Makar Sankranti Puja Vidhi 2026: इस विधि से दें सूर्य को अर्घ्य, घर में आएगी सुख-समृद्धि
Makar Sankranti Puja Vidhi: हमारे हिंदू धर्म के अनुसार मकर संक्रांति का पर्व एवं त्यौहार को सूर्य उपासना और दान-पुण्य करने का सबसे ज्यादा महत्व माना जाता है। साल 2026 में यह मकर संक्रांति का पावन पर्व 14 जनवरी, बुधवार को मनाया जा रहा है। आज के दिन यानि इस दिन सूर्य देव धनु राशि से मकर राशि (Capricorn) में प्रवेश करते हैं, इसलिए इसे “मकर संक्रांति” के नाम से जाना जाता है और इसी दिन से उत्तरायण (Uttarayan) का आरंभ होता है।
हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।
हर समस्या का फ्री उपाय (Free Upay) जानने के लिए हमारे WhatsApp Channel (व्हात्सप्प चैनल) से जुड़ें: यहां क्लिक करें (Click Here)

🧿 लैब सर्टिफाइड और अभिमंत्रित सिद्ध रुद्राक्ष पाने के लिए तुरंत कॉल करें मोबाइल नंबर: 9667189678
Freeupay.in के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि 2026 में मकर संक्रांति का पुण्य काल (Shubh Muhurat) कब से कब तक है, मकर संक्रांति पूजा की सही विधि क्या है और इस दिन किन-किन चीजों का दान करना शुभ माना जाता है।
📅 मकर संक्रांति 2026: 14 या 15 जनवरी? (Confused Date?)
इस साल 2026 में सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी को दोपहर 03 बजकर 05 मिनट को हो रहा है। इसलिए उदयातिथि और पुण्य काल के अनुसार, मकर संक्रांति का पर्व इस साल 14 जनवरी 2026 (बुधवार) के दिन को मनाया जाएगा।
शुभ मुहूर्त (Makar Sankranti 2026 Shubh Muhurat)
| संक्रांति तिथि: | 14 जनवरी 2026, बुधवार |
| महापुण्य काल (स्नान-दान का श्रेष्ठ समय): | दोपहर 03:05 बजे से सांय 05:00 बजे तक |
| पुण्य काल: | दोपहर 03:05 बजे से शाम 05:55 बजे तक (सूर्यास्त तक) |
(नोट: महापुण्य काल में किया गया दान और स्नान अन्य दिनों से 100 गुना अधिक फलदायी होता है।)
📋 मकर संक्रांति पूजा सामग्री लिस्ट (Puja Samagri List)
इस मकर संक्रांति पूजा विधि में सफ़ेद या काले तिल के बने लड्डू, जल से भरा लोटा, चावल, रोली, सामर्थ अनुसार दक्षिणा, 14 सुहागिन महिलाओं को देने के लिए कोई भी 14 वस्तु, मिठाई में घेवर।
🙏 मकर संक्रांति पूजा विधि (Step-by-Step Puja Vidhi)
मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य की पूजा करने से रोग, दोष और दरिद्रता दूर होती है। पूजा की सरल विधि इस प्रकार है:
- पवित्र स्नान (Holy Bath): व्यक्ति को सुबह जल्दी ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्म से निवृत होकर नहाने के पानी में गंगाजल, काले तिल और थोड़ा सा गुड़ मिलाकर स्नान करना चाहिए। यदि गंगा स्नान संभव हो तो जरू करें।
- सूर्य अर्घ्य (Surya Arghya): स्नान के बाद व्यक्ति को तांबे के लोटे में जल, लाल फूल, लाल चंदन, काले तिल और गुड़ डालकर “ॐ घृणि सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करते हुए सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए।
- ध्यान और मंत्र: वही पर लाल आसन बिछाकर उस पर बैठकर सूर्य गायत्री मंत्र या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए।
- खिचड़ी का भोग: इसके बाद अपने घर के मंदिर में भगवान श्री विष्णु और सूर्य देव को उड़द दाल की बनी खिचड़ी (Khichdi) में घी डालकर भोग लगाना चाहिए।
- पितृ तर्पण: मकर संक्रांति के दिन सभी व्यक्तियों को अपने पितरों के नाम से जल और तिल छोड़ना बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा करने से पितृ दोष शांत होता है।
- बायना निकालना: पहले आप बायना निकालने के लिए एक थाली में 2 घेवर, तिल के लड्डू व अपने सामर्थ के अनुसार दक्षिणा रख लें। बायने की थाली में पहले रोली व चावल के छीटें दें। उसके बाद स्वयं के तिलक निकाले। उसके बाद यह बायना अपनी सास को दें दे। यदि आपकी सास नही है तो ननद, जेठानी या किसी भी ब्राहमण स्त्री को दे सकते है। उसके बाद इसी तरह 14 वस्तुओं के भी रोली का टीका लगा दें, जल व चावल के छीटें मारकर हाथ जोड़ लें। और उसके बाद इसे 14 सुहागिनों में बाँट दें।
- व्रत विधि: यदि आप मकर संक्रांति का उपवास करते है तो दिन में केवल एक बार ही भोजन करना चाहिए। व सूर्य देव की स्तुति करनी चाहिए। यदि हो सके तो मकर संक्रांति के दिन किसी तीर्थ पर जाकर स्नान करना चाहिए व दान पुण्य करना चाहिए। आप इस दिन अपने पितृ का तर्पण भी कर सकते है।
🔥 मकर संक्रांति पर क्या दान करें? (Daan Items List)
हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि मकर संक्रांति के दिन किया आपके हाथों से किया गया दान सीधे ईश्वर तक पहुँचता है। इन दिन खास रूप से इन 5 चीजों का दान जरूर करें:
- काले तिल: इससे शनि दोष दूर होता है।
- गुड़: व्यक्ति का सूर्य ग्रह मजबूत होगा और मान-सम्मान बढेगा।
- खिचड़ी (चावल-उड़द दाल): जातक के घर में वर्ष भर सुख-शांति बनी रहती है।
- ऊनी वस्त्र (कंबल): राहु-केतु के अशुभ और दुष्प्रभावों से बचा जा सकता है।
- नमक और घी: व्यक्ति को लक्ष्मी प्राप्ति होती है।
🕉️ मकर संक्रांति पूजा मंत्र (Makar Sankranti Puja Mantra for Success)
मकर संक्रांति पर पूजा करते समय और सूर्य देव को अर्घ्य देते समय नीचे बताये गये इन मंत्रों का जाप अवश्य करें:
- ॐ सूर्याय नम: ।
- ॐ आदित्याय नम:।
- ॐ सप्तार्चिषे नम:।
- ॐ ऋड्मण्डलाय नम:।
- ॐ सवित्रे नम:।
- ॐ वरुणाय नम:।
- ॐ सप्तसप्त्ये नम:।
- ॐ मार्तण्डाय नम:।
- ॐ विष्णवे नम:।
🕉️ सूर्य मंत्र (Surya Mantra for Success)
मकर संक्रांति के दिन पूजा करते समय सूर्य मंत्र जाप किया जाना चाहिए और सूर्य देव की पूजा की जानी चाहिए। सूर्य मंत्र: “ॐ हरेम हरेम ह्रौम्म साह सूर्य्या नमः।
❓ Makar Sankranti Puja Vidhi 2026: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: 2026 में मकर संक्रांति कब है?
Ans: साल 2026 में मकर संक्रांति 14 जनवरी, बुधवार को मनाई जाएगी।
Q2: मकर संक्रांति को खिचड़ी क्यों कहते हैं?
Ans: इस दिन चावल और काली उड़द की दाल (खिचड़ी) खाने और दान करने की विशेष परंपरा है, इसलिए इसे ‘खिचड़ी पर्व’ भी कहते हैं।
Q3: क्या मकर संक्रांति के दिन बाल धो सकते हैं?
Ans: महिलाएं इस दिन बाल धो सकती हैं, लेकिन स्नान के पानी में तिल और गंगाजल मिलाना अनिवार्य है।
निष्कर्ष: मकर संक्रांति अंधकार से प्रकाश की ओर जाने का पर्व है। 14 जनवरी 2026 को Freeupay.in द्वारा बताई गई विधि से सूर्य उपासना करें और तिल-गुड़ का दान करें। आपका जीवन सूर्य की तरह चमक उठेगा।
वैदिक उपाय और 30 साल फलादेश के साथ जन्म कुंडली बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े
10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े
