Bala Krishna Ashtakam – Lyrics & Meaning: श्री बालकृष्ण अष्टकम् (यत्कृपादृष्टिसद्वृष्टिसिक्ता भक्ता) – आदि शंकराचार्य कृत (अर्थ व PDF) श्री बालकृष्ण अष्टकम श्री जीवनेशजी द्वारा रचियत हैं। श्री बालकृष्ण अष्टकम के बारे में बताने जा रहे हैं।
Bala Krishna Ashtakam with Lyrics & Meaning: बालकृष्ण अष्टकम् (अर्थ सहित)
हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।
हर समस्या का फ्री उपाय (Free Upay) जानने के लिए हमारे WhatsApp Channel (व्हात्सप्प चैनल) से जुड़ें: यहां क्लिक करें (Click Here)

यत्कृपादृष्टिसद्वृष्टिसिक्ता भक्ता निरन्तरम् ।
भवन्ति सुखिनः स्निग्धास्तं श्रीबालहरिं भजे ॥ १॥
प्रतिपक्षक्षयात्क्षोण्यामङ्क्षु जातं महद्यशः ।
यत्कृपालेशमात्रेण तं श्रीबालहरिं भजे ॥ २॥
स्वीयविश्लेषजक्लेशो नष्टः पुष्टः सुखोदितः ।
यत्कृपालेशमात्रेण तं श्रीबालहरिं भजे ॥ ३॥
सुस्थिरं सुदृढं पूर्णं प्रियं प्राप्येत सत्वरम् ।
यत्कृपालेशमात्रेण तं श्रीबालहरिं भजे ॥ ४॥
सुसम्पदा सत्कलया सद्विद्यावृद्धिगामिनी ।
यत्कृपालेशमात्रेण तं श्रीबालहरिं भजे ॥ ५॥
अनन्याऽहैतुकी पूर्णा स भक्तिः सुदृढा भवेत् ।
यत्कृपालेशमात्रेण तं श्रीबालहरिं भजे ॥ ६॥
इयत्तारहितो नित्य आनन्दः प्राप्यतेऽनिशम् ।
यत्कृपालेशमात्रेण तं श्रीबालहरि भजे ॥ ७॥
श्रीवल्लभेशपादाब्जे रतिः स्याद्विमला परा ।
यत्कृपालेशमात्रेण तं श्रीबालहरिं भजे ॥ ८॥
अष्टकं श्रीबालहरेरिदं मङ्गलकृत्प्रियम् ।
पठेद्वा शृणुयाद्भक्त्या फलं विन्देत्स वाञ्छितम् ॥ ९॥
इति श्रीमद्वल्लभाचार्यचरणैकतान- श्रीमद्गोकुलोत्सवात्मजश्रीजीवनेशजीविरचितं श्रीबालकृष्णाष्टकं समाप्तम् ।

वैदिक उपाय और 30 साल फलादेश के साथ जन्म कुंडली बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े
10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े
