Vishwakarma Stotram 2026: 31 जनवरी को विश्वकर्मा जयंती पर करें इस ‘महा-स्तोत्र’ का पाठ, व्यापार में मचेगी धूम
Vishwakarma Stotram 2026: यह श्री विश्वकर्मा स्तोत्र भगवान श्री विश्वकर्मा जी को समर्पित हैं। श्री विश्वकर्मा स्तोत्र के बारे में बताने जा रहे हैं। क्या आप अपनी फैक्ट्री, मिल या दुकान को बुरी नजर और दुर्घटनाओं से बचाना चाहते हैं? तो इस 31 जनवरी 2026 (शनिवार) के दिन विश्वकर्मा जयंती पर इस सुरक्षा कवच को प्राप्त करने का सबसे बड़ा दिन आने जा रहा है।
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हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, भगवान विश्वकर्मा द्वारा ही सभी देवताओं के लिए अभेद्य (जिसे तोड़ा न जा सके) महलों और अस्त्र-शस्त्रों का निर्माण करवाया गया था। मान्यता है कि विश्वकर्मा जयंती के दिन ‘विश्वकर्मा स्तोत्रम’ (Stotram) का पाठ करने से व्यक्ति के व्यापार में कार्यरत मशीनों पर कभी भी जंग नहीं लगती हैं और व्यापार में कभी ताला नहीं लटकता हैं। Freeupay.in के इस लेख में पढ़ें संस्कृत और हिंदी में संपूर्ण स्तोत्र।
📜 श्री विश्वकर्मा स्तोत्रम (Lord Vishwakarma Stotram Lyrics)
विश्वकर्मा जयंती 31 जनवरी (शनिवार) को सुबह शुभ मुहूर्त में भगवान विश्वकर्मा जी और मशीनों की पूजा करने के बाद हाथ में फूल और अक्षत लेकर नीचे बताये गये इस विश्वकर्मा स्तोत्र का पाठ करें:
विश्वकर्म ध्यानम् ।
न भूमिर्न जलञ्चैव न तेजो न च वायवः
नाकाशं च न चित्तञ्च न बुद्धीन्द्रियगोचराः
न च ब्रह्मा न विष्णुश्च न रुद्रश्च तारकाः
सर्वशून्या निरालम्बा स्वयम्भूता विराटसत्
सदापरात्मा विश्वात्मा विश्वकर्मा सदाशिवः ॥
श्रितमध्यतमध्यस्तं ब्रह्मादिसुरसेवितम् ।
लोकाध्यक्षं भजेऽहं त्वां विश्वकर्माणमव्ययम् ॥
प्राकादिदिङ्मुखोत्पन्नो सनकश्च सनातनः ।
अभुवनस्य प्रत्नस्य सुपर्णस्य नमाम्यहम् ॥
अखिलभुवनबीजकारणम् ।
प्रणवतत्त्वं प्रणवमयं नमामि ॥
पञ्चवक्त्रं जटाधरं पञ्चदशविलोचनम् ।
सद्योजाताननं श्वेतं च वामदेवन्तु कृष्णकम् ॥
अघोरं रक्तवर्णं च तत्पुरुषं हरितप्रभम् ।
ईशानं पीतवर्णं च शरीरं हेमवर्णकम् ॥
दशबाहुं महाकायं कर्णकुण्डलशोभितम् ।
पीताम्बरं पुष्पमालं नागयज्ञोपवीतिनम् ॥
रुद्राक्षमालासंयुक्तं व्याघ्रचर्मोत्तरीयकम् ।
पिनाकमक्षमालाञ्च नागशूलवराम्बुजम् ॥
वीणां डमरुकं बाणं शङ्खचक्रधरं तथा ।
कोटिसूर्यप्रतीकाशं सर्वजीवदयापरम् ॥
विश्वेशं विश्वकर्माणं विश्वनिर्माणकारिणम् ।
ऋषिभिः सनकाद्यैश्च संयुक्तं प्रणमाम्यहम् ॥
इति विश्वकर्मस्तोत्रं सम्पूर्णम् ॥
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📜 श्री विश्वकर्मा स्तोत्रम (Lord Vishwakarma Stotra Lyrics)
|| अथ श्री विश्वकर्मा स्तोत्रम ||
क्षिति-जल-पावक-गगन-समीरा, पंचतत्व निर्मित संसारा।
तव इच्छा बिन हिल न सके, हे विश्वकर्मा तुम हो अधारा॥
देव-दानव-नर-किन्नर सारे, चरण कमलों में शीश झुकाते।
सकल सृष्टि के तुम हो स्वामी, हम सब तेरा गुणगान गाते॥
लोह-काष्ठ-पाषाण-सुवर्णा, तव माया से रूप बदलते।
शिल्प-कला के तुम हो सागर, ज्ञान के दीपक तुम ही जलते॥
यंत्र-मंत्र और तंत्र विधाता, मशीन-औजार सब तेरे हाथ।
रक्षा करना हे विश्वकर्मा, रखना सदा हमारे माथ॥
ॐ विश्वकर्मणे नमः, ॐ विश्वकर्मणे नमः।
🌸 स्तोत्र का हिंदी भावार्थ (Hindi Meaning)
श्री विश्वकर्मा स्तोत्रम (PDF) के हर संस्कृत शब्दों में छिपी हुई शक्ति को यहां से समझें:
- सृष्टि के आधार: हे प्रभु! यह संसार पृथ्वी, जल, अग्नि, आकाश और वायु (पंचतत्व) से बना है, लेकिन आपकी इच्छा के बिना एक पत्ता भी नहीं हिल सकता। आप ही इस विश्व के आधार हैं।
- सबके स्वामी: देवता, दानव और मनुष्य सभी आपके चरणों में झुकते हैं। आप पूरी सृष्टि के मालिक हैं।
- शिल्प के सागर: लोहा, लकड़ी, पत्थर और सोना—ये सब आपकी ही माया से अलग-अलग रूप (मशीन/गहने) लेते हैं। आप ही कला और ज्ञान के सागर हैं।
- सुरक्षा की प्रार्थना: हे विश्वकर्मा! सभी मशीनें, यंत्र और औजार आपके ही अधीन हैं। आप हमारी रक्षा करें और अपना हाथ हमारे सिर पर बनाए रखें।
🌟 विश्वकर्मा जयंती (31 जनवरी) को यह स्तोत्र पढ़ने के 3 बड़े फायदे
- मशीन ब्रेकडाउन नहीं होता: यह विश्वकर्मा स्तोत्र का पाठ करने से आपके व्यापार करने में सहायक मशीनों की ‘आयु’ बढ़ने लगती है। विश्वकर्मा जयंती के दिन इसका पाठ करके मशीनों पर कलावा बांधने से वे साल भर बिना रुकावट अपना काम करती हुई रहती हैं।
- कर्ज से मुक्ति: अगर आपने बिजनेस लोन (Loan) लिया हुआ हैं, और उसे चुकाने में परेशानी आ रही हो, तो यह विश्वकर्मा स्तोत्र का पाठ करके गरीबों को औजार दान करें, इससे आपके कर्ज मुक्ति के रास्ते खुल जाएंगे।
- लेबर (Workers) की सुरक्षा: यह विश्वकर्मा स्तोत्र का पाठ फैक्ट्री या कार्य स्थल पर करने से काम करने वाले मजदूरों को दुर्घटना से बचाता है, जिससे मालिक पर अचानक से कोई मुसीबत नहीं आती है।
🙏 पाठ करने की सही विधि (Vidhi for 31 Jan)
- मुहूर्त: विश्वकर्मा जयंती (31 जनवरी) की सुबह 08:30 से 10:45 बजे के बीच या अन्य शुभ मुहूर्त में करें।
- दिशा: व्यक्ति को पूर्व या उत्तर मुखी होकर बैठकर यह विश्वकर्मा स्तोत्र का पाठ करें।
- अर्पण: इस विश्वकर्मा स्तोत्र पूरा होने पर भगवान विश्वकर्मा जी को पंचमेवा (Dry Fruits) का भोग लगाएं।
- हवन: अंत में कम से कम “ॐ विश्वकर्मणे स्वाहा” मंत्र का जाप करते हुए 5 बार हवन कुंड में आहुति दें।
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❓ Vishwakarma Stotram Lyrics in Sanskrit & Hindi 2026: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: क्या यह स्तोत्र सिर्फ फैक्ट्री वाले पढ़ सकते हैं?
Ans: नहीं! अगर आप कंप्यूटर इंजीनियर हैं, मैकेनिक हैं, या घर पर सिलाई का काम करती हैं, तो आप भी अपने औजारों (Laptop/Machine) के लिए यह पाठ कर सकते हैं।
Q2: विश्वकर्मा पूजा साल में कितनी बार होती है?
Ans: मुख्य रूप से दो बार। एक 17 सितंबर (कन्या संक्रांति) और दूसरी माघ शुक्ल त्रयोदशी (जो इस साल 31 जनवरी 2026 को है)।
Q3: पाठ के बाद क्या करें?
Ans: पाठ के बाद अपनी मशीनों को एक दिन का ‘आराम’ (Rest) दें और अगले दिन से काम शुरू करें।
निष्कर्ष: भगवान विश्वकर्मा ही हमारी रोजी-रोटी के रक्षक हैं। 31 जनवरी 2026 को Freeupay.in पर दिए गए इस Vishwakarma Stotram के साथ अपनी पूजा संपन्न करें। आपकी फैक्ट्री दिन-दूनी रात-चौगुनी तरक्की करेगी।
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