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Vishwakarma Ashtottara Shatanamavali Lyrics in Sanskrit & Hindi 2026: विश्वकर्मा जयंती पर इन 108 नामों से दें आहुति, दूकान और फैक्ट्री में होगी पैसों की बारिश

Vishwakarma Ashtottara Shatanamavali 2026: 31 जनवरी को विश्वकर्मा जयंती पर इन 108 मंत्रों से करें हवन, चमक जाएगी किस्मत

Vishwakarma Ashtottara Shatanamavali 2026: क्या आप आने वाली विश्वकर्मा जयंती (31 जनवरी 2026 (शनिवार) को अपनी फैक्ट्री या दुकान में हवन (Havan) करने के बारे में सोच विचार कर रहे हैं? यह तो आपको पता होगा की विश्वकर्मा जयंती पर हवन करना व्यापार वृद्धि के लिए सबसे शुभ माना जाता है।

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Vishwakarma Ashtottara Shatanamavali
Vishwakarma Ashtottara Shatanamavali 2026

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हमारे हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, जब हम भगवान विश्वकर्मा के नीचे बताये गये इन 108 नामों (Ashtottara Shatanamavali) का उच्चारण करते हुए अग्नि में आहुति देते हैं या मूर्ति पर फूल चढ़ाते (अर्पित) हैं, तो व्यक्ति के व्यापार में आ रही बड़ी से बड़ी बाधा भी जलकर राख हो जाती है। Freeupay.in के इस लेख में पढ़ें संपूर्ण 108 नामावली।

🛠️ श्री विश्वकर्मा अष्टोत्तर शतनामावली (108 Names for Havan/Puja)

इस विश्वकर्मा जयंती 31 जनवरी (शनिवार) को पूजा अर्चना करने के बाद, नीचे दिए गए हर नाम के अंत में ‘नमः’ बोलकर एक फूल चढ़ाएं या फिर ‘नमः’ के स्थान पर ‘स्वाहा’ बोलकर हवन कुंड में सामग्री डालकर आहुति दें।

  1. ॐ विश्वकर्मणे नमः ।
  2. ॐ विश्वात्मने नमः ।
  3. ॐ विश्वस्म्यै नमः ।
  4. ॐ विश्वधाराय नमः ।
  5. ॐ विश्वधर्माय नमः ।
  6. ॐ विरजे नमः ।
  7. ॐ विश्वेश्वराय नमः ।
  8. ॐ विष्णवे नमः ।
  9. ॐ विश्वधराय नमः ।
  10. ॐ विश्वकराय नमः । 
  11. ॐ वास्तोष्पतये नमः ।
  12. ॐ विश्वम्भराय नमः ।
  13. ॐ वर्मिणे नमः ।
  14. ॐ वरदाय नमः ।
  15. ॐ विश्वेशाधिपतये नमः ।
  16. ॐ वितलाय नमः ।
  17. ॐ विशभुजे नमः ।
  18. ॐ विश्वव्यापिने नमः ।
  19. ॐ देवाय नमः ।
  20. ॐ धर्मिणे नमः । 
  21. ॐ धीराय नमः ।
  22. ॐ धराय नमः ।
  23. ॐ परात्मने नमः ।
  24. ॐ पुरुषाय नमः ।
  25. ॐ धर्मात्मने नमः ।
  26. ॐ श्वेताङ्गाय नमः । 
  27. ॐ श्वेतवस्त्राय नमः ।
  28. ॐ हंसवाहनाय नमः ।
  29. ॐ त्रिगुणात्मने नमः ।
  30. ॐ सत्यात्मने नमः । 
  31. ॐ गुणवल्लभाय नमः ।
  32. ॐ भूकल्पाय नमः ।
  33. ॐ भूलोकाय नमः ।
  34. ॐ भुवर्लोकाय नमः ।
  35. ॐ चतुर्भुजाय नमः ।
  36. ॐ विश्वरूपाय नमः ।
  37. ॐ विश्वव्यापकाय नमः ।
  38. ॐ अनन्ताय नमः ।
  39. ॐ अन्ताय नमः ।
  40. ॐ आह्मने नमः ।
  41. ॐ अतलाय नमः । 
  42. ॐ अद्यात्मने नमः ।
  43. ॐ अनन्तमुखाय नमः ।
  44. ॐ अनन्तभुजाय नमः ।
  45. ॐ अनन्तचक्षुषे नमः ।
  46. ॐ अनन्तकल्पाय नमः ।
  47. ॐ अनन्तशक्तिभृते नमः ।
  48. ॐ अतिसूक्ष्माय नमः ।
  49. ॐ त्रिनेत्राय नमः ।
  50. ॐ कम्बिधराय नमः ।
  51. ॐ ज्ञानमुद्राय नमः । 
  52. ॐ सूत्रात्मने नमः ।
  53. ॐ सूत्रधराय नमः ।
  54. ॐ महर्लोकाय नमः ।
  55. ॐ जनलोकाय नमः ।
  56. ॐ तपोलोकाय नमः ।
  57. ॐ सत्यलोकाय नमः ।
  58. ॐ सुतलाय नमः ।
  59. ॐ तलातलाय नमः ।
  60. ॐ महातलाय नमः ।
  61. ॐ रसातलाय नमः । 
  62. ॐ पातालाय नमः ।
  63. ॐ मनुषपिणे नमः ।
  64. ॐ त्वष्ट्रे नमः ।
  65. ॐ देवज्ञाय नमः ।
  66. ॐ पूर्णप्रभाय नमः ।
  67. ॐ हृदयवासिने नमः ।
  68. ॐ दुष्टदमनाय नमः ।
  69. ॐ देवधराय नमः ।
  70. ॐ स्थिरकराय नमः ।
  71. ॐ वासपात्रे नमः । ७०
  72. ॐ पूर्णानन्दाय नमः ।
  73. ॐ सानन्दाय नमः ।
  74. ॐ सर्वेश्वराय नमः ।
  75. ॐ परमेश्वराय नमः ।
  76. ॐ तेजात्मने नमः ।
  77. ॐ परमात्मने नमः ।
  78. ॐ कृतिपतये नमः । 
  79. ॐ बृहद् स्मण्य नमः ।
  80. ॐ ब्रह्माण्डाय नमः ।
  81. ॐ भुवनपतये नमः । 
  82. ॐ त्रिभुवनाय नमः ।
  83. ॐ सनातनाय नमः ।
  84. ॐ सर्वादये नमः ।
  85. ॐ कर्षापणाय नमः ।
  86. ॐ हर्षाय नमः ।
  87. ॐ सुखकर्त्रे नमः ।
  88. ॐ दुःखहर्त्रे नमः ।
  89. ॐ निर्विकल्पाय नमः ।
  90. ॐ निर्विधाय नमः ।
  91. ॐ निस्स्माय नमः । 
  92. ॐ निराधाराय नमः ।
  93. ॐ निराकाराय नमः ।
  94. ॐ महादुर्लभाय नमः ।
  95. ॐ निर्मोहाय नमः ।
  96. ॐ शान्तिमूर्तये नमः ।
  97. ॐ शान्तिदात्रे नमः ।
  98. ॐ मोक्षदात्रे नमः ।
  99. ॐ स्थविराय नमः ।
  100. ॐ सूक्ष्माय नमः ।
  101. ॐ निर्मोहाय नमः । 
  102. ॐ धराधराय नमः ।
  103. ॐ स्थितिस्माय नमः ।
  104. ॐ विश्वरक्षकाय नमः ।
  105. ॐ दुर्लभाय नमः ।
  106. ॐ स्वर्गलोकाय नमः ।
  107. ॐ पञ्चवक्त्राय नमः ।
  108. ॐ विश्ववल्लभाय नमः । 

|| इति विश्वकर्माष्टोत्तरशतनामावलिः सम्पूर्णा ||

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🌟 108 नामों के पाठ के 3 बड़े फायदे (Benefits)

  1. फैक्ट्री में शांति: इस श्री विश्वकर्मा अष्टोत्तर शतनामावली (108 नामों) मंत्रों से हवन करने पर दुकान या फैक्ट्री का वातावरण शुद्ध होता है। इससे आपके लेबर (Workers) के बीच आपस में झगड़े नहीं होते और आपके सभी काम शांति से चलते है।
  2. मशीन ब्रेकडाउन से मुक्ति: यह श्री विश्वकर्मा अष्टोत्तर शतनामावली के नामों के जाप से आपकी फैक्ट्री में मौजूद मशीनों का एक ‘सुरक्षा चक्र’ बन जाता है। विश्वकर्मा जयंती (31 जनवरी) के दिन इसका पाठ करने से व्यक्ति की साल भर मशीनों में कोई बड़ी खराबी नहीं आती है।
  3. सरकारी बाधा दूर: अगर आपके बिजनेस में किसी प्रकार की कोई सरकारी अड़चन या टैक्स संबधित समस्या आ रही है, तो बताये गये इन 108 नामों का जाप करके नारियल फोड़ें, आपकी समस्या सुलझ जाएगी।

🙏 विश्वकर्मा जयंती हवन और पूजा विधि (Havan Vidhi for 31 Jan)

  • शुभ मुहूर्त: आपको 31 जनवरी की सुबह 08:30 से 10:45 बजे के बीच हवन करना अत्यंत शुभकारी रहेगा।
  • सामग्री: हवन में आम की लकड़ी, घी, तिल, जौ, शक्कर और हवन सामग्री का प्रयोग करें।
  • विधि:
    1. सबसे पहले आपको श्री गणेश जी का ध्यान करके आवाहन करें।
    2. फिर हवन कुंड में कपूर रखकर उस पर आम की लकड़ी रखकर अग्नि प्रज्वलित करें।
    3. ऊपर दिए गए इन 108 नामों के साथ अंत में “स्वाहा” बोलते हुए बनाई गई हवन सामग्री की 108 आहुतियां दें।
    4. अंत में विश्वकर्मा आरती करें और प्रसाद का वितरण करें।

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❓ Vishwakarma Ashtottara Shatanamavali Lyrics in Sanskrit & Hindi 2026: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: क्या बिना पंडित के हवन कर सकते हैं?

Ans: जी हाँ! भगवान विश्वकर्मा भाव के भूखे हैं। आप स्वयं या अपने स्टाफ के साथ मिलकर श्रद्धा से यह 108 नाम बोलकर हवन कर सकते हैं।

Q2: ‘नमः’ बोलें या ‘स्वाहा’?

Ans: अगर आप फूल चढ़ा रहे हैं, तो “नमः” बोलें (जैसे: ॐ विश्वकर्मणे नमः)। अगर आप हवन (आग में आहुति) कर रहे हैं, तो “स्वाहा” बोलें (जैसे: ॐ विश्वकर्मणे स्वाहा)।

Q3: विश्वकर्मा जयंती 31 जनवरी को ही क्यों?

Ans: माघ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी (31 जनवरी 2026) को भगवान विश्वकर्मा का प्राकट्य दिवस (Birthday) माना जाता है। यह दिन पूजा के लिए अत्यंत शुभ है।

निष्कर्ष: भगवान विश्वकर्मा के 108 नाम सफलता की चाबी हैं। 31 जनवरी 2026 को Freeupay.in पर दी गई इस Shatanamavali के साथ अपनी पूजा संपन्न करें। आपका कारोबार नई ऊंचाइयों को छुएगा।

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