Sheetala Mata Mantra 2026: शीतला अष्टमी पर माता को प्रसन्न करने के लिए जपें ये 6 अचूक मंत्र, घर में कभी नहीं आएगी कोई गंभीर बीमारी
Sheetala Mata Mantra 2026: हमारे हिंदू धर्म रोजाना कोई ना कोई महा उसत्व बनाया जाता रहता है, होली के रंगों की खुमारी उतरने के बाद, अब बारी है सबसे पवित्र और स्वास्थ्यवर्धक पर्व शीतला अष्टमी (बसोड़ा) की तैयारियां करने की माता शीतला को स्वच्छता, आरोग्य और शीतलता की देवी के रूप में पूजा की जाती है।
हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।
हर समस्या का फ्री उपाय (Free Upay) जानने के लिए हमारे WhatsApp Channel (व्हात्सप्प चैनल) से जुड़ें: यहां क्लिक करें (Click Here)

इस दिन शीतला माता को बासी ठंडे भोजन का भोग लगाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शीतला अष्टमी की पूजा बिना विशेष मंत्रों के अधूरी मानी जाती है? अगर आप अपने बच्चों और परिवार को चेचक, खसरा (Measles), और स्किन की गंभीर बीमारियों से बचाना चाहते हैं, तो पूजा के समय माता के सिद्ध मंत्रों का जाप अवश्य करना चाहिए। Freeupay.in के इस विशेष लेख में जानें शीतला माता के वे अचूक मंत्र, जो आपके घर को एक ‘सुरक्षा कवच’ प्रदान करेंगे।
ऑनलाइन सलाह (Online): कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन (Call Button) पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।
महत्वपूर्ण जानकारी: एक सिद्ध किया हुआ असली रूद्राक्ष आपकी दशा और दिशा दोनों बदल सकता हैं? अभी यहां से खरीदें
ऑफलाइन सलाह (Offline): कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए हमसे मिलने के लिए यहाँ तुरंत सम्पर्क करें: क्लिक हियर (Click Here)।
🙏 शीतला माता के 6 चमत्कारी ‘महा-मंत्र’ (Sheetala Mata Mantras)
प्रसिद्ध ज्योतिषी और वास्तु विशेषज्ञ पंडित ललित त्रिवेदी जी के अनुसार, शीतला माता की पूजा अर्चना करते समय अपनी जरूरत और परेशानी के हिसाब से इन 6 मंत्रों में से किसी भी एक मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए:
1. शीतला माता वंदना मंत्र (सबसे शक्तिशाली)
जब भी आप शीतला माता की मूर्ति या तस्वीर के सामने बैठकर पूजा अर्चना करें, तो सबसे पहले माता के स्वरूप का ध्यान करते हुए इस मूल मंत्र का 11 बार जाप करना चाहिए:
- मंत्र: वन्देऽहं शीतलां देवीं रासभस्थां दिगम्बराम्। मार्जनीकलशोपेतां शूर्पालङ्कृतमस्तकाम्।।
- अर्थ: मैं गर्दभ (गधे) पर सवार, दिगंबरा, हाथ में झाड़ू और कलश धारण करने वाली तथा सूप से अलंकृत मस्तक वाली माता शीतला की वंदना करता हूँ।
- लाभ: इस शीतला माता मंत्र का जाप शीतला सप्तमी और अष्टमी व्रत पूजा में किया जाता हैं। इस मंत्र के जाप करने से जातक हमेशा निरोग रहता हैं । साथ ही इस मंत्र का संताष्टमी वाले दिन व्रत करके भगवान श्रीकृष्ण और माता देवकी का विधिवत पूजा करके मध्य-काल में सात्विक पदार्थों का भोग लगाना चाहिए। ऐसा करने से पुण्य ही नहीं मिलता बल्कि समस्त दुखों का भी निवारण होता है। एवं माता को तुरंत प्रसन्न किया जा सकता है और घर में सुख-शांति लाता है।
जानें: रुद्राक्ष कौन-कौनसी समस्या को दूर कर सकता हैं?
सलाह: कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।
2. रोगों से मुक्ति और स्वास्थ्य के लिए मंत्र (Health Mantra)
जिन व्यक्ति के घर में कोई सदस्य बार-बार बीमार होता हो, या उसे किसी प्रकार की त्वचा संबंधी बीमारी हो, तो पूजा करते समय इस बीज मंत्र का 108 बार (रुद्राक्ष या लाल चंदन की माला से) जाप करें:
- मंत्र: || ॐ ह्रीं श्रीं शीतलायै नमः ||
- लाभ: इस मंत्र के प्रभाव से शरीर का तापमान (बुखार) नियंत्रित रहता है और रक्त शुद्ध होता है। और शीतला माता का यह मंत्र का देवी शीतला की नित्य आराधना करते समय जाप करने से आपके ऊपर माँ की कृपा बनी रहती है और आपके घर-परिवार की सभी विपत्तियों का नाश करती हैं। साथ ही यह देवी शीतला माता का पौराणिक मंत्र हैं इसलिए इसका जाप से सभी संकटों से मुक्ति मिलती है और समाज में मान-सम्मान, पद और गरिमा की भी वृद्धि होती है।
3. बच्चों की सुरक्षा का सरल मंत्र (For Children’s Protection)
जो माताएं संस्कृत के कठिन मंत्र नहीं पढ़ सकतीं, वे अपने बच्चों के सिर पर हाथ रखकर माता शीतला का ध्यान करते हुए इस बेहद सरल मंत्र का 51 बार जाप कर सकती हैं:
- मंत्र: || ॐ शीतला मातायै नमः ||
- लाभ: यह मंत्र बच्चों के इर्द-गिर्द एक अदृश्य सुरक्षा घेरा बना देता है, जिससे बुरी नजर और मौसमी बीमारियां दूर रहती हैं।
4. शीतला माता मंत्र (Sheetala Mata Mantra)
ऐसे जातक जो माता से अपनी मनोकामना पूरी करवाना चाहते हो या असाध्य रोगों से पीड़ित हो:
- मंत्र: || शीतले त्वं जगन्माता शीतले त्वं जगत्पिता। शीतले त्वं जगद्धात्री शीतलायै नमो नमः ||
- अर्थ: हे देवी शीतला! आप ही इस संसार की आदि माता हैं, आप ही पिता हैं और आप ही इस चराचर जगत को धारण करतीं हैं, अतः आप को बारंबार नमस्कार है।
- लाभ: शीतला माता मंत्र का जाप करने से जातक की हर तरह की मनोकामना पूरी होती हैं। और जातक के कुल में अगर कोई असाध्य रोगों से पीड़ित हो, तो माता शीतला जी के आशीर्वाद से वह सभी रोग दूर हो जाते हैं।
5. शीतला माता मंत्र (For Health Protection Mantra)
ऐसे व्यक्ति जो विभिन्न चर्मरोगों से हमेशा परेशां रहते हो तो:
- मंत्र: || “शीतला: तू जगतमाता, शीतला: तू जगतपिता, शीतला: तू जगदात्री, शीतला: नमो नम:॥” ||
- लाभ: इस शीतला माता मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है। साथ ही इस मंत्र के जाप करने से व्यक्ति दैहिक तापों ज्वर (तेज़ बुखार), राज्यक्ष्मा, संक्रमण और अन्य विषाणुओं आदि के दुष्प्रभावों से मुक्ति दिलाती हैं। साथ ही शीतला माँ की साधना से शीतला ज्वर, चेचक, कुष्ठ, रोग, दाहज्वर, पीतज्वर, फोड़े और कई तरह के चर्मरोगों आदि से छुटकारा मिलता है।
6. शीतला माता ध्यान मंत्र (Dhyan Mantra)
नीचे बताये गये मंत्र का प्रयोग नित्य शीतला माता की पूजा करते समय ध्यान करने के लिए किया जाता है:
- मंत्र: || ध्यायामि शीतलां देवीं, रासभस्थां दिगम्बराम्। मार्जनी-कलशोपेतां शूर्पालङ्कृत-मस्तकाम् ||
सलाह: कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।
महत्वपूर्ण जानकारी: आपकी समस्या के अनुसार सिद्ध किये गये असली रूद्राक्ष यहां से खरीदें
🌸 मंत्र जाप की सही विधि और नियम (Rules of Chanting)
शीतला माता के जप किये गये मंत्रों का पूरा फल जातक को तभी मिलता है जब उन्हें सही नियमों के साथ जपा जाए:
- समय: शीतला अष्टमी के दिन सुबह जल्दी (सूर्योदय से पहले) उठकर नित्य कर्म से निवृत होकर ठंडे पानी से स्नान करें।
- आसन: इसके बाद साफ कपड़े पहनकर कुशा या ऊनी आसन पर बैठें।
- भोग: शीतला माता को ‘बासी भोजन’ (जैसे- मीठे चावल, पुए, राबड़ी, हलवा) का भोग अर्पित करें, जो एक दिन पहले (शीतला सप्तमी की रात) को बनाया गया था।
- जल अर्पण: अब अपनी पूजा विधि और मंत्र जाप करने के बाद माता को चढ़ाया गया थोड़ा सा जल घर ले आएं। इस पवित्र जल को (नीम के पत्तों के साथ) को अपने पूरे सदस्यों और घर में सभी जगह छिड़काव करें और विशेषकर बच्चों की आंखों पर जरुर लगाएं।
🌿 शीतला अष्टमी पर नीम (Neem) का महत्व
ज्योतिष आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी जी बताते हैं कि माता शीतला की पूजा अर्चना करते समय नीम के पत्तों का प्रयोग करना अनिवार्य बताया गया है। शीतला माता मंत्र का जाप करते समय व्यक्ति को अपने पास एक नीम की टहनी जरूर रखनी चाहिए। इस बात को विज्ञान भी मानता है कि चैत्र मास में मौसम बदलता है और इसमें बैक्टीरिया बढ़ते हैं। ऐसे में नीम और माता के मंत्रों की ध्वनि से घर के वातावरण को पूरी तरह शुद्ध किया जा सकता है।
Sheetala Mata Mantra 2026 ❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: क्या इन मंत्रों का जाप केवल शीतला अष्टमी पर ही कर सकते हैं?
Ans: नहीं! वैसे तो बसोड़ा (शीतला अष्टमी) का दिन सबसे उत्तम है, लेकिन घर में किसी को चेचक या गंभीर बुखार होने पर आप किसी भी दिन माता के इन मंत्रों का जाप कर सकते हैं।
Q2: शीतला माता को गर्म भोजन क्यों नहीं चढ़ाया जाता?
Ans: माता शीतला ‘शीतलता’ (ठंडक) की प्रतीक हैं। गर्म भोजन चढ़ाने से माता क्रोधित हो सकती हैं। इसीलिए इस दिन घरों में चूल्हा नहीं जलता और केवल ठंडा भोजन (बसोड़ा) ही खाया जाता है।
Q3: मंत्र जाप के समय किस दिशा में मुख करना चाहिए?
Ans: पूजा और मंत्र जाप करते समय आपका मुख उत्तर (North) या पूर्व (East) दिशा की ओर होना चाहिए।
निष्कर्ष: बदलते मौसम की बीमारियों से परिवार को बचाने के लिए माता शीतला की आराधना सबसे कारगर उपाय है। आने वाले शीतला अष्टमी पर्व पर Freeupay.in पर दिए गए इन मंत्रों का सच्चे मन से जाप करें, आपके घर में आरोग्य और खुशहाली का वास होगा।
वैदिक उपाय और 30 साल फलादेश के साथ जन्म कुंडली बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े
10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े
