काल भैरव जयंती (कालाष्टमी) 2025 के उपाय: शनि-राहु दोष से पाएं मुक्ति Kaal Bhairav Jayanti Ke Upay 2025: Dhan Prapti & Shatru Nash ke Totke श्री काल भैरव का नाम सुनते ही बहुत से लोग भयभीत हो जाते है और कहते है कि ये उग्र देवता है। अत: इनकी साधना वाम मार्ग से होती है इसलिए यह हमारे लिए उपयोगी नहीं है। लेकिन यह मात्र उनका भ्रम है। प्रत्येक देवता सात्विक, राजस और तामस स्वरूप वाले होते है, किंतु ये स्वरूप उनके द्वारा भक्त के कार्यो की सिद्धि के लिए ही धरण किये जाते है।
श्री कालभैरव इतने कृपालु एवं भक्तवत्सल है कि सामान्य स्मरण एवं स्तुति से ही प्रसन्न होकर भक्त के संकटों का तत्काल निवारण कर देते है। तंत्राचार्यों का मानना है कि वेदों में जिस परम पुरुष का चित्रण रुद्र में हुआ, वह तंत्र शास्त्र के ग्रंथों में उस स्वरूप का वर्णन ‘भैरव’ के नाम से किया गया, जिसके भय से सूर्य एवं अग्नि तपते हैं। इंद्र-वायु और मृत्यु देवता अपने-अपने कामों में तत्पर हैं, वे परम शक्तिमान ‘भैरव’ ही हैं।
भगवान शंकर के अवतारों में भैरव का अपना एक विशिष्ट महत्व है। हम यंहा आपको Kaal Bhairav Jayanti Ke Upay बताने जा रहे हैं जिन्हें आप कालभैरव जयंती वाले दिन करके बहुत आसानी से काल भैरव को खुश करके अपनी मनोकामना पूरी कर सकोगें। Free Upay.in द्वारा बताये जा रहे कालभैरव जयंती के उपाय (Kaal Bhairav Jayanti Ke Upay 2025) को करके आप भी काल भैरव से अपनी समस्त मनोकामना पूरी करा सकते हैं।
काल भैरव जयंती के उपाय 2025: कर्ज, रोग और शत्रुओं से मुक्ति के लिए करें ये काम | Kaal Bhairav Jayanti Remedies (Upay) 2025: For Protection, Wealth & Success
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कालभैरव जयंती के उपाय 2025: आसान व असरदार टोटके | Kaal Bhairav Jayanti par kya kare? Jane Dushman se Mukti ke Upay 2025
Kaal Bhairav Jayanti 2025: करें ये 5 अचूक उपाय, शत्रु और भय से मिलेगी मुक्ति
✿ यदि आपका कोई काम रुका हुआ है तो Kaal Bhairav Jayanti Ke Upay 2025 के अनुसार कालभैरव जयंती “ओम ब्रह्म काल भैरवाय फट” मंत्र का जप करें।
★ यदि आपको या आपकी संतान को किसी भय और बाधा से छुटकारा पाना है तो Kaal Bhairav Jayanti Ke Upay 2025 के अनुसार “ओम भयहरणं च भैरव:” मंत्र का जप कालभैरव जयंती वाले दिन आपको 24 घंटे के अंदर लाभ देगा।
☆ कालभैरव अष्टमी पर किसी ऐसे भैरव मंदिर में जाएं, जहां कम ही लोग जाते हों। वहां जाकर सिंदूर व तेल से भैरव प्रतिमा को चोला चढ़ाएं। इसके बाद नारियल, पुए, जलेबी आदि का भोग लगाएं। मन लगाकर पूजा करें। बाद में जलेबी आदि का प्रसाद बांट दें। याद रखिए पूए सै भैरव की पूजा से भैरवनाथ विशेष प्रसन्न होते हैं।
✮ कालभैरव जयंती वाले दिन कुत्ते को गुड़ खिलने चाहिए इससे काल भैरव खुश होते हैं।
✯ यदि आप कोर्ट कचहरी के चक्कर लगाकर परेशान हैं और आपके मामले में सालो-साल बाद भी कोई हल नहीं निकल रहा है तो Kaal Bhairav Jayanti Ke Upay 2025 के अनुसार “ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम:” मंत्र से काल भैरव की साधना करें। इस मंत्र की कम से कम 11 मात्रा करने से तुरंत लाभ प्राप्त होगा।
✦ कालभैरव अष्टमी की सुबह स्नान आदि करने के बाद भगवान कालभैरव के मंदिर जाएं और इमरती का भोग लगाएं। बाद में यह इमरती दान कर दें। Kaal Bhairav Jayanti Ke Upay 2025 के अनुसार ऐसा करने से भगवान कालभैरव प्रसन्न होते हैं।
✧ कालभैरव अष्टमी को समीप स्थित किसी शिव मंदिर में जाएं और भगवान शिव का जल से अभिषेक करें और उन्हें काले तिल अर्पण करें। इसके बाद मंदिर में कुछ देर बैठकर मन ही मन में “ॐ नम: शिवाय” मंत्र का जप करें भोलेनाथ जी काल भैरव जी आपकी हर मनोकामना पूरी करें।
✫ कालभैरव जयंती को सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद कुश (एक प्रकार की घास) के आसन पर बैठ जाएं। सामने भगवान कालभैरव की तस्वीर स्थापित करें व पंचोपचार से विधिवत पूजा करें। इसके बाद रूद्राक्ष की माला से नीचे लिखे मंत्र की कम से कम पांच माला जाप करें तथा भैरव महाराज से सुख-संपत्ति के लिए प्रार्थना करें। मंत्र: ‘ॐ हं षं नं गं कं सं खं महाकाल भैरवाय नम:’।
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✬ कालभैरव अष्टमी को भगवान कालभैरव की विधि-विधान से पूजा करें और नीचे लिखे किसी भी एक मंत्र का जाप करें। कम से कम 11 माला जाप अवश्य करें।
- “ॐ कालभैरवाय नम:”।
- “ॐ भयहरणं च भैरव:”।
- “ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं”।
- “ॐ भ्रां कालभैरवाय फट्”।

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