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Gupt Navratri 2026 Ghatasthapana Muhurat: 19 जनवरी को कलश स्थापना का ये है सबसे शुभ मुहूर्त, नोट करें सही समय

Gupt Navratri 2026 Ghatasthapana Muhurat: 19 जनवरी को इस समय करें कलश स्थापना, माँ दुर्गा भर देंगी भंडार

Gupt Navratri Sthapana Muhurat 2026: माघ गुप्त नवरात्रि का पावन पर्व इस साल के शुरुवात महीने की 19 जनवरी 2026, वार सोमवार से शुरू हो रहे है। नवरात्रि के पहले दिन ‘घटस्थापना’ या ‘कलश स्थापना’ (Kalash Sthapana) करने का विशेष महत्व माना जाता है।

हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।

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Gupt Navratri Ghatasthapana Muhurat 2026
Gupt Navratri 2026 Ghatasthapana Muhurat

ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, यदि आप गुप्त नवरात्रि कलश स्थापना सही मुहूर्त समय करते हो, तो आपके घर में हमेशा देवी का वास बना रहता है और व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। लेकिन गलत समय (राहुकाल) में किया गया कलश स्थापना फलदायी नहीं होता है। Freeupay.in के इस लेख में हम आपको जानें 19 जनवरी को घटस्थापना का बिल्कुल सटीक समय क्या होगा।

🕰️ गुप्त नवरात्रि 2026: घटस्थापना का शुभ मुहूर्त (Time Table)

इस बार 19 जनवरी (सोमवार) को प्रतिपदा तिथि है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, कलश स्थापना करने के लिए नीचे बताये गये ये मुहूर्त श्रेष्ठ हैं:

विवरण (Details)समय (Time)
नवरात्रि आरंभ19 जनवरी 2026 (सोमवार)
सुबह का शुभ मुहूर्त (Morning Muhurat)सुबह 09:00 बजे से 10:51 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त (सबसे उत्तम)दोपहर 12:16 बजे से 12:59 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त (शाम का)शाम 05:56 बजे से 06:23 बजे तक

(विशेष नोट: सोमवार का दिन होने के कारण सुबह 07:30 बजे से लेकर 09:00 बजे तक राहुकाल रहेगा। इसलिए इस समय भूलकर भी कलश स्थापना न करें।)

🍯 कलश स्थापना की सरल विधि (Simple Vidhi)

अगर आप भी गुप्त नवरात्रि पूजा के लिए घर पर ही कलश स्थापित कर रहे हैं, तो मुहूर्त के दौरान बताये गये इन स्टेप्स को जरुर फॉलो करें:

  1. स्थान: गुप्त नवरात्रि की पूजा अर्चना घर के ईशान कोण (North-East) को साफ करके करनी चाहिए। वहां एक लकड़ी की चौकी रखकर उस पर लाल कपड़ा बिछाएं।
  2. कलश: तांबे या मिट्टी के कलश में जल, गंगाजल, एक सिक्का, सुपारी, हल्दी की गांठ और दूर्वा डालें।
  3. नारियल: इसके बाद कलश के मुख पर आम या अशोका के 5 पत्ते (पल्लव) रखकर उसके ऊपर एक नारियल (जटा वाला) को लाल कपड़े में लपेटकर उस पर रखें।
  4. जौ (Barley): अब इस कलश को मिट्टी की बनाई गई वेदी पर जौ बोए कर बीचो बीच स्थापित कर दें।
  5. संकल्प: अपने हाथ में थोड़े से चावल के दाने लेकर, एक सिक्का और एक फूल लेकर गुप्त नवरात्रि पूजा करने का संकल्प लें— “हे माँ दुर्गा! मैं गुप्त नवरात्रि का व्रत/पूजन शुरू कर रहा हूँ, इसे स्वीकार करें।”
  6. दीपक: अंत में घी का अखंड दीपक (सम्भव हो तो) जलाएं (यदि संकल्प लिया हो) या सामान्य दीपक जलाकर पूजा अर्चना करके आरती करें।

📅 गुप्त नवरात्रि स्थापना 2026 की तिथियां (Vrat Dates 2026)

गुप्त नवरात्रि माघ शुक्ल प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक चलती है।

  • 19 जनवरी 2026: नवरात्र की प्रथम तिथि को देवी के “शैलपुत्री” रूप का पूजन किया जाता है।
  • 20 जनवरी 2026: नवरात्र की द्वितीया तिथि को देवी “ब्रह्मचारिणी” रूप की पूजा की जाती है।
  • 21 जनवरी 2026: नवरात्र की तृतीया तिथि को देवी दुर्गा के “चंद्रघंटा” रूप की आराधना की जाती है।
  • 22 जनवरी 2026: नवरात्र की चतुर्थी तिथि को मां भगवती के “देवी कूष्मांडा” रूप की उपासना की जाती है।
  • 23 जनवरी 2026: नवरात्र की पंचमी तिथि को भगवान कार्तिकेय की “माता स्कंदमाता” रूप की पूजा की जाती है।
  • 24 जनवरी 2026: नवरात्र की षष्ठी तिथि को “माँ कात्यायनी” की पूजा की जाती है।
  • 25 जनवरी 2026: नवरात्र की सप्तमी तिथि को “माँ कालरात्रि” रूप की पूजा की जाती है।
  • 26 जनवरी 2026: नवरात्र की अष्टमी तिथि को “माँ महागौरी” रूप की पूजा की जाती है। इस दिन बहुत से लोग कन्या पूजन भी कर देते है।
  • 27 जनवरी 2026: नवमी तिथि को “देवी सिद्धदात्री” रूप की पूजा की जाती है। सिद्धिदात्री की पूजा से नवरात्र में नवदुर्गा पूजा का अनुष्ठान और पूजा पूर्ण हो जाती है।

🌺 गुप्त नवरात्रि साधना (Navratri Sadhana)

गुप्त नवरात्र के दौरान कई साधक महाविद्या (तंत्र साधना) के लिए मां काली, तारा देवी, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, माता छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, मां ध्रूमावती, माता बगलामुखी, मातंगी और कमला देवी की पूजा व साधना करते हैं। यह सारी साधना करने की विधि आप इस वेबसाइट में पढ़ सकते हो।

⚠️ स्थापना के दौरान ध्यान रखें ये 3 बातें

  1. राहुकाल का त्याग: जैसा कि आपको ऊपर पहले ही बता दिया गया है, की 19 जनवरी को सुबह 7:30 से 9:00 के बीच घटस्थापना कदापि न करें।
  2. दिशा: गुप्त नवरात्रि के लिए कलश स्थापना हमेशा ईशान कोण दिशा (North-East) में ही करना शुभ माना जाता है।
  3. नारियल का मुख: कलश के ऊपर रखा जाने वाले नारियल का मुख (जहाँ से वह पेड़ से जुड़ा होता है) हमेशा पूजा करने वाले व्यक्ति की तरफ होना चाहिए।

Gupt Navratri 2026 Ghatasthapana Muhurat ❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: क्या गुप्त नवरात्रि में कलश स्थापना जरूरी है?

Ans: यदि आप 9 दिन का व्रत रख रहे हैं या कोई विशेष साधना कर रहे हैं, तो कलश स्थापना जरूर करें। सामान्य पूजा के लिए यह अनिवार्य नहीं है।

Q2: अभिजीत मुहूर्त क्या होता है?

Ans: यह दिन का सबसे शुभ समय होता है (दोपहर 12 बजे के आसपास)। इसमें किया गया कोई भी कार्य सफल होता है।

Q3: गुप्त नवरात्रि कब समाप्त होगी?

Ans: यह 19 जनवरी से शुरू होकर 27 जनवरी (महानवमी) को समाप्त होगी।

निष्कर्ष: सही मुहूर्त ही सफलता की कुंजी है। 19 जनवरी 2026 को Freeupay.in द्वारा बताए गए Ghatasthapana Muhurat में माँ का आह्वान करें। माँ दुर्गा आपके जीवन को खुशियों से भर देंगी।

नवरात्रि के 9 दिनों के भोग और मंत्रों के लिए Freeupay.in के साथ जुड़े रहें।

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