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Kalabhairava Pancharatnam Lyrics in Hindi & Benefits (Labh) | श्री कालभैरव पञ्चरत्नम् (PDF): पढ़ें संपूर्ण पाठ, हिंदी अर्थ और लाभ

श्री कालभैरव पञ्चरत्नम् (PDF): पढ़ें संपूर्ण पाठ, हिंदी अर्थ और लाभ Kalabhairava Pancharatnam Lyrics in Hindi & Benefits (Labh) भगवान भैरव शिव के स्वरूप हैं। काल भैरव कलियुग में आने वाली बाधा का तुरंत निवारण करने वाले देवता माने जाते हैं। खासतौर काल भैरव जी को प्रेत व तांत्रिक बाधा के दोष उनके पूजन से दूर हो जाते हैं। संतान की दीर्घायु हो या गृहस्वामी का स्वास्थ्य, भगवान भैरव स्मरण और पूजन मात्र से उनके कष्टों को दूर कर देते हैं।

भगवान भैरव के पूजन से राहु-केतु ग्रह भी शांत हो जाते हैं। उनके पूजन में काल भैरव पञ्चरत्नं, भैरव अष्टक और भैरव कवच का पाठ जरूर करना चाहिए। इससे शीघ्र फल मिलता है । साथ ही तांत्रिक व प्रेत बाधा का संकट टल जाता है। कालभैरव पञ्चरत्नम् के बारे में बताने जा रहे हैं।

काल भैरव पञ्चरत्नम् 2025: पीडीएफ, पाठ व अर्थ | Shri Kalabhairava Pancharatnam Benefits & Lyrics in Hindi

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Kalabhairava Pancharatnam Lyrics & PDF Download
Kalabhairava Pancharatnam Lyrics & PDF Download

यह है आदि शंकराचार्य रचित कालभैरव पञ्चरत्नम्, हर संकट होगा दूर | Kalabhairava Pancharatnam Lyrics in Hindi: Pura Path aur Uske Fayde

काल भैरव पञ्चरत्नं | Kalabhairava Pancharatnam PDF Download (Lyrics in Hindi & Sanskrit)

खड्गं कपालं डमरुं त्रिशूलं हस्ताम्बुजे संदधतं त्रिनेत्रम् |

दिगम्बरं भस्मविभूषिताङ्गं नमाम्यहं भैरवमिन्दुचूडम् || १ ||

कवित्वदं सत्वरमेव मोदा-न्नतालये शम्भुमनोऽभिरामम् |

नमामि यानीकृतसारमेयं भवाब्धिपारं गमयन्तमाशु || २ ||

जरादिदुःखौघविभेददक्षं विरागिसंसेव्यपदारविन्दम् |

नराधिपत्वप्रदमाशु नन्त्रे सुराधिपं भैरवमानतोऽस्मि || ३ ||

शमादिसंपत्प्रदमानतेभ्यो रमाधवाद्यर्चितपादपद्मम् |

समाधिनिष्ठैस्तरसाधिगम्यं नमाम्यहं भैरवमादिनाथम् || ४ ||

गिरामगम्यं मनसोऽपि दूरं चराचरस्य प्रभवादिहेतुम् |

कराक्षिपच्छून्यमथापि रम्यं परावरं भैरवमनतोऽस्मि || ५ ||

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