पाप नाश को प्राप्त हो जाते हैं। एक समय देवर्षि नारदजी ने जगत् पिता ब्रह्माजी से कहा महाराज ! आप मुझसे चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी विधान कहिए।

प्राचीन समय में चित्ररथ नामक कथा

ब्रह्माजी कहने लगे कि हे नारद! चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी पापमोचनी एकादशी के रूप में मनाई जाती है। इस दिन भगवान विष्णु का पूजन किया जाता हैं। इसकी कथा के अनुसार प्राचीन समय में चित्ररथ नामक एक रमणिक वन था। इस वन में देवराज इन्द्र गंधर्व कन्याओं तथा देवताओं सहित स्वच्छंद विहार करते थे।

अप्सरा का छल और ऋषि का क्रोध

एक बार मेधावी नामक ऋषि भी वहाँ पर तपस्या कर रहे थे। वे ऋषि शिव उपासक तथा अप्सराएँ शिव द्रोहिणी अनंग दासी (अनुचरी) थी। एक बार कामदेव ने मुनि का तप भंग करने के लिए उनके पास मंजुघोषा नामक अप्सरा को भेजा। युवावस्था वाले मुनि अप्सरा के हाव भाव, नृत्य, गीत तथा कटाक्षों पर काम मोहित हो गए। रति-क्रीडा करते हुए 57 वर्ष व्यतीत हो गए।

एक दिन मंजुघोषा ने देवलोक जाने की आज्ञा माँगी। उसके द्वारा आज्ञा माँगने पर मुनि को भान आया और उन्हें आत्मज्ञान हुआ कि मुझे रसातल में पहुँचाने का एकमात्र कारण अप्सरा मंजुघोषा ही हैं। क्रोधित होकर उन्होंने मंजुघोषा को पिशाचनी होने का श्राप दे दिया।

च्यवन ऋषि का मार्गदर्शन

श्राप सुनकर मंजुघोषा ने काँपते हुए ऋषि से मुक्ति का उपाय पूछा। तब मुनिश्री ने पापमोचनी एकादशी का व्रत रखने को कहा। और अप्सरा को मुक्ति का उपाय बताकर पिता च्यवन के आश्रम में चले गए। पुत्र के मुख से श्राप देने की बात सुनकर च्यवन ऋषि ने पुत्र की घोर निन्दा की तथा उन्हें पापमोचनी चैत्र कृष्ण एकादशी का व्रत करने की आज्ञा दी। व्रत के प्रभाव से मंजुघोष अप्सरा पिशाचनी देह से मुक्त होकर देवलोक चली गई।

श्राप से मुक्ति और स्वर्ग की प्राप्ति

अत: हे नारद! जो कोई मनुष्य विधिपूर्वक इस व्रत को करेगा, उसके सारों पापों की मुक्ति होना निश्चित है। और जो कोई इस व्रत के महात्म्य को पढ़ता और सुनता है उसे सारे संकटों से मुक्ति मिल जाती है।

जानें: रुद्राक्ष कौन-कौनसी समस्या को दूर कर सकता हैं?

सलाह: कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।

🌟 प्रसिद्ध ज्योतिषी की सलाह: पापमोचनी एकादशी पर क्या दान करें?

प्रसिद्ध ज्योतिषी और वास्तु विशेषज्ञ पंडित ललित त्रिवेदी जी बताते हैं कि हिंदू नव वर्ष (19 मार्च 2026) से ठीक पहले आने वाली यह एकादशी साल भर के बुरे कर्मों को धोने का अंतिम अवसर होती है।

पापमोचनी एकादशी (15 मार्च) के दिन भगवान विष्णु को पीले फूल और तुलसी दल अवश्य अर्पित करें। इसके साथ ही, पारण वाले दिन (16 मार्च) किसी ब्राह्मण या जरूरतमंद को पीले वस्त्र, चने की दाल और गुड़ का दान करने से कुंडली में गुरु (Jupiter) ग्रह मजबूत होता है। इससे विवाह और कैरियर में आ रही सभी बाधाएं समाप्त हो जाती हैं।

Papmochani Ekadashi Vrat Katha in Hindi PDF ❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: क्या पापमोचनी एकादशी पर चावल खा सकते हैं?

Ans: नहीं! किसी भी एकादशी व्रत में चावल खाना पूर्ण रूप से वर्जित है। मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल खाने से व्यक्ति अगले जन्म में रेंगने वाले जीव (Reptile) की योनि में जन्म लेता है।

Q2: एकादशी की पूजा किस समय करनी चाहिए?

Ans: एकादशी की पूजा सुबह स्नान के बाद ‘लाभ’ या ‘अमृत’ चौघड़िया में करनी चाहिए। 15 मार्च को सुबह 09:30 बजे से 11:00 बजे तक लाभ चौघड़िया रहेगा, जो पूजा के लिए सर्वोत्तम है।

Q3: क्या बिना व्रत रखे भी इस कथा को पढ़ा जा सकता है?

Ans: जी हाँ! यदि आप किसी शारीरिक कारण से निर्जला या फलाहारी व्रत नहीं रख सकते, तो भी 15 मार्च को सात्विक भोजन ग्रहण करें और भगवान विष्णु की इस पावन कथा का पाठ अवश्य करें।

निष्कर्ष: पापमोचनी एकादशी जीवन में अनजाने में हुई भूलों का प्रायश्चित करने और भगवान विष्णु की अपार कृपा पाने का दिन है। 15 मार्च 2026 को Freeupay.in पर दी गई इस व्रत कथा का पूरे परिवार के साथ पाठ करें। आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होगा।

वैदिक उपाय और 30 साल फलादेश के साथ जन्म कुंडली बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े

10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Leave a Comment

Call Us Now
WhatsApp
We use cookies in order to give you the best possible experience on our website. By continuing to use this site, you agree to our use of cookies.
Accept