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Sawan Somvar Vrat Puja Vidhi 2026: Step-by-Step Guide, Samagri List & Katha सावन सोमवार 2026: जानें संपूर्ण पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और सामग्री लिस्ट

Sawan Somvar Vrat Puja Vidhi: सावन सोमवार व्रत पूजा विधि सावन मास के सोमवार का अपना महत्व माना जाता है क्योंकि सावन मास में भगवान शिव जी की विशेष रूप से पूजा होती है और सोमवार तो भगवान शिव जी का वार है ही इस कारन सावन के सोमवार का अपना कुछ विशेष महत्व है। कहते है की जो भी व्यक्ति सावन के पुरे उपवास रखता हो या सावन के सोमवार का ही उपवास रखता हो उसे सावन के हर दिन स्कन्ध पुराण का एक अध्याय पढ़ना चाहिए। जो भी जातक नियम रूप से सावन मास का उपवास रखता है उसे भगवान शिव जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और उसकी इच्छित मनोकामना भी पूरी हो जाती है।

Sawan Somvar Vrat Puja Vidhi 2026: सावन में इस चमत्कारी विधि से करें शिव पूजा, रातों-रात पूरी होगी हर मुराद

हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।

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Sawan Somvar Vrat Puja Vidhi
Sawan Somvar Vrat Puja Vidhi

अक्सर लोग व्रत तो रख लेते हैं, लेकिन सही पूजा विधि (Puja Vidhi) और सामग्री की जानकारी न होने के कारण उन्हें व्रत का पूर्ण फल नहीं मिल पाता। भगवान शिव अत्यंत भोले हैं, वे केवल एक लोटा जल और सच्ची श्रद्धा से ही प्रसन्न हो जाते हैं, लेकिन शास्त्रों में बताई गई Sawan Somvar Vrat Puja Vidhi करने पर इसका पुण्य अनंत गुना बढ़ जाता है। Freeupay.in के इस विशेष लेख में विस्तार से जानिए सावन सोमवार व्रत की संपूर्ण पूजा विधि, सामग्री और चमत्कारिक लाभ।

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🌺 क्विक लिस्ट: सावन सोमवार पूजा सामग्री लिस्ट (Puja Samagri)

सावन सोमवार व्रत पूजा सामग्री (Sawan Somvar Vrat Puja Vidhi) जानकारी पाने के लिए इस टेबल को पढ़ें। सावन सोमवार की पूजा शुरू करने से पहले यह सामग्री अवश्य एकत्रित कर लें:

पूजा का चरण (Puja Step)आवश्यक पूजन सामग्री (Required Items)
शिवलिंग अभिषेक के लिएगंगाजल, शुद्ध जल, गाय का कच्चा दूध, दही, घी, शहद, शक्कर (पंचामृत)।
महादेव के श्रृंगार के लिएसफेद चंदन, भस्म (राख), रोली, अक्षत (बिना टूटे चावल), मौली (कलावा)।
शिव जी की प्रिय वस्तुएं108 बेलपत्र, भांग, धतूरा, मदार (आंकड़े) के फूल, शमी के पत्ते, दूर्वा।
नैवेद्य और आरती के लिएऋतुफल (मौसमी फल), मिठाई, गाय का घी, दीपक, धूपबत्ती, कपूर, लौंग, इलायची।
पूजा का सर्वश्रेष्ठ समयसावन सोमवार के दिन ‘प्रदोष काल’ (सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और बाद का समय) पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ है।

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📿 सावन सोमवार की संपूर्ण पूजा विधि (Step-by-Step Puja Vidhi)

सावन के सोमवार को भगवान शिव की पूजा अत्यंत सात्विक और शांतिपूर्ण ढंग से की जाती है। इस प्रामाणिक विधि (Sawan Somvar Vrat Puja Vidhi) का पालन करें:

  1. ब्रह्म मुहूर्त में स्नान: सावन सोमवार व्रत पूजा करने वाले व्रती को सूर्योदय से पूर्व उठकर घर की साफ-सफाई करके नित्य कर्म से निवृत होकर पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करके साफ़ वस्त्र पहनकर अपने पास वाले भगवान शिव के मंदिर या अपने घर के मंदिर में जाये।
  2. व्रत का संकल्प: इसके बाद व्य्करी को अपने दाहिने हाथ में जल और कुछ अक्षत लेकर भगवान शिव का ध्यान करते हुए पूरे दिन निराहार या फलाहार व्रत रखने का संकल्प लें।
  3. शिवलिंग का महाभिषेक: यदि आपके घर में पारद या नर्मदेश्वर शिवलिंग हो तो या फिर शिव मंदिर जाकर आसन पर बैठकर शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाएं और उसके बाद पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और शक्कर) और जल से अभिषेक करें। पूजा करें। अभिषेक और स्नान करवाते समय लगातार “ॐ नम: शिवाय” या “नम: शिवाय” मंत्र का जाप करते रहें।
  4. श्रृंगार और भस्म: इसके बाद शिवलिंग को एक साफ कपड़े से पोंछकर शिवलिंग पर चंदन का लेप करके त्रिपुंड बनाएं और भस्म अर्पित करें। माता पार्वती और गणेश जी को रोली का तिलक लगाएं।
  5. प्रिय वस्तुएं अर्पित करना: अब महादेव को मोली व जनेऊ चढ़ाये उसके बाद शिवलिंग पर वस्त्र, दूर्वा, बेलपत्र, आक के फुल, धतुरा, भांग, पान, सुपारी, लोंग, इलायची आदि अर्पित करें।
  6. नैवेद्य (भोग) और आरती: शिव जी को फल, पंचमेवा या घर में बनी खीर या मिष्ठान का भोग लगाएं। दक्षिणा अर्पित करें। फिर घी का दीपक जलाये। इसके बाद ‘सावन सोमवार व्रत कथा’ का पाठ करें। अंत में कपूर जलाकर भगवान शिव जी की आरती करें।
  7. क्षमा याचना: पूजा के अंत में अनजाने में हुई किसी भी भूल के लिए क्षमा मांगें और अपनी मनोकामना महादेव के समक्ष रखें।
  8. व्रत का नियम: दिनभर सात्विक फलाहार (जैसे साबूदाना, फल, दूध) ग्रहण करें। सूर्यास्त के बाद भगवान की आरती करके सेंधा नमक से बना फलाहार या एक समय का मीठा भोजन कर सकते हैं।

📿सावन के सोमवार को शिवलिंग पर यह चढ़ाना ना भूलें

  • सावन के प्रथम सोमवार (Pahala Somavar) को कच्चे चावल की एक मुट्ठी चढ़ाये।
  • सावन के दूसरे सोमवार (Dusra Somavar) को सफेद तिल की एक मुट्ठी चढ़ाये।
  • सावन के तीसरे सोमवार (Tisra Somavar) को खड़े मूंग की एक मुट्ठी चढ़ाये।
  • सावन के चौथे सोमवार (Chotha Somavar) को जौ की एक मुट्ठी चढ़ाये।
  • सावन में अगर पांचवां सोमवार भी आ जाता है, तो सतुआ की एक मुट्ठी चढ़ाये।

संपर्क करें- पंडित ललित त्रिवेदी (+91-9667189678)

किसी भी प्रकार के ज्योतिष एवं वास्तु संबंधी परामर्श के लिए वास्तु ज्योतिष पंडित ललित त्रिवेदी से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं, जैसे कि धन, स्वास्थ्य, व्यापार, करियर, नौकरी आदि जैसी समस्याएं। वास्तु विजिट भी करवा सकते हैं, तथा वास्तु परामर्श भी प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी प्रकार के कुंडली मिलान, विवाह मुहूर्त, गृह प्रवेश या अन्य सभी प्रकार के मुहूर्त एवं शुभ समय निकलवाने के लिए तुरंत संपर्क करें।

जानें: रुद्राक्ष कौन-कौनसी समस्या को दूर कर सकता हैं?

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🌟 चंद्र दोष निवारण और मानसिक शांति का अचूक ज्योतिषीय रहस्य

शक्ति विहार, कोटपूतली (राजस्थान) के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ पंडित ललित त्रिवेदी जी स्पष्ट करते हैं कि वैदिक ज्योतिष में भगवान शिव चंद्रमा को अपने मस्तक पर धारण करते हैं। सावन का महीना और सोमवार का दिन, दोनों ही चंद्र ग्रह (Moon) को अत्यंत बलवान बनाते हैं। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में चंद्रमा नीच का है या राहु-केतु के साथ ‘ग्रहण दोष’ बना रहा है, तो व्यक्ति को भयंकर डिप्रेशन, अज्ञात भय और अस्थमा जैसी बीमारियां घेर लेती हैं।

सावन के पवित्र महीने में इस भयंकर चंद्र दोष को 100% शून्य करने और भगवान शिव-पार्वती की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए ‘गौरी-शंकर रुद्राक्ष’ या ‘2 मुखी रुद्राक्ष’ (2 Mukhi Rudraksha) गले में धारण करना सबसे अमोघ ज्योतिषीय ‘कवच’ है। सावन सोमवार के दिन इसे शिवलिंग से स्पर्श कराकर धारण करने से मानसिक तनाव तुरंत खत्म होता है, वैवाहिक जीवन की खटास दूर होती है और व्यक्ति का मन पूरी तरह से शांत और एकाग्र हो जाता है।

⚠️ सावन सोमवार पूजा के 3 कड़े नियम (भूलकर भी न करें ये गलतियां)

  1. कुमकुम या सिंदूर न चढ़ाएं: भगवान शिव वैरागी हैं। शिवलिंग पर भूलकर भी सिंदूर, कुमकुम या हल्दी न चढ़ाएं। ये वस्तुएं केवल माता पार्वती को अर्पित की जाती हैं।
  2. तुलसी और केतकी के फूल वर्जित: शिव पूजा में तुलसी दल (तुलसी के पत्ते) और केतकी के फूलों का प्रयोग पूरी तरह से वर्जित है। इसके उपयोग से पूजा का फल नष्ट हो जाता है।
  3. जल की दिशा: शिवलिंग पर जल हमेशा उत्तर दिशा की ओर मुख करके चढ़ाना चाहिए और शिवजी की कभी भी पूरी परिक्रमा नहीं करनी चाहिए (जल निकासी वाले स्थान को लांघना अशुभ होता है)।

Sawan Somvar Vrat Puja Vidhi 2026❓अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: सावन सोमवार का व्रत कैसे खोला जाता है?

Ans: सावन सोमवार का व्रत शाम के समय (प्रदोष काल) में भगवान शिव की पूजा और आरती करने के बाद खोला जाता है। आप सेंधा नमक का प्रयोग कर सकते हैं या मीठा फलाहार ले सकते हैं।

Q2: यदि बेलपत्र न मिले तो क्या करें?

Ans: यदि ताज़े बेलपत्र उपलब्ध न हों, तो आप शिवलिंग पर पहले से चढ़े हुए बेलपत्रों को धोकर पुनः अर्पित कर सकते हैं। बेलपत्र कभी बासी नहीं होते।

Q3: क्या कुंवारी कन्याएं सावन सोमवार का व्रत कर सकती हैं?

Ans: जी हाँ! सुयोग्य और मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए कुंवारी कन्याओं के लिए सावन सोमवार का व्रत करना सबसे उत्तम और शीघ्र फलदायी माना गया है।

निष्कर्ष: सावन सोमवार की पूजा केवल एक कर्मकांड नहीं, बल्कि महादेव के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा और प्रेम व्यक्त करने का एक सुंदर मार्ग है। Freeupay.in पर बताई गई इस प्रामाणिक पूजा विधि और नियमों का पूरी निष्ठा के साथ पालन करें। नीलकंठ महादेव की कृपा से आपके जीवन के सभी दुख दूर होंगे और घर में धन-धान्य की वर्षा होगी।

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