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Shri Nag Stotra Lyrics in Hindi & Benefits (Labh) | श्री नाग स्तोत्र (PDF): पढ़ें संपूर्ण पाठ, हिंदी अर्थ और लाभ

Shri Nag Stotra: नाग़ देवता को समर्पित हैं हमारे हिन्दू पुरानों में कोबरा, अनंत, वासुकी, शेश, पद्म, तक्ष्क, सांघपाल, धृतराष्ट और पिंगल आदि साँपों के बारे में वर्णित मिलता हैं यंहा तक की श्रावण मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन नाग़ पंचमी भी बने जाती हैं श्री नाग स्तोत्र का पाठ करने से नाग़ देवता को प्रसन्न किया जाता हैं आप श्री नाग स्तोत्र का पाठ राहू और केतु की दशा के समय करके फायदा पा सकते हैं।

Shri Nag Stotra: राहु-केतु और भयंकर कालसर्प दोष से तुरंत मुक्ति दिलाता है यह चमत्कारी ‘श्री नाग स्तोत्र’

हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।

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Shri Nag Stotra
Shri Nag Stotra

सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष में नाग देवता को भगवान शिव का आभूषण, पाताल लोक का स्वामी और अपार धन का रक्षक माना गया है। जब किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में सभी ग्रह ‘राहु’ और ‘केतु’ के मध्य फंस जाते हैं, तो भयंकर ‘कालसर्प दोष’ का निर्माण होता है। इस दोष के कारण जीवन में कड़ा संघर्ष, व्यापार में घाटा, विवाह में देरी और अकारण ही मानसिक तनाव बना रहता है।

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कालसर्प दोष और राहु-केतु की शांति के लिए शास्त्रों में ‘श्री नाग स्तोत्र’ के पाठ को सबसे अचूक और शक्तिशाली ब्रह्मांडीय अस्त्र बताया गया है। महर्षियों का मत है कि जो व्यक्ति प्रतिदिन पूर्ण श्रद्धा के साथ इस चमत्कारी स्तोत्र का पाठ करता है, उसे कभी सर्प भय (सांप का डर) नहीं सताता और उसकी बंद किस्मत के ताले तुरंत खुल जाते हैं। Freeupay.in के इस विशेष लेख में पढ़ें संपूर्ण ‘श्री नाग स्तोत्र’, इसके अर्थ और पाठ करने के अचूक नियम।

🌺 क्विक लिस्ट: श्री नाग स्तोत्र के पाठ के 5 महालाभ (Shri Nag Stotra Benefits)

श्री नाग स्तोत्र (Shri Nag Stotra) पाने के लिए इस टेबल को पढ़ें। जानिए प्रतिदिन इस पवित्र स्तोत्र का पाठ करने से क्या चमत्कारिक लाभ मिलते हैं:

जीवन का भयंकर कष्ट (Problem)श्री नाग स्तोत्र के अचूक लाभ (Benefits)
भयंकर कालसर्प दोषस्तोत्र के नित्य पाठ से कालसर्प दोष की नकारात्मक ऊर्जा 100% शून्य हो जाती है।
राहु और केतु की मारक पीड़ाराहु-केतु शांत होते हैं, जिससे व्यापार और करियर में आ रही रुकावटें खत्म होती हैं।
अज्ञात भय और डरावने सपनेसोते समय सांपों के डरावने सपने आना बंद हो जाते हैं और मानसिक शांति मिलती है।
सर्पदंश (सांप के विष) का भयपरिवार के किसी भी सदस्य को कभी सांप के काटने या विष का भय नहीं रहता।
धन की रुकावट और कंगालीनाग देवता पाताल के रक्षक हैं; इनकी कृपा से फंसा हुआ या रुका हुआ अपार धन प्राप्त होता है।

📿 संपूर्ण श्री नाग स्तोत्र (Shri Nag Stotra Lyrics in Hindi)

सुबह स्नान करने के बाद घर के मंदिर में भगवान शिव और नाग देवता का ध्यान करते हुए इस सिद्ध स्तोत्र (Shri Nag Stotra) का पाठ करें। यह नौ महान नागों का आवाहन करता है:

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॥ श्री नाग स्तोत्र ॥

अगस्त्यश्च पुलस्त्यश्च वैशम्पायन एव च ।

सुमन्तुजैमिनिश्चैव पञ्चैते वज्रवारका: ॥१॥

मुने: कल्याणमित्रस्य जैमिनेश्चापि कीर्तनात् ।

विद्युदग्निभयं नास्ति लिखितं गृहमण्डल ॥२॥

अनन्तो वासुकि: पद्मो महापद्ममश्च तक्षक: ।

कुलीर: कर्कट: शङ्खश्चाष्टौ नागा: प्रकीर्तिता: ॥३॥

यत्राहिशायी भगवान् यत्रास्ते हरिरीश्वर: ।

भङ्गो भवति वज्रस्य तत्र शूलस्य का कथा ॥४॥

॥ इति श्रीनागस्तोत्रम् सम्पूर्णम् ॥

🌟 राहु-केतु शांति और दोष निवारण का अचूक ज्योतिषीय रहस्य

शक्ति विहार, कोटपूतली (राजस्थान) के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ पंडित ललित त्रिवेदी जी स्पष्ट करते हैं कि जब कुंडली में राहु-केतु की मारक दशा चलती है, तो व्यक्ति का आभामंडल (Aura) पूरी तरह दूषित हो जाता है, जिससे वह खुद अपना नुकसान कर बैठता है। कालसर्प दोष के कारण मंत्रों और स्तोत्रों की ऊर्जा भी शरीर तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाती।

इस भयंकर दोष को जड़ से खत्म करने और नवग्रहों को अपने अनुकूल बनाने के लिए राहु नियंत्रक ‘8 मुखी रुद्राक्ष’ (8 Mukhi Rudraksha) या केतु नियंत्रक ‘9 मुखी रुद्राक्ष’ गले में धारण करना सबसे शक्तिशाली ज्योतिषीय ‘कवच’ है। शिवलिंग से स्पर्श कराकर इस रुद्राक्ष को धारण करने के बाद यदि ‘श्री नाग स्तोत्र’ का नित्य पाठ किया जाए, तो स्तोत्र की शक्ति 1000 गुना बढ़ जाती है और व्यक्ति को रातों-रात अकल्पनीय सफलता प्राप्त होती है।

संपर्क करें- पंडित ललित त्रिवेदी (+91-9667189678)

किसी भी प्रकार के ज्योतिष एवं वास्तु संबंधी परामर्श के लिए वास्तु ज्योतिष पंडित ललित त्रिवेदी से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं, जैसे कि धन, स्वास्थ्य, व्यापार, करियर, नौकरी आदि जैसी समस्याएं। वास्तु विजिट भी करवा सकते हैं, तथा वास्तु परामर्श भी प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी प्रकार के कुंडली मिलान, विवाह मुहूर्त, गृह प्रवेश या अन्य सभी प्रकार के मुहूर्त एवं शुभ समय निकलवाने के लिए तुरंत संपर्क करें।

जानें: रुद्राक्ष कौन-कौनसी समस्या को दूर कर सकता हैं?

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⚠️ श्री नाग स्तोत्र का पाठ करते समय रखें इन 3 कड़े नियमों का ध्यान

स्तोत्र की पूर्ण सिद्धि और महादेव की कृपा पाने के लिए इन नियमों का कड़ाई से पालन करें:

  1. पाठ का सही समय: श्री नाग स्तोत्र का पाठ सुबह ब्रह्म मुहूर्त (पूजा के समय) और शाम को ‘प्रदोष काल’ (सूर्यास्त के समय) करना सर्वाधिक फलदायी होता है।
  2. दिशा और आसन: पाठ करते समय आपका मुख हमेशा ‘पूर्व’ (East) या ‘उत्तर’ (North) दिशा की ओर होना चाहिए। कुशा (घास) या शुद्ध ऊनी आसन का ही प्रयोग करें।
  3. पूर्ण सात्विकता: जिस दिन आप कालसर्प दोष शांति या विशेष रूप से नाग पंचमी पर इस स्तोत्र का अनुष्ठान कर रहे हों, उस दिन घर में लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा का सेवन पूरी तरह से वर्जित रखें।

Shri Nag Stotra❓अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: श्री नाग स्तोत्र का पाठ प्रतिदिन कितनी बार करना चाहिए?

Ans: उत्तम परिणामों और राहु-केतु की शांति के लिए इस स्तोत्र का प्रतिदिन सुबह और शाम 3, 9 या 11 बार पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

Q2: क्या महिलाएं भी नवनाग स्तोत्र का पाठ कर सकती हैं?

Ans: जी हाँ, महिलाएं भी घर की सुख-शांति, पति की तरक्की और बच्चों को अज्ञात भय से बचाने के लिए पूर्ण पवित्रता के साथ इस स्तोत्र का पाठ कर सकती हैं।

Q3: क्या कालसर्प दोष केवल इस स्तोत्र के पाठ से दूर हो सकता है?

Ans: हाँ, पूर्ण श्रद्धा, सात्विक जीवनशैली और अचूक ज्योतिषीय उपायों (जैसे रुद्राक्ष धारण) के साथ यदि नित्य श्री नाग स्तोत्र का पाठ किया जाए, तो कालसर्प दोष का प्रभाव पूरी तरह निष्क्रिय हो जाता है।

निष्कर्ष: श्री नाग स्तोत्र केवल एक प्रार्थना नहीं, बल्कि भगवान शिव और नाग देवता की असीम शक्तियों को जाग्रत करने का एक ब्रह्मांडीय सूत्र है। Freeupay.in पर बताए गए इस चमत्कारी स्तोत्र को अपनी दैनिक पूजा का हिस्सा बनाएं। महादेव की कृपा से आपके जीवन का हर संघर्ष दूर होगा,

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