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Nav Griha Pravesh Puja Vidhi 2026: नए घर में गृह प्रवेश की संपूर्ण विधि, सामग्री लिस्ट और नियम

Nav Griha Pravesh Puja Vidhi 2026: नए घर में सुख-शांति के लिए इस विधि से करें गृह प्रवेश, जानें नियम और मंत्र

Nav Griha Pravesh Puja Vidhi: हमारे सनातन धर्म में अपने नए घर में प्रवेश करना एक बहुत बड़ा उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इसे ‘गृह प्रवेश’ (Griha Pravesh) के नाम से जाना चाहता हैं। धार्मिक मान्यता है कि किसी शुभ मुहूर्त और सही पूजा विधि-विधान से नव घर में प्रवेश करने से उस घर के व्यक्ति को वहां सदैव सुख, समृद्धि और शांति का वास की प्राप्ति होती है और वहां मौजूद किसी भी तरह का वास्तु दोष (Vastu Dosh) दूर होते हैं।

हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।

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Nav Griha Pravesh Puja Vidhi 2026
Nav Griha Pravesh Puja Vidhi 2026

अगर आप भी इस वर्ष 2026 में बनाये गये अपने सपनों के आशियाने में जा रहे हैं, तो Freeupay.in का यह लेख आपके लिए हो सकता है। यहाँ हम आपको बता रहे हैं नए गृह प्रवेश की संपूर्ण पूजा विधि, सामग्री लिस्ट और उनके कुछ नियमों के बारे में जिनका पालन करना आपके लिए जरूरी है।

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सलाह: नव गृह प्रवेश मुहूर्त जानने एवं निकलवाने के लिए नीचे दिए गये कॉल बटन पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।

जानें: जनवरी 2026 में आने वाले नव गृह प्रवेश के शुभ मुहूर्त

📋 गृह प्रवेश पूजा सामग्री लिस्ट (Griha Pravesh Samagri List)

नव गृह पूजा शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि आपके पास नीचे बताई गई ये आवश्यक सामग्री मौजूद हो:

  • पूजा के लिए: गणेश जी और लक्ष्मी जी की मूर्ति या तस्वीर, कलश (तांबा या पीतल), नारियल, शुद्ध जल, पांच शुभ मांगलिक वस्तुएं, 5 या 7आम या अशोक के पत्ते,, गंगाजल, हल्दी, कुमकुम, अक्षत (चावल), रोली, मौली (कलावा), अबीर, गुलाल, धूपबत्ती, पीली हल्दी, गुड़, दूध आदि।
  • हवन के लिए: हवन कुंड, आम की लकड़ी (हवन की लकड़ी), हवन सामग्री, शुद्ध घी (हो सके तो गाय का), कपूर, काले तिल, जौ।
  • अन्य सामग्री: फूल, फूलों की माला (द्वार के लिए तोरण), रंगोली के रंग, दीपक, फल और मिठाई।

🙏 नव गृह प्रवेश पूजा विधि: स्टेप-बाय-स्टेप (Step-by-Step Puja Vidhi)

गृह प्रवेश की पूजा मुख्य रूप से द्वार पूजा (Entrance Puja), रसोई पूजा (Kitchen Puja) और वास्तु शांति (Havan) के रूप में की जाती है।

1. द्वार पूजा और तोरण (Entrance Decor)

नए गृह प्रवेश में प्रवेश करने से पहले घर के मुख्य द्वार को फूलों, आम और अशोक के पत्तों के बने तोरण (Bandanwar) से सजाना चाहिए। मुख्य दरवाजे के दोनों तरफ “ॐ” ओर “स्वास्तिक” का चिन्ह बना चाहिए साथ ही रंगोली भी बनाये। क्योंकि घर के मुख्य द्वार ही लक्ष्मी के आगमन का रास्ता होता है। जितना हो सके अपने नय घर को फूलों से सजाना चाहिए।

2. कलश स्थापना और प्रवेश (Kalash Sthapana)

  • मंगल कलश में गंगाजल मिश्रित शुद्ध जल भरकर उसमें एक सिक्का, सुपारी और दूर्वा डाल दें।
  • कलश के मुख पर आम या अशोक के आठ पत्तों के बीच नारियल (जटा वाला) रखें और नारियल को रखने से उस पर लाल कपड़ा और कलावा बांध लें। कलश व नारियल पर कुमकुम से स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं।
  • नए घर में प्रवेश के समय घर के स्वामी और स्वामिनी को कलश सहित पांच मांगलिक वस्तुएं नारियल, पीली हल्दी, गुड़, चावल, दूध अपने साथ लेकर नए घर में प्रवेश करना चाहिए।
  • भगवान श्री गणेश जी की मूर्ति, दक्षिणावर्ती शंख, श्री यंत्र को गृह प्रवेश वाले दिन घर में ले जाना चाहिए। मंगल गीतों के साथ नए घर में प्रवेश करना चाहिए।

3. कौन सा पैर पहले रखें? (Right Foot Rule)

गृह प्रवेश करते समय नियम का ध्यान रखें:

  • पुरुष (Male): अपना दाहिना पैर (Right Foot) बढ़ाकर नए घर में प्रवेश करें।
  • महिला (Female): अपना बायां पैर (Left Foot) बढ़ाकर नए घर में प्रवेश करें।
  • (नोट: कई परंपराओं में जोड़ी को साथ में दाहिना पैर रखकर प्रवेश करने को कहा जाता है, अपने कुल पुरोहित से सलाह लें)

जानें: गृह प्रवेश में जरूर रखें ये रुद्राक्ष, घर में नहीं होगा वास्तु दोष

4. वास्तु पूजा और गणेश स्थापना (Vastu Puja)

इसके बाद नए घर के “ईशान कोण” (North-East उत्तर – पूर्व के बीच) में एक चौकी बिछाकर भगवान श्री गणेश की फोटो या प्रतिमा को स्थापित करें फिर थोड़े चावल रखकर कलश की स्थापना करें। इसके बाद “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र जाप के साथ श्री गणेश जी की पूजा अर्चना करें। इसके बाद वास्तु देव की पूजा अर्चना करें ताकि घर के सभी प्रकार के वास्तु दोष दूर हो जाये।

5. रसोई पूजा: दूध उबालना (Kitchen Ritual)

नए घर में गृह प्रवेश करने के यह सबसे महत्वपूर्ण रस्म है।

  • घर की महिला नए घर की कीचन में गैस चूल्हा, पानी रखने के स्थान और स्टोर की जगह धूप, दीपक के साथ कुमकुम, हल्दी, चावल आदि से पूजन कर “स्वस्तिक चिन्ह” बना देने चाहिए।
  • पहले दिन रसोई में गुड़ व हरी सब्जी रखना चाहिए।
  • अब चूल्हे पर दूध उफानना चाहिए ।
  • इसके बाद दूध को जानबूझकर थोड़ा उबालना दें यानिकी गिरने दें।
  • यह घर आपके घर में धन-धान्य की प्रचुरता का प्रतीक है।
  • फिर इसी उबले दूध की खीर बनाकर सबसे पहले अपने भगवान को भोग लगाए।
  • यदि संभव हो तो हलुआ या लापसी बनाये।
  • घर में बनाया भोजन सबसे पहले भगवान को भोग लगाए।
  • गौ माता, कौआ, कुत्ता, चींटी आदि के निमित्त भोजन निकाल कर रखें।
  • पहले दिन अपने परिवार, मित्रों के साथ ब्राह्मण भोजन कराए।
  • अगर संभव ना हो तो एक ब्राह्मण को भोजन कराकर अपनी सामर्थ अनुसार दक्षिणा प्रदान करें।

6. शांति हवन (Havan)

अंत में पूरे परिवार के साथ मिलकर नवग्रह शांति हवन या गणेश हवन करें। हवन पूरा होने के बाद उसका “धुआं” अपने पूरे घर में घुमाएं, ऐसा करने से आपके घर की नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) खत्म होती है।

⚠️ गृह प्रवेश के दौरान ध्यान रखें ये 5 नियम (Do’s and Don’ts)

  1. द्वार न छोड़ें खाली: गृह प्रवेश हो जाने के बाद मुहूर्त वाले दिन घर में ताला लगाकर बंद न करें। उस दिन कम से कम एक व्यक्ति को अपने घर में रात में रुकना चाहिए।
  2. सूर्य की रोशनी: मंगल कलश के साथ सूर्य की रोशनी में नए घर में प्रवेश करना चाहिए।
  3. फर्नीचर: मुहूर्त पूजा करने से पहले घर में गैस चूल्हा और आवश्यक बताई गई सामग्री के अलावा भारी फर्नीचर शिफ्ट न करें।
  4. मेहमानों का सत्कार: नए घर पूजा में आए सभी अतिथियों को बिना भोजन या फिर कुछ न कुछ अवश्य खिलाकर उन्हें विदा न करें।
  5. शुभ मुहूर्त: गृह प्रवेश हमेशा पंचांग देखकर निकाले गये शुभ मुहूर्त में ही करें। (अमावस्या या ग्रहण के दिन गृह प्रवेश करना वर्जित है)।
  6. पहला भोजन: घर में बना पहला भोजन (खीर या मिठाई) सबसे पहले ब्राह्मण और गाय को जरुर खिलाएं।
  7. रुद्राक्ष: नए घर में गणेश रुद्राक्ष को घर के मुख्य द्वार पर बांधना चाहिए जो बाधाओं को रोकने का कार्य करेगा, और गौरी शंकर रुद्राक्ष घर के पूजा स्थल पर रखना चाहिए जिससे आपके परिवार के सभी सदस्यों के बीच में प्रेम बढ़ेगा।

सलाह: नव गृह प्रवेश का शुभ मुहूर्त जानने एवं निकलवाने के लिए नीचे दिए गये कॉल बटन पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।

Nav Griha Pravesh Puja Vidhi 2026 ❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: क्या पुराने घर (Renovated Home) के लिए भी गृह प्रवेश जरूरी है?

Ans: जी हाँ, यदि आपने घर का जीर्णोद्धार (Renovation) कराया है और कई महीनों तक घर बंद था, तो दोबारा पूजा करके ही प्रवेश करना चाहिए। इसे ‘जीर्ण गृह प्रवेश’ कहते हैं।

Q2: 2026 में गृह प्रवेश के लिए सबसे अच्छे महीने कौन से हैं?

Ans: फाल्गुन (फरवरी-मार्च), वैशाख (अप्रैल-मई) और ज्येष्ठ (मई-जून) का महीना गृह प्रवेश के लिए उत्तम माना जाता है।

Q3: गृह प्रवेश पूजा में कौन सा मंत्र बोलें?

Ans: प्रवेश करते समय “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं गं गणपतये वर वरद सर्वजनं मे वशमानय स्वाहा” या सरल “ॐ वास्तु पुरुषाय नमः” का जाप करें।

निष्कर्ष: नया घर नई उम्मीदें लेकर आता है। Freeupay.in द्वारा बताई गई Nav Griha Pravesh Puja Vidhi से पूजा करके आप अपने नए जीवन की शानदार शुरुआत कर सकते हैं।

शुभ मुहूर्त, वास्तु टिप्स और धार्मिक जानकारी के लिए Freeupay.in को फॉलो करना न भूलें।

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