WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Hanuman Ji Ko Chola Chadane Ki Vidhi | हनुमान जी को चोला चढ़ाने की संपूर्ण विधि, सामग्री और नियम

Hanuman Ji Ko Chola Chadane Ki Vidhi: हनुमान जी को चोला चढ़ाने की संपूर्ण विधि, सामग्री और नियम हम यहाँ आप सभी को हनुमान जी चोला चढ़ाने की सम्पूर्ण विधि के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। यह तो आप सब जानते है की भगवान श्री हनुमान जी भगवान शिव के ग्यारहवें रूद्र अवतार हैं। हमारे हिन्दू धर्म में सिंदूर का महत्व बताया गया हैं। ऐसे ही हमारे हिन्दू धर्म में हनुमान जी को चोला चढ़ाने की भी मान्यता हैं।

Hanuman Ji Ko Chola Chadane Ki Vidhi: इस विधि से चढ़ाएं बजरंगबली को चोला, पलट जाएगा दुर्भाग्य

हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।

हर समस्या का फ्री उपाय (Free Upay) जानने के लिए हमारे WhatsApp Channel (व्हात्सप्प चैनल) से जुड़ें: यहां क्लिक करें (Click Here)

Hanuman Ji Ko Chola Chadane Ki Vidhi
Hanuman Ji Ko Chola Chadane Ki Vidhi

कलयुग में केवल हनुमान जी (Lord Hanuman) एकमात्र ऐसे देव हैं जिन्हें जाग्रत माना गया हैं, जो अपने भक्तों की एक पुकार सुनकर तुंरत प्रसन्न हो जाते हैं। साधक श्री हनुमान जी को ख़ास कर सिंदूर का चोला चढ़ाने से श्री राम जी की भी कृपा प्राप्त होती हैं यह आपको रामायण में वर्णित मिल जायेगा यहां Freeupay.in के इस विशेष लेख में विस्तार से जानिए हनुमान जी को चोला चढ़ाने की संपूर्ण सामग्री, सटीक विधि और ध्यान रखने योग्य कड़े नियम।

ऑनलाइन सलाह (Online): कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन (Call Button) पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।

महत्वपूर्ण जानकारी: एक सिद्ध किया हुआ असली रूद्राक्ष आपकी दशा और दिशा दोनों बदल सकता हैं? अभी यहां से खरीदें

ऑफलाइन सलाह (Offline): कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए हमसे मिलने के लिए यहाँ तुरंत सम्पर्क करें: क्लिक हियर (Click Here)

🛍️ चोला चढ़ाने की संपूर्ण सामग्री (Chola Samagri List)

बाजार या मंदिर जाने से पहले चोला चढ़ाने की इस सामग्री (List) को सेव कर लें। इसके बिना चोला अधूरा माना जाता है:

सामग्री का नाम (Item)उपयोग और महत्व (Significance)
सिंदूर (Orange/Red Sindoor)सिंदूर घोलने के लिए चमेली का तेल में मिलाने के लिए। (नारंगी सिंदूर सबसे उत्तम माना जाता है)।
दीपकचमेली का तेल (Jasmine Oil) या गाय का शुद्ध घी (दोनों में कोई एक)।
चांदी/सोने का वर्क (Silver Foil)/माली पन्ना (चमकीला कागज)चोला चढ़ाने के बाद हनुमान जी का श्रृंगार करने के लिए।
जनेऊ (Janeu)भगवान को अर्पित करने के लिए। (इसमें केसर की बिंदी लगा लें)।
लाल लंगोट / वस्त्र (Red Cloth)हनुमान जी को पहनाने के लिए सूती या रेशमी लाल कपड़ा।
गुलाब या गेंदे की मालाभगवान के गले में पहनाने के लिए ताजे फूलों की माला।
भोग (Prasad)बूंदी, बेसन के लड्डू, गुड़-चना या तुलसी पत्र मिला हुआ पंचामृत।

जानें: रुद्राक्ष कौन-कौनसी समस्या को दूर कर सकता हैं?

सलाह: कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।

🕉️ हनुमान जी को चोला चढ़ाने की Step-by-Step विधि

हम यहाँ आपको श्री हनुमान जी को चोला (सिंदूर) लगाने की सम्पूर्ण विधि विस्तार से बताने जा रहे हैं, जो इस प्रकार से हैं:

  1. कब लगाये: श्री हनुमान जी को चोला मंगलवार, शनिवार या विशेष पर्व जैसे की श्री हनुमान जंयती, रामनवमी, दीपवाली व होली के दिन चढ़ा सकते है। इसके अलावा अन्य दिन चढ़ाना निषेध माना गया हैं। चोला चढ़ाने का समय: प्रातःकाल, सांय काल या प्रदोषकाल।
  2. वस्त्र धारण: हनुमान जी को चोला लगाने से पहले साधक को नित्य कर्म से निवृत होकर स्नान आदि करके साफ़ लाल या पीले रंग के वस्त्र धारण करने चाहिए।
  3. स्नान और सफाई: सबसे पहले आपको श्री हनुमान जी की प्रतिमा (मूर्ति) को गंगाजल मिश्रित शुद्ध जल और पंचामृत से स्नान करवाना चाहिए। यदि प्रतिमा (मूर्ति) बड़ी है, तो आप इसे साफ सूती कपड़े से मूर्ति को अच्छी तरह पोंछकर साफ कर लें।
  4. सिंदूर कितना लगाए: हमेशा सिंदूर सवा के हिसाब से लगाना चाहिए। जैसे की सवा ग्राम, सवा पाव या सवा किलो आदि।
  5. चोला उतारे: चोला चढ़ाने से पहले पुराने लगा हुआ चोला (सिंदूर) को उतारा जरुर चाहिए और उसके बाद उस चोले को बहते हुए जल में बहा देना चाहिए।
  6. सिंदूर लेपन तैयार करें: इसके बाद एक साफ में कटोरी में सिंदूर लेकर उसमें थोड़ा-थोड़ा करके चमेली का तेल (Jasmine Oil) या गाय का घी मिलाकर एक गाढ़ा लेप (Paste) तैयार कर लें।
  7. मंत्र जाप: आपको “सिन्दूरं रक्तवर्णं च सिन्दूरतिलकप्रिये। भक्तयां दत्तं मया देव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम।।”, “ॐ हं हनुमते नमः” या फिर मन ही मन में “श्री राम जय राम जय जय राम” मंत्र का निरंतर जाप करते सिंदूर लगाना चाहिए।
  8. चोला चढ़ाने का क्रम: अब आपको हनुमान जी को सिंदूर का लेपन अच्‍छी तरह मलकर और रगड़कर लगाना चाहिए। श्री हनुमान जी को चोला सृष्टि क्रम (पैरों से मस्तक तक चढ़ाने में देवता सौम्य रहते हैं) में चढ़ाना चाहिए। संहार क्रम (मस्तक से पैरों तक चढ़ाने में देवता उग्र हो जाते हैं)। यदि आपको कोई मनोकामना पूरी करनी है तो पहले उग्र क्रम से चढ़ाये मनोकामना पूरी होने के बाद सोम्य क्रम में चढ़ाये।
  9. विशेष ध्यान: चोला चढ़ाने समय साधक की श्वास प्रतिमा पर नहीं लगनी चाहिए।
  10. श्रृंगार: चोला सही प्रकार से लगाने के बाद बाद भगवान जी को चांदी/सोने का वर्क (Silver Foil)/माली पन्ना (चमकीला कागज) लगाना चाहिए।
  11. वस्त्र और जनेऊ: इसके बाद बजरंगबली महाराज को लाल लंगोट या वस्त्र पहनाएं और उन्हें जनेऊ धारण करना चाहिए।
  12. माला और भोग: भगवान हनुमान जी को लाल गुलाब या गेंदे की माला पहनाकर तुलसी का पत्ता सहित बूंदी या लड्डू का भोग लगाये।
  13. आरती और चालीसा: चमेली के तेल या शुद्ध घी का दीपक जलाकर हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) का पाठ करें और अंत में कपूर से आरती उतारकर अपनी मनोकामना मांगें।

सलाह: कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।

महत्वपूर्ण जानकारी: आपकी समस्या के अनुसार सिद्ध किये गये असली रूद्राक्ष यहां से खरीदें

🌟 वास्तु और ज्योतिषीय रहस्य: क्यों चढ़ाया जाता है चोला?

प्रसिद्ध ज्योतिषी और वास्तु विशेषज्ञ पंडित ललित त्रिवेदी जी बताते हैं कि सिंदूर मंगल ग्रह (Mars) का और तेल शनि ग्रह (Saturn) का प्रतीक है। जब हम हनुमान जी को चमेली के तेल में सिंदूर घोलकर चढ़ाते हैं, तो जन्म कुंडली से ‘मंगल दोष’ और भयंकर ‘शनि की साढ़ेसाती/ढैय्या, दशा या अंतरदशा या राहू या केतु की दशा या अंतरदशा’ का प्रभाव तुरंत भस्म हो जाता है।

श्री हनुमान जी को चोला चढाने से साधक को श्री हनुमान जी कृपा प्राप्त होती हैं। ऐसा करने से श्री हनुमान जी प्रसन्न होते हैं।

वास्तु के अनुसार, यदि घर की दक्षिण दिशा (South Direction) में दोष है, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं या कोर्ट-कचहरी के मामले हो रहे हैं, तो लगातार 11 मंगलवार चोला चढ़ाने का संकल्प लें।

हनुमान जी को चोला चढ़ाने से साधक के संकट और रोग दूर हो जाते हैं।

जातक की दीर्घायु (लम्बी आयु) होती है।

इसके साथ ही, जीवन में अपार साहस, शत्रुओं पर अजेय विजय और हनुमान जी की साक्षात कृपा प्राप्त करने के लिए गले में सिद्ध किया हुआ ’11 मुखी रुद्राक्ष’ (11 Mukhi Rudraksha) धारण करना सबसे अमोघ ज्योतिषीय उपाय है। 11 मुखी रुद्राक्ष को भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार यानी साक्षात ‘हनुमान जी का स्वरूप’ माना गया है।

⚠️ चोला चढ़ाते समय भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां (Strict Rules)

  1. महिलाओं के लिए नियम: परंपरागत और शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार, महिलाओं को भगवान हनुमान की मूर्ति को सीधे स्पर्श करने और चोला चढ़ाने की मनाही है। वैसे ऐसा कोई शास्त्रीय प्रमाण नहीं हैं परन्तु श्री हनुमान जी ब्रह्मचारी होने के कारण से ऐसा करने को मनाही किया गया हैं हालांकि, इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं है कि महिलाएं हनुमान जी की पूजा या भक्ति नहीं कर सकती हैं। इस मान्यता के पीछे कुछ गहरे आध्यात्मिक और पौराणिक कारण हैं।
  2. ब्रह्मचर्य का पालन: जिस दिन (या जितने मंगलवार) आप चोला चढ़ाने का संकल्प लें, उस दिन पूर्ण रूप से ब्रह्मचर्य का पालन करें और सात्विक भोजन (बिना लहसुन-प्याज) ही ग्रहण करें।
  3. काले कपड़ों का परहेज: चोला चढ़ाते समय या हनुमान जी की पूजा में भूलकर भी काले या नीले रंग के कपड़े न पहनें। हमेशा लाल, पीले या नारंगी वस्त्र धारण करें।

Hanuman Ji Ko Chola Chadane Ki Vidhi❓अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: हनुमान जी को कितने मंगलवार चोला चढ़ाना चाहिए?

Ans: अपनी मनोकामना के अनुसार आप 5, 11 या 21 मंगलवार (या शनिवार) तक चोला चढ़ाने का संकल्प ले सकते हैं। लगातार चोला चढ़ाने से कार्य 100% सिद्ध होता है।

Q2: क्या घर के मंदिर में हनुमान जी को चोला चढ़ा सकते हैं?

Ans: घर के मंदिर में छोटी मूर्तियों पर हल्का सिंदूर लगाया जा सकता है, लेकिन पूर्ण विधि-विधान से चोला हमेशा किसी स्थापित मंदिर (प्राण-प्रतिष्ठित मूर्ति) में ही चढ़ाना सर्वाधिक फलदायी होता है।

Q3: चोला चढ़ाने का सबसे सही समय क्या है?

Ans: चोला चढ़ाने के लिए मंगलवार की सुबह (सूर्योदय के बाद) या शनिवार की शाम (सूर्यास्त के बाद) का समय सबसे उत्तम माना जाता है।

निष्कर्ष: बजरंगबली को चोला चढ़ाना केवल एक कर्मकांड नहीं, बल्कि भगवान के प्रति अपना सर्वस्व समर्पण करने की विधि है। Freeupay.in पर बताई गई इस प्रामाणिक विधि और नियमों का पालन करके आज ही हनुमान जी को चोला अर्पित करें। आपके जीवन के सारे संकट छंट जाएंगे।

अभी शेयर करें: यह अत्यंत पुण्यदायी जानकारी है। इसे अपने परिवार, दोस्तों और सभी WhatsApp ग्रुप्स में तुरंत शेयर करें ताकि अन्य रामभक्त भी इसका लाभ उठा सकें!

वैदिक उपाय और 30 साल फलादेश के साथ जन्म कुंडली बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े

10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Leave a Comment

Call Us Now
WhatsApp
We use cookies in order to give you the best possible experience on our website. By continuing to use this site, you agree to our use of cookies.
Accept