Chandra Grahan 2026: 3 मार्च को है ‘पूर्ण चंद्र ग्रहण’, जानें भारत में सूतक काल और पूजा का सही समय
Chandra Grahan 2026: इस साल होली के त्योहार वाले दिन को एक बहुत बड़ी खगोलीय घटना होने जा रही हैं जिसके कारणों से धार्मिक पेंच फंसता हुआ नजर आ रहा है। 3 मार्च 2026, मंगलवार के दिन को फाल्गुन पूर्णिमा वाले दिन साल का पहला पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) होने जा रहा है।
हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।
हर समस्या का फ्री उपाय (Free Upay) जानने के लिए हमारे WhatsApp Channel (व्हात्सप्प चैनल) से जुड़ें: यहां क्लिक करें (Click Here)

हमारे ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस बार होली पर होने जा रहा चंद्र ग्रहण का यह दुर्लभ संयोग लगभग 100 साल बाद बन रहा है। इस दौरान चंद्रमा लाल रंग का (Blood Moon) दिखाई देगा। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह चन्द्र ग्रहण भारत देश में दिखाई देगा? इसका उत्तर हाँ, तो सूतक काल (Sutak Kaal) कितने बजे लगेगा और कब समाप्त होगा? Freeupay.in के इस विस्तृत लेख में हम आपको बतायेगे इसके बारे में पूर्ण रूप से सटीक जानकारी।
ऑनलाइन सलाह (Online): कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन (Call Button) पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।
महत्वपूर्ण जानकारी: एक सिद्ध किया हुआ असली रूद्राक्ष आपकी दशा और दिशा दोनों बदल सकता हैं? अभी यहां से खरीदें
ऑफलाइन सलाह (Offline): कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए हमसे मिलने के लिए यहाँ तुरंत सम्पर्क करें: क्लिक हियर (Click Here)।
🌑 चंद्र ग्रहण 2026: भारत में समय और सूतक काल (Time in India)
यह एक खग्रास (Total) चंद्र ग्रहण है, जो भारत में चंद्रोदय (Moonrise) के समय खंडग्रास (आंशिक) रूप में दिखाई देगा। चूंकि यह भारत में दृश्य है, इसलिए इसका सूतक काल भी 100% मान्य होगा।
| ग्रहण का चरण (Phases) | समय (भारतीय स्टैण्डर्ड टाइम) |
| उपच्छाया प्रवेश | दोपहर 02:13 बजे से |
| ग्रहण प्रारम्भ (Sparsh) | दोपहर 03:20 बजे से |
| पूर्णता ग्रहण प्रारम्भ (Blood Moon) | शाम 04:34 बजे से |
| ग्रहण मध्य | शाम 05:05 बजे से |
| भारत में चंद्रोदय (दिखना शुरू) | शाम 06:20 से 06:30 बजे के बीच (शहर के अनुसार) |
| पूर्णता समाप्त | शाम 05:33 बजे से |
| ग्रहण समाप्त (Moksha) | शाम 06:48 बजे |
| उपच्छाया अंत | शाम 07:55 बजे |
| ग्रहण ग्रासमान (परिमाण) | 1.155 |
| चन्द्र ग्रहण की अवधि | 03 घंटा 28 मिनट |
| पूर्णता की अवधि | 59 मिनट |
| सूतक काल शुरू (Sutak Start) | सुबह 06:20 बजे से (ग्रहण से 9 घंटे पहले) |
(नोट: इस चन्द्र ग्रहण को भारत देश के लोग शाम 6:20 बजे के बाद अंतिम 20-25 मिनट ही देख पाएंगे।)
🌑 चंद्र ग्रहण 2026 कँहा-कँहा पड़ेगा?
यह चंद्र ग्रहण भारत सहित, पपूर्वी और मध्य एशिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, कनाडा, उत्तरी अमेरिका और मैक्सिको के अधिकांश हिस्सों में, दक्षिण अमेरिका और मध्य प्रशांत महासागर आदि में दिखाई देगा।
सलाह: कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।
महत्वपूर्ण जानकारी: आपकी समस्या के अनुसार सिद्ध किये गये असली रूद्राक्ष यहां से खरीदें
🔥 होलिका दहन पर क्या होगा असर? (Holika Dahan Muhurat)
सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन इसी बात को लेकर है कि ग्रहण के साये में होलिका दहन कब करें?
- शास्त्रों का नियम: ग्रहण सूतक काल और ग्रहण के समय में कोई भी शुभ कार्य या फिर अग्नि कर्म (होलिका दहन) आदि कार्य पूर्ण रूप से वर्जित होते है।
- सही मुहूर्त: 3 मार्च, 2026 को सांय 06:48 बजे ग्रहण पूर्ण रूप से समाप्त हो जाएगा। इसके तुरंत बाद सभी व्यक्तियों को स्नान करके मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे उसके बाद पूरा अर्चना की जाएगी।
- निष्कर्ष: होलिका दहन (जिन जगहों पर आज मनाई जाएगी) को 3 मार्च की सांय 06:48 बजे के बाद ही किया जायेगा। इसी समय पूजा करना सबसे शुभ और सुरक्षित रहेगा।
🚫 सूतक काल के 5 सख्त नियम (Do’s and Don’ts)
3 मार्च की सुबह 06:20 बजे से प्रारम्भ होकर शाम 06:48 बजे तक सूतक काल रहेगा। इस दौरान इन नियमों का पालन अवश्य करें:
- गर्भवती महिलाएं (Pregnant Women): यह ग्रहण काल समय में गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत ही संवेदनशील होता है। चन्द्र ग्रहण के समय (दोपहर 3:20 से 6:48 तक) अपने घर से बाहर न निकलें और कैंची, सुई, या चाकू आदि जैसी नुकीली चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
- खाना-पीना वर्जित: सूतक काल शुरू होने से लेकर ग्रहण काल समाप्त होने तक भोजन पकाना या खाना दोनों ही कार्य वर्जित माने जाते हैं वैसे बीमार, बच्चे और बुजुर्गों इस समय भोजन कर सकते है।
- तुलसी का प्रयोग: चन्द्र ग्रहण काल का सूतक शुरू होने से पहले ही पके हुए भोजन, दूध और पानी इत्यादि में तुलसी के पत्ते (Tulsi) या कुशा घास डाल देना चाहिए ताकि वे ग्रहण के प्रभाव से अशुद्ध न हों।
- मूर्ति स्पर्श मना है: सूतक शुरू होने से पहले ही अपने घर के पूजा स्थल (मंदिर) के कपाट बंद कर देने चाहिए या फिर तस्वीर (मूर्तियों) को किसी कपड़े से ढक देना चाहिए।
- मंत्र जाप: ग्रहण काल के दौरान “ॐ नमः शिवाय” या “महामृत्युंजय मंत्र” या अपने “गुरु मंत्र” का मानसिक रूप से जाप करना सबसे ज्यादा फलदायी होता है।
जानें: रुद्राक्ष कौन-कौनसी समस्या को दूर कर सकता हैं?
सलाह: कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।
♌ राशियों पर कैसा रहेगा असर? (Astrological Impact)
यह चंद्र ग्रहण सिंह राशि (Leo) और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में होने जा रहा है। जिसके कारन से:
- सावधान रहें: इस चन्द्र ग्रहण से सिंह, कन्या, मकर और कुंभ राशि वाले व्यक्ति को मानसिक रूप से तनाव, पार्टनर (पति-पत्नी या प्रेमी-प्रेमिका) में अनबन और आर्थिक रूप से किसी प्रकार का नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
- शुभ फल: यह ग्रहण के प्रभाव से मेष, कर्क और धनु राशि वाले जातक को अचानक धन लाभ और तरक्की के रास्ते खुल सकते है।
Chandra Grahan 2026❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: क्या 3 मार्च के चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देख सकते हैं?
Ans: जी हाँ! सूर्य ग्रहण के विपरीत, चंद्र ग्रहण को बिना किसी चश्मे या उपकरण के सीधे (Naked eyes) देखना पूरी तरह सुरक्षित होता है।
Q2: चंद्र ग्रहण के बाद क्या दान करना चाहिए?
Ans: ग्रहण समाप्त होने के बाद (शाम 6:48 के बाद) स्नान करके सफेद चीजें जैसे- चावल, दूध, चीनी या चांदी का दान करना चाहिए। इससे चंद्र दोष दूर होता है।
Q3: दिल्ली और मुंबई में चंद्र ग्रहण कितने बजे दिखेगा?
Ans: दिल्ली में शाम 06:22 बजे और मुंबई में शाम 06:45 बजे जब चांद उगेगा, तब ग्रहण का अंतिम चरण दिखाई देगा।
निष्कर्ष: होली पर चंद्र ग्रहण का यह दुर्लभ योग हमें संयम और साधना का संदेश देता है। 3 मार्च 2026 को सूतक के नियमों का पालन करें और शाम 06:47 के बाद ही होलिका दहन मनाएं।
अभी शेयर करें: यह जानकारी हर घर के लिए बहुत जरूरी है! होलिका दहन और सूतक के सही समय को लेकर कन्फ्यूजन दूर करने के लिए इस आर्टिकल को तुरंत अपने WhatsApp ग्रुप्स में शेयर करें।
वैदिक उपाय और 30 साल फलादेश के साथ जन्म कुंडली बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े
10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े
