Maa Shailputri Puja Vidhi 2026: गुप्त नवरात्रि के पहले दिन ऐसे करें माँ शैलपुत्री की पूजा, चंद्र दोष होगा दूर और मिलेगा आरोग्य
Maa Shailputri Puja Vidhi 2026: माघ गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ कल 19 जनवरी 2026 (सोमवार) से हो रहा है। नवरात्रि का पहला दिन (Prathama Tithi) नवदुर्गा के प्रथम स्वरूप ‘माँ शैलपुत्री’ (Maa Shailputri) को समर्पित है।
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पर्वतराज हिमालय की पुत्री होने के कारण इन्हें शैलपुत्री कहा जाता है। बैल पर सवार और हाथ में त्रिशूल धारण करने वाली माँ शैलपुत्री की पूजा करने से जीवन में स्थिरता (Stability) आती है और चंद्रमा से जुड़े दोष दूर होते हैं। Freeupay.in के इस लेख में जानें पहले दिन की संपूर्ण पूजा विधि, सामग्री और मुहूर्त।
🕰️ पहले दिन का शुभ मुहूर्त (Day 1 Puja Muhurat)
19 जनवरी को पूजा और कलश स्थापना के लिए ये मुहूर्त श्रेष्ठ हैं:
| विवरण (Details) | समय (Time) |
| तारीख | 19 जनवरी 2026 (सोमवार) |
| सुबह का शुभ मुहूर्त | सुबह 09:43 बजे से 10:58 बजे तक |
| अभिजीत मुहूर्त (दोपहर) | दोपहर 12:10 बजे से 12:55 बजे तक |
| राहुकाल (वर्जित समय) | सुबह 07:30 बजे से 09:00 बजे तक (पूजा न करें) |
📋 पूजा सामग्री लिस्ट (Puja Samagri List)
पूजा शुरू करने से पहले थाली में ये चीजें रख लें:
- माँ के लिए: श्री दुर्गा माँ / माँ शैलपुत्री देवी की प्रतिमा या फोटो, एक छोटी चुनरी, एक बड़ी चुनरी, माता का श्रृंगार का सामान, लाल या सफेद फूल (गुड़हल/कनेर), सिंदूर, अक्षत (चावल)।
- भोग: शुद्ध देशी घी (गाय का)।
- अन्य: कलावा, लाल कपड़ा, चौकी, कलश, नारियल, आम के पत्ते, कुमकुम, सफ़ेद झंडा, पान-सुपारी, कपूर, जौ, नारियल, जायफल, लौंग, मिश्री, बताशे, आम के पत्ते, केले, धूप, दीपक, उपला, सूखे मेवे, मिठाई, गंगाजल और कपूर।
🙏 माँ शैलपुत्री पूजा विधि: स्टेप-बाय-स्टेप (Step-by-Step Vidhi)
19 जनवरी की सुबह स्नान करके सफेद या लाल वस्त्र पहनें और इस विधि से पूजा करें:
नवरात्र के पहले दिन सूर्योदय से पूर्व उठकर नित्य कर्म से निवृत होकर स्नान आदि करके साफ कपड़े धारण करें।
1. संकल्प और कलश स्थापना (Sankalp)
उसके बाद शुभ मुहूर्त में घटस्थापना और कलश स्थापना करने बाद माता शैलपुत्री के रूप का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें। सबसे पहले अपने हाथ में जल और फूल लेकर व्रत करने का संकल्प लें। (घटस्थापना और कलश स्थापना मुहूर्त हमारे पिछले आर्टिकल में देखें)।
2. माँ का आवाहन (Invocation)
कलश स्थापना के बाद माँ शैलपुत्री की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाएं। उनका ध्यान करें कि वे नंदी (बैल) पर सवार हैं और आपको आशीर्वाद दे रही हैं।
3. स्नान और श्रृंगार (Shodashopchar Puja)
- माँ को जल और गंगाजल से स्नान कराएं (सांकेतिक)।
- उन्हें लाल चुनरी और सिंदूर अर्पित करें।
- माँ शैलपुत्री को सफेद फूल (White Flowers), सफेद वस्त्र पहनाये या चढ़ाये अत्यत प्रिय हैं, उन्हें जरूर चढ़ाएं।
4. भोग (Bhog Ritual)
नवरात्रि के पहले दिन गाय के शुद्ध घी (Desi Ghee) का भोग लगाने का नियम है।
- एक पान के पत्ते पर या कटोरी में घी रखें और माँ को अर्पित करें।
- मान्यता: घी का भोग लगाने से शरीर के रोग और कष्ट दूर होते हैं।
5. मंत्र और आरती (Mantra & Aarti)
भोग लगाने के बाद माँ के बीज मंत्र का 108 बार जाप करें:
|| ॐ ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्यै नमः || या
|| ॐ देवी शैलपुत्र्यै नमः || या
|| वन्दे वाञ्छितलाभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारुढां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम् ||
अंत में कपूर जलाकर माँ शैलपुत्री की आरती गाएं और क्षमा प्रार्थना करें।
🌟 माँ शैलपुत्री की पूजा क्यों जरूरी है? (Significance)
- चंद्र दोष निवारण: ज्योतिष के अनुसार, माँ शैलपुत्री चंद्रमा (Moon) को नियंत्रित करती हैं। इनकी पूजा से मानसिक तनाव, डिप्रेशन और घबराहट दूर होती है।
- मूलाधार चक्र: जो लोग योग साधना करते हैं, वे पहले दिन अपने ‘मूलाधार चक्र’ को जाग्रत करने के लिए माँ शैलपुत्री का ध्यान करते हैं।
- वैवाहिक सुख: वृषभ (बैल) भगवान शिव का वाहन है। माँ शैलपुत्री की पूजा से भगवान शिव भी प्रसन्न होते हैं और दांपत्य जीवन सुखी होता है।
🌟 माँ शैलपुत्री पूजा के लाभ व फायदे (Benefits Shailputri Puja)
👉 मां शैलपुत्री देवी की उपासना करने से कन्याओं को उत्तम वर की प्राप्ति होती है।
👉 जातक के जीवन में इस स्वरूप की उपासना से स्थिरता और दृढ़ता आती है।
👉 जिस व्यक्ति को बिमारियों ने घेरा हुआ हो तो मां शैलपुत्री पूजा व्यक्ति का मन एवं शरीर दोनों ही निरोगी रहता है।
👉 मां शैलपुत्री पूजा करने से जातक के जीवन में चंद्रमा के द्वारा पड़ने वाले बुरे प्रभावों से मुक्ति मिलती हैं।
Maa Shailputri Puja Vidhi 2026 ❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: नवरात्रि के पहले दिन किस रंग के कपड़े पहनें?
Ans: माँ शैलपुत्री को सफेद (White), लाल (Red) या पीला (Yellow) रंग पसंद है। काले कपड़े पहनने से बचें।
Q2: क्या बिना कलश स्थापना के पूजा कर सकते हैं?
Ans: जी हाँ, अगर आप 9 दिन का व्रत नहीं रख रहे, तो बिना कलश के भी सामान्य पूजा कर सकते हैं।
Q3: माँ शैलपुत्री को घी का भोग क्यों लगाते हैं?
Ans: घी आरोग्यता (Health) का प्रतीक है। पहले दिन घी चढ़ाने से साल भर स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
निष्कर्ष: नवरात्रि का पहला दिन आधारशिला (Foundation) है। 19 जनवरी 2026 को Freeupay.in द्वारा बताई गई Maa Shailputri Puja Vidhi से पूजा करें। माँ आपकी भक्ति से प्रसन्न होकर आपको स्वस्थ और संपन्न रखेंगी।
अगले 9 दिनों की पूजा विधि और भोग के लिए Freeupay.in को फॉलो करना न भूलें।
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