WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Katyayani Ki Aarti Lyrics in Hindi: नवरात्रि के छठे दिन पढ़ें मां कात्यायनी की चमत्कारी आरती (PDF), शीघ्र विवाह और मनचाहे वर की होगी प्राप्ति

Katyayani Ki Aarti: हमारे सनातन धर्म में नवरात्रि के छठावें दिन नवदुर्गा के छठे स्वरूप ‘मां कात्यायनी’ के लिए समर्पित होता है। इस दिन आदिशक्ति मां दुर्गा की षष्ठम रूप और असुरों तथा दुष्टों का नाश करने वाली भगवती कात्यायनी की पूजा की जाती है। कात्यायनी देवी दुर्गा जी का छठा अवतार हैं। महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होने के बाद ही उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लेने के कारण इस देवी का नाम ‘कात्यायनी’ पड़ा। माता का यह स्वरूप अत्यंत भव्य और दिव्य है।

Katyayani Ki Aarti: मां कात्यायनी की आरती, रोज़ाना गाने से मिलेगा मनचाहा जीवनसाथी और अपार सफलता

हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।

हर समस्या का फ्री उपाय (Free Upay) जानने के लिए हमारे WhatsApp Channel (व्हात्सप्प चैनल) से जुड़ें: यहां क्लिक करें (Click Here)

Katyayani Ki Aarti
Katyayani Ki Aarti

शास्त्रों के अनुसार, द्वापर युग में गोपियों ने भगवान श्रीकृष्ण को पति रूप में पाने के लिए मां कात्यायनी की ही पूजा की थी। मान्यता है कि जो भी भक्त या विवाह योग्य युवक-युवती पूर्ण श्रद्धा के साथ ‘मां कात्यायनी की आरती’ (Maa Katyayani Aarti) गाते हैं, उनके विवाह में आ रही हर प्रकार की बाधा (जैसे मांगलिक दोष) तुरंत समाप्त हो जाती है और उन्हें सुयोग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है। Freeupay.in के इस विशेष लेख में पढ़ें मां कात्यायनी की संपूर्ण आरती (Katyayani Ki Aarti), इसे करने के सटीक नियम और अचूक लाभ।

ऑनलाइन सलाह (Online): कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन (Call Button) पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।

महत्वपूर्ण जानकारी: एक सिद्ध किया हुआ असली रूद्राक्ष आपकी दशा और दिशा दोनों बदल सकता हैं? अभी यहां से खरीदें

ऑफलाइन सलाह (Offline): कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए हमसे मिलने के लिए यहाँ तुरंत सम्पर्क करें: क्लिक हियर (Click Here)

🌺 क्विक लिस्ट: मां कात्यायनी की आरती करने के 5 चमत्कारिक लाभ (Katyayani Ki Aarti Benefits)

मां कात्यायनी की आरती (Katyayani Ki Aarti) की जानकारी पाने के लिए इस टेबल को पढ़ें। जानिए मां कात्यायनी की आरती गाने से आपके जीवन में क्या बड़े बदलाव आते हैं:

आरती का प्रभाव (Effects)मां कात्यायनी की आरती के अचूक लाभ (Benefits)
शीघ्र विवाह (Early Marriage)विवाह में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और सुयोग्य व मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति होती है।
मांगलिक दोष और गुरु चांडाल दोष से मुक्तिकुंडली में विवाह के कारक ग्रह (गुरु और शुक्र) बलवान होते हैं और वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है।
शत्रुओं और रोगों का नाशमाता कात्यायनी अमोघ फलदायिनी हैं, इनकी आरती से बड़े से बड़े शत्रु और बीमारियां दूर भाग जाती हैं।
आरती का सर्वोत्तम समयनवरात्रि के छठे दिन या रोज़ाना गोधूलि बेला (शाम के समय) शुद्ध घी का दीपक जलाकर आरती करना सर्वश्रेष्ठ है।

📿 मां कात्यायनी की आरती (Katyayani Mata Aarti Lyrics)

पूर्ण पवित्रता और श्रद्धा के साथ माता कात्यायनी का ध्यान करें, हाथ में शुद्ध घी का दीपक लें और इस पावन आरती (Katyayani Ki Aarti) का गान करें:

सलाह: कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।

महत्वपूर्ण जानकारी: आपकी समस्या के अनुसार सिद्ध किये गये असली रूद्राक्ष यहां से खरीदें

जय अम्बे जय कात्यायनी। जय जग माता जग की महारानी॥

बैजनाथ स्थान तुम्हारा। वहावर दाती नाम पुकारा॥

कई नाम है कई धाम है। यह स्थान भी तो सुखधाम है॥

हर मन्दिर में ज्योत तुम्हारी। कही योगेश्वरी महिमा न्यारी॥

हर जगह उत्सव होते रहते। हर मन्दिर में भगत है कहते॥

कत्यानी रक्षक काया की। ग्रंथि काटे मोह माया की॥

झूठे मोह से छुडाने वाली। अपना नाम जपाने वाली॥

बृहस्पतिवार को पूजा करिए। ध्यान कात्यानी का धरिये॥

हर संकट को दूर करेगी। भंडारे भरपूर करेगी॥

जो भी माँ को भक्त पुकारे। कात्यायनी सब कष्ट निवारे॥

(आरती पूर्ण होने के बाद माता कात्यायनी को साष्टांग प्रणाम करें, कर्पूर या दीपक की लौ से आरती लें और शीघ्र विवाह व सुख-शांति की प्रार्थना करें।)

संपर्क करें- पंडित ललित त्रिवेदी: Contact us for Astrologer Consultation (+91-9667189678)

किसी भी प्रकार के ज्योतिष एवं वास्तु संबंधी परामर्श के लिए वास्तु ज्योतिष पंडित ललित त्रिवेदी से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं, जैसे कि धन, स्वास्थ्य, व्यापार, करियर, नौकरी आदि जैसी समस्याएं। वास्तु विजिट भी करवा सकते हैं, तथा वास्तु परामर्श भी प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी प्रकार के कुंडली मिलान, विवाह मुहूर्त, गृह प्रवेश या अन्य सभी प्रकार के मुहूर्त एवं शुभ समय निकलवाने के लिए तुरंत संपर्क करें।

🌟 विवाह बाधा दूर करने का अचूक ज्योतिषीय रहस्य

राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ स्थित प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ पंडित ललित त्रिवेदी जी बताते हैं कि वैदिक ज्योतिष में मां कात्यायनी ‘बृहस्पति’ (Jupiter) ग्रह को नियंत्रित करती हैं। जब किसी जातक की जन्म कुंडली में गुरु कमज़ोर होता है या सप्तम भाव (विवाह भाव) पीड़ित होता है, तो रिश्ते आते ही नहीं हैं, और यदि आते हैं तो पक्के नहीं होते।

ग्रहों के इन मारक दोषों को 100% शून्य करने, मनचाहा जीवनसाथी पाने और शीघ्र विवाह के मार्ग की हर बाधा को नष्ट करने के लिए साक्षात शिव-पार्वती का स्वरूप ‘गौरी शंकर रुद्राक्ष’ (Gauri Shankar Rudraksha) धारण करना सबसे शक्तिशाली और अमोघ ज्योतिषीय ‘कवच’ है। इसे गले में धारण करके रोज़ाना मां कात्यायनी की आरती करने वाले युवक-युवतियों के रिश्ते तुरंत पक्के होने लगते हैं और वैवाहिक जीवन अत्यंत मधुर होता है।

जानें: रुद्राक्ष कौन-कौनसी समस्या को दूर कर सकता हैं?

सलाह: कुंडली विश्लेषण या फिर जीवन में जुड़ी किसी समस्या संबधित समाधान के लिए तुरंत नीचे दिए गये कॉल बटन पर क्लिक करके आचार्य पंडित ललित त्रिवेदी से तुरंत सम्पर्क करें।

⚠️ मां कात्यायनी की आरती करते समय रखें इन 3 कड़े नियमों का ध्यान (Rules for reciting Katyayani Ki Aarti)

  1. शहद (Honey) का भोग: मां कात्यायनी को शहद अत्यंत प्रिय है। आरती से पहले माता को शुद्ध शहद का भोग अवश्य लगाएं। इससे व्यक्ति के व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ता है और दांपत्य जीवन में मिठास आती है।
  2. प्रिय रंग (Lucky Color): माता कात्यायनी को लाल (Red) और पीला (Yellow) रंग अत्यंत प्रिय है। आरती करते समय लाल या पीले रंग के वस्त्र पहनना बहुत शुभ माना जाता है। माता को लाल गुलाब अवश्य अर्पित करें।
  3. विवाह का अचूक मंत्र: आरती के बाद कन्याओं को मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए “ॐ कात्यायनी महामाये महायोगिन्यधीश्वरि। नन्दगोपसुतं देवि पतिं मे कुरु ते नमः॥” मंत्र का 108 बार जाप (रुद्राक्ष की माला से) अवश्य करना चाहिए।

Katyayani Ki Aarti❓अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: मां कात्यायनी का बीज मंत्र क्या है?

Ans: माता का अत्यंत शक्तिशाली बीज मंत्र “ॐ ह्रीं क्लीं कात्यायनायै नम:” है। अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए इस मंत्र का रोज़ाना जाप करें।

Q2: मां कात्यायनी की पूजा मुख्य रूप से कौन करता है?

Ans: जिन लड़कियों या लड़कों की शादी में देरी हो रही हो, या वैवाहिक जीवन में अनबन चल रही हो, उनके लिए मां कात्यायनी की पूजा सबसे उत्तम मानी गई है।

Q3: मां कात्यायनी किस ग्रह की शांति के लिए पूजी जाती हैं?

Ans: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मां कात्यायनी ‘बृहस्पति’ (गुरु) ग्रह को नियंत्रित करती हैं। इनकी पूजा करने से गुरु दोष शांत होता है और विवाह व करियर में सफलता मिलती है।

निष्कर्ष: मां कात्यायनी की आरती (Katyayani Ki Aarti) वह अचूक अस्त्र है जो आपके जीवन से हर बाधा और निराशा को मिटाकर असीम खुशियां ला सकती है। Freeupay.in पर दिए गए नियमों के साथ आज ही से अपने घर में इस आरती का गान शुरू करें। माता भवानी की कृपा से जल्द ही आपके घर में शहनाइयां गूंजेंगी और आपको मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होगा।

वैदिक उपाय और 30 साल फलादेश के साथ जन्म कुंडली बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े

10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Leave a Comment

Call Us Now
WhatsApp
We use cookies in order to give you the best possible experience on our website. By continuing to use this site, you agree to our use of cookies.
Accept