Rashi Anusar Rudraksha: हिन्दू धर्म में रुद्राक्ष को बहुत ही पवित्र माना गया है। रुद्राक्ष दो शब्द रूद्र और अक्ष से मिलकर बना है, ऐसी मान्यता है कि शिव के आंसुओं से ही इसके पेड़ कि उत्पत्ति हुई थी। कहा जाता है कि यदि रुद्राक्ष राशि के अनुसार धारण किया जाए तो यह जीवन में बहुत से परिवर्तन लाता है। राशि अनुसार रुद्राक्ष धारण करने से जातक को बहुत से शुभ फल प्राप्त होते है। रुद्राक्ष को राशि, ग्रह और नक्षत्र के अनुसार धारण करने से उसकी फलों में कई गुणा वृद्धि हो जाती है। इसलिए यंहा हम आपको रुद्राक्ष कौनसा पहनें (Rashi Anusar Rudraksha) इसके बारे में बताने जा रहे हैं।
Rashi Anusar Rudraksha: अपनी राशि के अनुसार पहनें सही रुद्राक्ष, रातों-रात चमकेगा भाग्य और दूर होगी दरिद्रता
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हमारे सनातन धर्म में ‘रुद्राक्ष’ को साक्षात भगवान शिव का अंश माना गया है पुराणों के अनुसार रुद्राक्ष की उत्त्पति भगवान के आंसुओं से हुई थी। हिन्दू शास्त्रों में उल्लेख किया गया है कि जो व्यक्ति असली सिद्ध किया हुआ रुद्राक्ष धारण करता है, उसके पास भयंकर बीमारियां, दरिद्रता, अकाल मृत्यु, रुद्राक्ष जिस ग्रह का प्रतिनिधित्व करता उसके संबधित और नकारात्मक शक्तियां आस पास नहीं फटक सकती है।
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लेकिन अक्सर लोग बिना जानकारी के कोई भी रुद्राक्ष पहन लेते हैं, जिससे उन्हें पूरा लाभ नहीं मिल पाता। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, यदि आप अपनी जन्म राशि (Zodiac Sign) और उसके स्वामी ग्रह के अनुसार सही मुखी रुद्राक्ष धारण करते हैं, तो आपका भाग्य रातों-रात चमक सकता है। Freeupay.in के इस विशेष लेख में विस्तार से जानिए कि मेष से लेकर मीन राशि तक, किस राशि वाले को कौन सा रुद्राक्ष धारण (Rashi Anusar Rudraksha) करना चाहिए।
🌺 क्विक लिस्ट: 12 राशियों के अनुसार सबसे भाग्यशाली रुद्राक्ष (Lucky Rudraksha)
राशि अनुसार रुद्राक्ष (Rashi Anusar Rudraksha) जानकारी पाने के लिए इस टेबल को पढ़ें। अपनी राशि चुनें और आज ही अपना लकी रुद्राक्ष धारण करें:
| आपकी राशि (Zodiac Sign) | स्वामी ग्रह (Ruling Planet) | भाग्यशाली रुद्राक्ष (Lucky Rudraksha) |
| मेष (Aries) और वृश्चिक (Scorpio) | मंगल (Mars) | 3 मुखी रुद्राक्ष (शत्रु नाश और आत्मविश्वास के लिए) |
| वृषभ (Taurus) और तुला (Libra) | शुक्र (Venus) | 6 मुखी रुद्राक्ष (धन, सुख और आकर्षण के लिए) |
| मिथुन (Gemini) और कन्या (Virgo) | बुध (Mercury) | 4 मुखी रुद्राक्ष (बुद्धि, व्यापार और शिक्षा में सफलता के लिए) |
| कर्क (Cancer) | चंद्र (Moon) | 2 मुखी रुद्राक्ष (मानसिक शांति और डिप्रेशन दूर करने के लिए) |
| सिंह (Leo) | सूर्य (Sun) | 12 मुखी रुद्राक्ष (सरकारी नौकरी, स्वास्थ्य और मान-सम्मान के लिए) |
| धनु (Sagittarius) और मीन (Pisces) | गुरु (Jupiter) | 5 मुखी रुद्राक्ष (आध्यात्मिक ज्ञान, मोक्ष और सुख-समृद्धि के लिए) |
| मकर (Capricorn) और कुंभ (Aquarius) | शनि (Saturn) | 7 मुखी रुद्राक्ष (व्यापार में वृद्धि और साढ़ेसाती से मुक्ति के लिए) |
(नोट: रुद्राक्ष हमेशा सिद्ध किया हुआ ही धारण करें एवं धारण करने से पहले किसी ज्योतिष से जरुर संपर्क करें जिससे आपको वो बता सके की इसके कौनसा रुद्राक्ष धारण करने से आपके जीवन में कौनसे सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे )
🌟 राशि के अनुसार रुद्राक्ष (Rashi Anusar Rudraksha)
हम यहाँ आपको आपके नाम की होने वाली राशि के अनुसार कौन – कौनसा रुद्राक्ष धारण करना चाहिए इसके बारे में नीचे विस्तार के साथ बताने जा रहे हैं, जो निम्नलिखित प्रकार से है:-
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1. मेष राशि (Aries)
मेष राशि (चू, चे, ला, ल, ली, लू, ले लो, अ नाम अक्षरों से शुरू होने वाले व्यक्ति) वाले जातकों के जीवन में यदि बीमारियां और दुर्घटनाएं ज्यादा हो रही हो तो और प्रबल भाग्योदय करना चाहते है, तो सिद्ध तीन मुखी, पांच मुखी या चौदह मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। Rashi Anusar Rudraksha
2. वृषभ राशि (Taurus)
वृषभ राशि (ई, उ, ए, ओ, वा, वि, वू, वे, वो नाम अक्षरों से शुरू होने वाले व्यक्ति) के जातको को आर्थिक रूप से मजबूत होने के लिए, सफलता और सुख-समृद्धि प्राप्त करने के लिए छह मुखी और दस मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। Rashi Anusar Rudraksha
3. मिथुन राशि (Gemini)
मिथुन राशि (का, की, कु, घ, ड, छ, के, को, हा. हो नाम अक्षरों से शुरू होने वाले व्यक्ति) वाले जातक अपने जीवन के कष्टों को दूर करने के लिए या वादविवाद करके कारण परेशानी उठानी पड़ रही हो उसके लिए और लाभ पाने के लिए इन्हें चार मुखी अथवा ग्यारह मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। Rashi Anusar Rudraksha
4. कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो नाम अक्षरों से शुरू होने वाले व्यक्ति) के जातक अस्थिर और चंचल स्वभाव के होने के कारण इन्हें परेशानी उठानी पड़ सकती हैं इसलिए इन्हें दो मुखी, चार मुखी या फिर गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। Rashi Anusar Rudraksha
जानें: रुद्राक्ष कौन-कौनसी समस्या को दूर कर सकता हैं?
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5. सिंह राशि (Leo)
सिंह राशि (मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे नाम अक्षरों से शुरू होने वाले व्यक्ति) जातकों को अत्यधिक आत्मविश्वास और जल्दबाजी के कारण परेशानी आ जाती हैं इसलिए इन्हें एकमुखी या बारह मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। Rashi Anusar Rudraksha
6. कन्या राशि (Virgo)
कन्या राशि (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो नाम अक्षरों से शुरू होने वाले व्यक्ति) के जातकों को जीवन में उन्नति पाने के लिए, पारिवारिक जीवन सुखी के लिए चार मुखी या गौरी शंकर रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। Rashi Anusar Rudraksha
7. तुला राशि (Libra)
तुला राशि (रा, रि, रु, रे, रो, ता, ती, तू, ते नाम अक्षरों से शुरू होने वाले व्यक्ति) के जातक न्यायप्रिय,शांतिप्रिय,गंभीर, दयालु तथा पवित्र विचारधारा के होते हैं। हर बात को दूर तक सोचते हैं।तथा ये हर फ़ैसले काफी सोच समझकर लेते हैं। इसलिए इन्हें छह मुखी रुद्राक्ष, तेरह मुखी रुद्राक्ष, सात मुखी या फिर गणेश रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। Rashi Anusar Rudraksha
8. वृश्चिक राशि (Scorpio)
वृश्चिक राशि (तो, ला, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू नाम अक्षरों से शुरू होने वाले व्यक्ति) के जातक को अपने जीवन में सफलता पाने के लिए तीन मुखी, आठ मुखी या तेरह मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ रहता है। Rashi Anusar Rudraksha
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किसी भी प्रकार के ज्योतिष एवं वास्तु संबंधी परामर्श के लिए वास्तु ज्योतिष पंडित ललित त्रिवेदी से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं, जैसे कि धन, स्वास्थ्य, व्यापार, करियर, नौकरी आदि जैसी समस्याएं। वास्तु विजिट भी करवा सकते हैं, तथा वास्तु परामर्श भी प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी प्रकार के कुंडली मिलान, विवाह मुहूर्त, गृह प्रवेश या अन्य सभी प्रकार के मुहूर्त एवं शुभ समय निकलवाने के लिए तुरंत संपर्क करें।
9. धनु राशि (Sagittarius)
धनु राशि (ये, यो, भा, भी, भू, धा, फा, ढा, भे नाम अक्षरों से शुरू होने वाले व्यक्ति) के जातकों को अपने जीवन के दुःख कम करने के लिए पंच मुखी, नौ मुखी अथवा तेरह मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ रहता है। Rashi Anusar Rudraksha
10. मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि (भो, जा, जी, खी, खू, खे, खो, गा, गी नाम अक्षरों से शुरू होने वाले व्यक्ति) के जातक न्यायप्रिय, ईमानदार, निष्ठावान और विश्वास होते हैं। इन्हें जीवन में सभी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए इन्हें सात या चौदह मुखी, तेरह मुखी अथवा दस मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ रहता है। Rashi Anusar Rudraksha
11. कुंभ राशि (Aquarius)
कुंभ राशि (गु, गे, गो, सा, सी, सु, से सो, सा नाम अक्षरों से शुरू होने वाले व्यक्ति) के जातक अत्यंत परिश्रमी होते हैं। इन्हें अपने जीवन में सफलता पाने के लिए सात मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ रहता है। Rashi Anusar Rudraksha
12. मीन राशि (Pisces)
मीन राशि (दी, दू, थ, झ, दे, दो, चा, ची नाम अक्षरों से शुरू होने वाले व्यक्ति) के जातक कार्य पूरा ध्यान लगाकर और तसल्ली से करते हैं इसलिए इन्हें पंच मुखी और एक मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ रहता है। Rashi Anusar Rudraksha
🌟 नवग्रह शांति और सफलता का अचूक ज्योतिषीय रहस्य
राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ स्थित प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ पंडित ललित त्रिवेदी जी स्पष्ट करते हैं कि हमारे जीवन में आने वाले सभी संकट (चाहे वह भयंकर कर्ज हो, बीमारी हो या शादी में देरी) कमज़ोर ग्रहों के कारण आते हैं। रुद्राक्ष एक ऐसा ‘प्राकृतिक एंटीना’ है जो सीधे ब्रह्मांडीय ऊर्जा और संबंधित ग्रह की किरणों को शरीर में खींचता है।
यदि कोई व्यक्ति राहु-केतु या शनि की भयंकर दशा से गुजर रहा है, या उसकी राशि का स्वामी नीच का है, तो राशि के अनुसार रुद्राक्ष धारण करना सबसे अमोघ ज्योतिषीय ‘कवच’ है। असली और सिद्ध रुद्राक्ष धारण करने से मारक दोष 100% शून्य हो जाते हैं और व्यक्ति का जीवन खुशियों से भर जाता है।
⚠️ रुद्राक्ष धारण करने के 3 कड़े नियम (भूलकर भी न करें ये गलतियां)
रुद्राक्ष अत्यधिक पवित्र होता है। इसे धारण करने और इसके चमत्कारिक लाभ पाने के लिए इन नियमों का पालन अनिवार्य है:
- सिद्ध किया हुआ: रुद्राक्ष हमेशा सिद्ध किया हुआ ही धारण करें जिससे आपको उसका प्रभाव आपके जीवन में देखने को मिलेगा। रुद्राक्ष को ईधर उधर से ना खरीद कर किसी संस्थान या रुद्राक्ष संबधित कार्य करने वाले से ही खरीद कर धारण करें।
- पहनने का सही दिन और विधि: रुद्राक्ष हमेशा सोमवार, शिवरात्रि या सावन के महीने में धारण करना चाहिए। पहनने से पहले इसे गंगाजल और कच्चे दूध से धोकर शिवलिंग से स्पर्श कराएं और “ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जाप करें।
- सात्विकता का पालन: जो व्यक्ति गले या हाथ में रुद्राक्ष धारण करता है, उसे मांस, मदिरा (शराब) और तामसिक भोजन का पूर्ण रूप से त्याग कर देना चाहिए।
- शौच और सूतक के नियम: श्मशान घाट जाते समय, शव यात्रा में, या घर में सूतक (जन्म या मृत्यु) लगने पर रुद्राक्ष उतार कर पूजा घर में रख देना चाहिए। शुद्ध होने के बाद ही इसे पुनः धारण करें।
Rashi Anusar Rudraksha:❓अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: क्या रुद्राक्ष महिलाएं और बच्चे पहन सकते हैं?
Ans: जी हाँ, भगवान शिव का आशीर्वाद सभी के लिए है। महिलाएं और बच्चे पूर्ण शुद्धता और श्रद्धा के साथ रुद्राक्ष पहन सकते हैं। महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान इसे उतार कर रख देना चाहिए।
Q2: यदि मुझे अपनी राशि नहीं पता, तो कौन सा रुद्राक्ष पहनूं?
Ans: यदि आपको अपनी जन्म राशि या कुंडली नहीं पता है, तो आप ‘5 मुखी रुद्राक्ष’ धारण कर सकते हैं। पांच मुखी रुद्राक्ष कालाग्नि रुद्र का स्वरूप है और इसे कोई भी व्यक्ति बिना किसी नुकसान के पहन सकता है।
Q3: क्या मैं सोते समय रुद्राक्ष पहन सकता हूँ?
Ans: सोते समय रुद्राक्ष उतार कर अपने सिरहाने या पूजा घर में रख देना चाहिए। इससे रुद्राक्ष के टूटने का डर नहीं रहता और बुरे सपने भी नहीं आते।
निष्कर्ष: राशि के अनुसार रुद्राक्ष पहनना (Rashi Anusar Rudraksha) आपके जीवन की हर बाधा को नष्ट कर सकता है। Freeupay.in पर दी गई टेबल से अपनी राशि का रुद्राक्ष चुनें और पूर्ण श्रद्धा के साथ उसे धारण करें। महादेव की कृपा से आपके जीवन में जल्द ही सुख, शांति और अपार धन का वास होगा।
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