Maa Shailputri Aarti 2026: 19 जनवरी, सोमवार को माघ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ होने जा रहा है। यह नवरात्रि का पहला दिन पर्वतराज हिमालय की पुत्री ‘माँ शैलपुत्री’ (Maa Shailputri) को समर्पित माना जाता है।
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हिन्दू धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि पूजा पाठ, मंत्र जाप और भोग लगाने इत्यादि के बाद यदि देवी की आरती (Aarti) न की जाए, तो पूजा अधूरी मानी जाती है। आरती ही वह माध्यम मानी जाती है जिससे हम सभी अपनी पूजा पाठ में हुई जाने या अनजाने गलतियों की क्षमा मांगते हैं। Freeupay.in के इस लेख में हम आपके लिए लाए हैं माँ शैलपुत्री की संपूर्ण आरती हिंदी लिरिक्स के साथ।
🕯️ माँ शैलपुत्री की आरती (Maa Shailputri Aarti Lyrics in Hindi)
19 जनवरी की सुबह और शाम को पूजा समापन बाद के समय कपूर या घी का दीपक जलाकर सपरिवार यह आरती जरुर गाएं:
|| आरती माँ शैलपुत्री जी की ||
शैलपुत्री माँ बैल असवार। करें देवता जय जयकार॥
शिव शंकर की प्रिय भवानी। तेरी महिमा किसी ने ना जानी॥
पार्वती तू उमा कहलावे। जो तुझे सिमरे सो सुख पावे॥
ऋद्धि-सिद्धि परवान करे तू। दया करे धनवान करे तू॥
सोमवार को शिव संग प्यारी। आरती जिसने तेरी उतारी॥
उसकी सगरी आस पुजा दो। सगरे दुख तकलीफ मिटा दो॥
घी का सुंदर दीप जला के। गोला गरी का भोग लगा के॥
श्रद्धा भाव से मंत्र गाएं। प्रेम सहित फिर शीश झुकाएं॥
जय गिरिराज किशोरी अंबे। शिव मुख चंद्र चकोरी अंबे॥
मनोकामना पूर्ण कर दो। भक्त सदा सुख संपत्ति भर दो॥
🙏 आरती करने की सही विधि (Aarti Vidhi)
किसी भी आरती का पूर्ण फल तभी मिलता है जब इसे सही तरीके से किया जाए:
- दीपक: एक थाली लेकर उस पर एक स्वास्तिक बनाएं। उसके बाद उस पर एक घी का दीपक या कपूर रखकर जलाये।
- घूमने की दिशा: आरती की तैयार की गई थाली को हमेशा घड़ी की दिशा में (Clockwise) घुमाना चाहिए।
- भाव: आरती करते या गाते समय ताली बजाएं या घंटी बजाना चाहिए। ऐसा करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) नष्ट होती है।
- क्षमा प्रार्थना: आरती पूरी होने के बाद आरती वाली थाली पर जल घुमाएं और देवी माँ से भूल-चूक की माफी मांगें।
🍯 माँ शैलपुत्री को क्या भोग लगाएं? (Bhog for Day 1)
आरती करने से ठीक पहले माँ को भोग लगाना जरूरी है।
- भोग: नवरात्रि के पहले दिन माँ शैलपुत्री को गाय के शुद्ध घी (Desi Ghee) का भोग लगाना चाहिए।
- फल: भोग लगाने के बाद यह घी या उससे बनी मिठाई प्रसाद रूप में ग्रहण करनी चाहिए। इससे शरीर निरोगी रहता है।
Maa Shailputri Aarti 2026 ❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: माँ शैलपुत्री की आरती कब करनी चाहिए?
Ans: कलश स्थापना और मंत्र जाप के बाद अंत में आरती करनी चाहिए। सुबह और शाम (संध्या काल) दोनों समय आरती करना शुभ होता है।
Q2: माँ शैलपुत्री का मंत्र क्या है?
Ans: माँ का बीज मंत्र है— || ॐ ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्यै नमः ||
Q3: आरती कपूर से करें या घी के दीये से?
Ans: आप दोनों का इस्तेमाल कर सकते हैं। कपूर की आरती वातावरण को शुद्ध करती है और वास्तु दोष मिटाती है।
निष्कर्ष: माँ शैलपुत्री धैर्य और शक्ति की देवी हैं। 19 जनवरी 2026 को Freeupay.in पर दी गई इस आरती के साथ अपनी पूजा संपन्न करें। माँ भगवती आपके परिवार पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखेंगी।
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