काल भैरव अष्टमी पूजा विधि 2025: संपूर्ण पूजन विधि, व्रत कथा और शुभ मुहूर्त Kaal Bhairav Ashtami Puja Vidhi 2025: Step-by-Step Guide, Katha & Timings हर माह की कृष्ण पक्ष की सभी अष्टमी तिथि को काल भैरव को समर्पित कर कालाष्टमी कहा जाता है। सब महीने की कालाष्टमी से ज्यादा महत्व कार्तिक माह की कालाष्टमी को दिया जाता है। यह कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन कालाष्टमी पर्व मनाया जाता है। जिसे काल भैरव अष्टमी या भैरव जयन्ती के रूप में बनाया जाता हैं।
भैरव के नाम जप मात्र से मनुष्य को कई रोगों से मुक्ति मिलती है। वे संतान को लंबी उम्र प्रदान करते है। यंहा हम आपको काल भैरव की पूजा विधि के बारे में बताने जा रहे हैं। जिन्हें आप पढ़कर आप भी काल भैरव की पूजा सही तरह से कर सकोगें। Free Upay.in द्वारा बताये जा रहे काल काल भैरव अष्टमी पूजा विधि (Kaal Bhairav Ashtami Puja Vidhi) विधि पूर्वक कर सकते हैं।
कालाष्टमी 2025: जानें काल भैरव पूजन की संपूर्ण विधि और अचूक मंत्र | Kalashtami Puja Vidhi 2025: (Kaal Bhairav Ashtami) Shubh Muhurat & Mantras
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आज काल भैरव अष्टमी पूजा विधि 2025: समय व मंत्र | How to do Kaal Bhairav Puja on Ashtami? Full Vidhi & Samagri List 2025
काल भैरव अष्टमी पूजा विधि 2025: मुहूर्त व मंत्र | The Complete Guide to Kaal Bhairav Ashtami Puja 2025: Vidhi & Rituals
काल भैरव अष्टमी 2025 कब है? | Kaal Bhairav Ashtami Puja 2025 Date
➤ मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि से या भैरव जयन्ती या काल भैरव अष्टमी पूजा की जाती हैं इस साल 2025 में काल भैरव अष्टमी पूजा नवम्बर महीने के 12 तारीख वार बुधवार के दिन की जाएगी।
काल भैरव अष्टमी का महत्व | Significance of Kaal Bhairav Ashtami 2025
✅ कालाष्टमी कालभैरव जयंती का बहुत महत्व माना जाता हैं। कालाष्टमी के दिन भैरव देव का जन्म हुआ था, इसलिए इसे भैरव जयन्ती अथवा काल भैरव अष्टमी या काल भैरव अष्टमी भी कहा जाता हैं। भैरव देव को भगवान शिव जी का रूप माना जाता हैं। भगवान शिव जी का भैरव रूप एक प्रचंड रूप है। हर माह की कृष्ण पक्ष की सभी अष्टमी तिथि को काल भैरव को समर्पित कर कालाष्टमी कहा जाता है। सब महीने की कालाष्टमी से ज्यादा महत्व कार्तिक माह की कालाष्टमी को दिया जाता है।
💎 यह मार्गशीर्ष माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन कालाष्टमी पर्व मनाया जाता है। जिसे काल भैरव अष्टमी या भैरव जयन्ती के रूप में बनाया जाता हैं। हिन्दू धर्म के अनुसार काले कुत्ते को भैरव बाबा का प्रतीक माना जाता है। क्यूंकि कुत्ता को भैरव देव की सवारी है, भैरव देव देवताओं और इंसानों में जो भी पापी रहता है यानी पाप करता हैं, उसे दंड देते है। भैरव देव के हाथों में जो डंडा होता है, उससे वो सब पापी को दण्डित करते है।
काल भैरव अष्टमी पूजा मुहूर्त 2025 | Kaal Bhairav Ashtami Puja Muhurat Time 2025
➤ सुबह 06:44 बजे से सुबह 09:28 बजे तक, या
➤ सुबह 10:49 से दोपहर 12:11 बजे तक, या
➤ दोपहर 02:54 बजे से संध्या 05:37 बजे तक।
काल भैरव अष्टमी पूजा विधि 2025: सामग्री, नियम व मंत्र | Kaal Bhairav Ashtami Pujan Vidhi 2025: Puri Jankari, Katha Sahit
🟢 Kaal Bhairav Ashtami Puja वाले दिन शाम के समय नहा धोकर साफ वस्त्र धारण करें। उसके बाद काल भैरव की प्रतिमा के सामने एक चौमुखा मिट्टी या पीतल का दीपक लेकर सरसों के तेल का चौमुखा चिराग जलाएं। उपासक करने वाले मुंह का पूजन करते समय पूरब में होना चाहिए। साथ ही Kaal Bhairav Ashtami Puja में उपासक को लाल रंग के आसान पर बैठना चाहिए। भैरव का आह्वान कर स्फटिक की माला से भैरव के मंत्र का जप करें। जप पूरा होने के बाद भोग लगाए और भैरव की आरती तेल के दीप व कर्पूर से करें व कालभैरव अष्टकम करके प्रसाद बांट दें।
भैरव जी के प्रिय भोग | Kala Bhairava Ashtami Puja Offering
🔹 भैरव की पूजा में काली उड़द और उड़द से बनी मिठाई इमरती, दही बड़े, दूध और मेवा का भोग लगाना लाभकारी है। इससे भैरव प्रसन्न होते है। इसके आलावा सरसों का तेल, काजल सिंदूर और चमेली का तेल आदि इनके श्रृंगार है।
काल भैरव अष्टमी पूजा मंत्र 2025 | Kaal Bhairav Ashtami Puja Mantra Lyrics, PDF Download
🔴 शिव पुराण में कहा है कि भैरव परमात्मा शंकर के ही रूप हैं इसलिए आज के दिन (Kaal Bhairav Ashtami Puja Mantra) इस मंत्र का जाप करना फलदायी होता है।
🕉️ अतिक्रूर महाकाय कल्पान्त दहनोपम् | भैरव नमस्तुभ्यं अनुज्ञा दातुमर्हसि ||

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