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Vishwakarma Puja Vidhi 2026: Step-by-Step श्री विश्वकर्मा पूजा विधि 2026: जानें संपूर्ण पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, सामग्री लिस्ट और आरती

Vishwakarma Puja Vidhi 2026: 31 जनवरी को मनाएं भगवान विश्वकर्मा का जन्मदिन, मशीनों की पूजा से चमकेगा कारोबार

Vishwakarma Puja Vidhi 2026: हिंदू मान्याओं के अनुसार भगवान विश्वकर्मा ने ही ब्रह्मांड का निर्माण किया है और इन्हें दुनिया का पहला वास्तुकार माना जाता है। इस दिन लोग अपने संस्थान, कारखानों और यंत्रों को एक स्थान पर रखकर श्री विश्वकर्मा पूजा करते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार दुनिया में मौजूद हर चीज का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने किया था। इनमें से प्रमुख, स्वर्ग लोक, सोने की लंका, और द्वारका आदि सभी का निर्माण भगवान विश्वकर्मा ने ही किया है।

हिंदू धर्म में विश्वकर्मा को देवताओं का शिल्पकार माना जाता है। इस दिन लोग विश्वकर्मा देवता की पूजा करते है और अपने औजारों की साफ सफाई करते है, उनकी पूजा करते है। इस पोस्ट की सहायता से आप भी विश्वकर्मा जयंती के दिन पूजा विधि सही तरह से कर सकते है।

हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।

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Vishwakarma Puja Vidhi 2026
Vishwakarma Puja Vidhi 2026

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क्या आपका बिजनेस यानि की व्यापार मंदा चल रहा है? या फिर आपकी मशीन में बार-बार कोई ना कोई खराबी आती रहती है? तो आप खुश हो जाइए, क्योंकि 31 जनवरी 2026 (शनिवार) को विश्वकर्मा जयंती (Vishwakarma Jayanti) है। यूं तो विश्वकर्मा पूजा 17 सितंबर को धूमधाम से मनाई जाती है, लेकिन हिन्दू पंचांग के अनुसार माघ शुक्ल त्रयोदशी (31 जनवरी) ही वह दिन है जब दुनिया के पहले इंजीनियर और वास्तुकार भगवान विश्वकर्मा का जन्म हुआ था। इस दिन अपनी गाड़ियों, औजारों और फैक्ट्री की पूजा करने से साल भर तरक्की होती है। Freeupay.in के इस लेख में जानें श्री विश्वकर्मा पूजा की सरल विधि।

श्री विश्वकर्मा पूजा कब की जाती हैं? (When is Vishwakarma Puja Performed)

  • 👉 भगवान विश्वकर्मा का जन्म “माघ माह की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि” को हुआ था।
  • 👉 परन्तु लोक परम्पराओं में “भाद्रपद माह की शुक्ल पक्ष” या “भाद्रपद की संकान्ति” (कन्या की संकान्ति) को भगवान विश्वकर्मा की पूजा जाती है।

📅 विश्वकर्मा जयंती 2026 की सही तारीख (Vishwakarma Jayanti Puja 2026 Date)

वर्ष 2026 में माघ मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को विश्वकर्मा जयंती मनाई जाती है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, यह व्रत 31 जनवरी 2026, शनिवार के दिन रखा जाएगा।

विवरणसमय और तिथि
व्रत की तारीख31 जनवरी 2026 (शनिवार)
तिथि प्रारंभ30 जनवरी 2026 को सुबह 09:41 बजे से
तिथि समाप्त31 जनवरी 2026 को दोपहर 02:50 बजे तक

(नोट: हमारे भारत देश में स्थान के अनुसार समय में थोड़ा परिवर्तन हो जाना संभव है, इसलिए सटिक समय के लिए स्थानीय पंचांग अवश्य देखें।)

🕰️ विश्वकर्मा जयंती 2026: शुभ मुहूर्त (Puja Muhurat)

31 जनवरी (शनिवार) को विश्वकर्मा पूजा के लिए नीचे बताये गये समय सबसे श्रेष्ठ है:

विवरण (Details)समय (Time)
तिथि31 जनवरी 2026 (माघ शुक्ल त्रयोदशी)
दिनशनिवार (शनिदेव और लोहे का दिन – अत्यंत शुभ)
पूजा का शुभ मुहूर्तसुबह 08:30 बजे से 10:45 बजे तक
अभिजीत मुहूर्तदोपहर 12:13 बजे से 12:57 बजे तक

🛠️ विश्वकर्मा पूजा सामग्री लिस्ट (Puja Samagri)

विश्वकर्मा पूजा शुरू करने से पहले पूजा सामग्री और अपनी फैक्ट्री या दुकान में ये बताई गई चीजें जरुर रख लें:

  • भगवान के लिए: भगवान विश्वकर्मा की फोटो, लोटे में शुद्ध जल, पीले फूल, अक्षत, लाल कपड़ा, चंदन, फूलों की माला, धूपबत्ती और शुद्ध घी का दीपक।
  • मशीनों के लिए: रोली (तिलक के लिए), कलावा (रक्षा सूत्र), मिठाई।
  • औजार: आपके काम के मुख्य औजार (जैसे लैपटॉप, हथौड़ा, गाड़ी की चाबी)।

🙏 विश्वकर्मा पूजा विधि: स्टेप-बाय-स्टेप (Step-by-Step Vidhi)

31 जनवरी (शनिवार) को सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें और अपनी दुकान/फैक्ट्री में जाकर इस विधि से पूजा करें:

1. संकल्प और स्नान (Sankalp)

इस दिन जातक को सुबह जल्दी उठकर स्नान करके साफ कपड़े धारण करें। हाथ में फूल और चावल लेकर संकल्प लें— “हे विश्वकर्मा बाबा! मेरे व्यापार और मशीनों की रक्षा करें, मेरा काम बिना रुकावट के चले।”

2. फोटो स्थापना (Sthapana)

इसके बाद अपने पूजा स्थल पर भगवान श्री विश्वाकर्मा जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद भगवान श्री विश्वाकर्मा जी की प्रतिमा पर माला अर्पित करके धूपबत्ती और शुद्ध घी का दीपक जलाये फिर अपने औजारों या मशीनों की पूजा करें।

3. फूल और कलावा बांधे

अंत में हाथ में फूल और अक्षत लेकर भगवान विश्वकर्मा भगवान का ध्यान करने के बाद अक्षत को चारों ओर छिड़के दें और फूल को जल में छोड़ दें। ॐ आधार शक्तपे नम:, ॐ कूमयि नम:, ॐ अनन्तम नम: और ॐ पृथिव्यै नम: मंत्र पढ़ें और हाथ में मौली या कलावा बांधे।

साफ जमीन पर अष्टदल कमल बनाए और उस पर जल डालें। इसके बाद पंचपल्लव, सुपारी, सप्त मृन्तिका, दक्षिणा कलश में डालकर कपड़े से कलश की तरफ अक्षत चढ़ाएं। एक पात्र में थोड़े चावल भी रखें। वहीं इस पात्र को विश्वकर्मा जी की मूर्ति के आगे अर्पित करें ।

4. विशेष मंत्र जाप (Mantra Chanting)

अंत में भगवान विश्वकर्मा जी को प्रसाद का भोग लगाएं और सभी कर्मचारियों (Staff) में बांटें। भगवान का यह मंत्र 108 बार बोलें:

|| ॐ विश्वकर्मणे नमः ||

।। श्री विश्वकर्मा गायत्री मन्त्र ।। Shri Vishwakarma Gayatri Mantra।।

👉 ॐ चतुर्भुजय विदमहे, हंसवाहनाय धीमहि। तन्नो विश्वकर्मा: प्रचोदयात ।।

5. चालीसा और आरती

भगवान श्री विश्वाकर्मा आरती और चालीसा का पाठ करें। विश्वकर्मा पूजा करने के बाद अपने व्यवसाय से जुड़े औजारों और यंत्रों को आगे रख जल, रोली, अक्षत, फूल और मि‍ठाई से उनकी पूजा करें। इस दिन वातावरण में शुद्धि के लिए हवन भी जरूर करना चाहिए।

6. मशीनों की सफाई (Cleaning)

इसके बाद व्यक्ति अपनी मशीनों, गाड़ियों और औजारों को अच्छे से कपड़े से साफ करें। याद रखें, “जहाँ सफाई होती है, वहीं लक्ष्मी का वास होता है”। उसके बाद उन सभी पर गंगाजल का छिड़काव करें।

7. मशीनों को तिलक (Tilak to Tools)

इसके बाद अपनी सभी मुख्य मशीनों, कंप्यूटर या अन्य औजारों पर रोली और हल्दी मिश्रित से तिलक और स्वास्तिक (Swastik) बनाएं। फिर उन पर अक्षत और फूल (अर्पित) चढ़ाएं। ऐसा करना मशीन का सम्मान करना माना चाहता हैं।

8. कलावा बांधें (Protection Thread)

अंत में मशीनों के हैंडल या गाड़ी के स्टीयरिंग पर कलावा (रक्षा सूत्र) जरुर बांधें। यह आपके वाहन और मशीनों से होने वाली दुर्घटना और खराबी से बचाने में मदद करता है।

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🌟 श्री विश्वकर्मा पूजा फल (Puja Benefits)

मान्यता है कि विश्वकर्मा पूजा करने वाले व्यक्ति के घर धन-धान्य तथा सुख-समृद्धि की कभी कोई कमी नही रहती है। इस पूजा की महिमा से व्यक्ति के व्यापार में वृद्धि होती है तथा सभी मनोकामना पूरी हो जाती है।

🏗️ 31 जनवरी को जरूर करें ये 1 काम (Business Remedy)

शनिवार का दिन लोहे और मशीनरी का दिन होता है। चूंकि 31 जनवरी को शनिवार और विश्वकर्मा जयंती दोनों हैं, तो यह महा-संयोग है।

  • उपाय: पूजा के बाद अपने कामगारों (Workers) को मिठाई खिलाएं और उन्हें कुछ न कुछ गिफ्ट जरूर दें।
  • लाभ: मजदूरों को खुश रखने से भगवान विश्वकर्मा सबसे ज्यादा प्रसन्न होते हैं और फैक्ट्री में कभी हड़ताल या नुकसान नहीं होता।

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❓ Vishwakarma Puja Vidhi 2026: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

Q1: विश्वकर्मा पूजा तो 17 सितंबर को होती है, फिर 31 जनवरी को क्यों?

Ans: 17 सितंबर को ‘कन्या संक्रांति’ के दिन पूजा होती है। लेकिन माघ शुक्ल त्रयोदशी (31 जनवरी) को शास्त्रों के अनुसार भगवान विश्वकर्मा का जन्मदिन (Jayanti) है। इसलिए धार्मिक दृष्टि से आज की पूजा का बहुत महत्व है।

Q2: क्या घर पर भी पूजा कर सकते हैं?

Ans: जी हाँ! आपके घर में जो भी इलेक्ट्रॉनिक सामान, गाड़ी या टूल्स (पेचकस आदि) हैं, उनकी पूजा जरूर करें।

Q3: भगवान विश्वकर्मा का मंत्र क्या है?

Ans: || ॐ आधार शक्तपे नम:, ॐ कूमयि नम:, ॐ अनन्तम नम:, ॐ पृथिव्यै नम: ||

निष्कर्ष: मशीनें ही हमारी रोजी-रोटी का जरिया हैं। 31 जनवरी 2026 को Freeupay.in द्वारा बताई गई Vishwakarma Puja Vidhi से अपने औजारों को नमन करें। आपकी तरक्की की रफ़्तार दोगुनी हो जाएगी।

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