कार्तिक पूर्णिमा 2026: जानें संपूर्ण पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और सामग्री लिस्ट Dev Diwali 2026: Kartik Purnima Puja Vidhi 2026: Step-by-Step हमारे हिन्दू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को कार्तिक पूर्णिमा के नाम से मनाया जाता हैं। इसके अतिरिक्त कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरारी पूर्णिमा, त्रिपुरी पूर्णिमा और देव दीपावली आदि के नाम से भी जाना जाता हैं। हमारे हिन्दू धर्म के अनुसार कार्तिक मास का बहुत ज्यादा महत्व हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा का दिन बहुत ही शुभ और विशेष माना जाता हैं। इस दिन तीर्थ स्थानों पर जाकर स्नान-दान, दीपदान, हवन-पूजन और आरती करने से महान पुण्य प्राप्त होता हैं। Free Upay.in द्वारा बताये जा रहे कार्तिक पूर्णिमा पूजा विधि (Kartik Purnima Puja Vidhi) के बारे में पढ़कर आप भी कार्तिक पूर्णिमा पूजा विधि पूर्वक कर सकते हैं।
कार्तिक पूर्णिमा पूजा विधि 2026: संपूर्ण पूजन विधि, व्रत कथा और शुभ मुहूर्त | Kartik Purnima 2026: Complete Puja Vidhi, Shubh Muhurat & Mantras
हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।
हर समस्या का फ्री उपाय (Free Upay) जानने के लिए हमारे WhatsApp Channel (व्हात्सप्प चैनल) से जुड़ें: यहां क्लिक करें (Click Here)

देव दिवाली 2026 (कार्तिक पूर्णिमा): जानें पूजा की संपूर्ण विधि और मंत्र | Kartik Purnima Pujan Vidhi 2026: Puri Jankari, Katha Sahit
कार्तिक पूर्णिमा पूजा विधि 2026: मुहूर्त व मंत्र | How to do Kartik Purnima Puja? Full Vidhi & Samagri List in Hindi 2026
कार्तिक पूर्णिमा 2026 कब है? | Kartik Purnima 2026 Date
➤ कार्तिक मास की पूर्णिमा तिथि को कार्तिक पूर्णिमा व्रत पूजा की जाती हैं इस साल 2026 में कार्तिक पूर्णिमा व्रत पूजा नवम्बर महीने के 24 तारीख वार मंगलवार के दिन की जाएगी।
कार्तिक पूर्णिमा का महत्व (महात्म्य) 2026: Importance of Kartik Purnima 2026
🔹 कार्तिक पूर्णिमा पूजा करने से साधक के घर में सुख-समृद्धि की वृद्धि होती हैं। साथ ही उसे धन- ऐश्वर्य के साथ समाज में मान सम्मान की प्राप्ति होती हैं। Kartik Purnima Puja व कथा करके से जातक के समस्त मनोवांछित फल की प्राप्ति होती हैं। साथ ही जातक सांसारिक संसार के समस्त सुखों को भोग कर मृत्यु के उपरांत स्वर्ग लोक को प्राप्त होता हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन दिए गये दान का पुण्य अन्य दिनों की तुलना में कई गुणा अधिक होता हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन संध्या के समय दीपावली की भांति घी का दीपक जलाने से देवकृपा की प्राप्त होती हैं।
कार्तिक पूर्णिमा पूजा विधि 2026: सामग्री, नियम व मंत्र | Kartik Purnima Puja Vidhi 2026: Step-by-Step Guide, Katha & Timings
🟢 कार्तिक पूर्णिमा के दिन जातक को सुबह जल्दी उठकर नित्य कर्म से निवृत होकर किसी तीर्थ स्थल पर स्नान करें यदि यह संभव नही हो तो स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर नीचे बताये गये मंत्र का उच्चारण करते हुए स्नान करें।
कार्तिक पूर्णिमा 2026 पूजा मंत्र | Kartik Purnima Puja Mantra 2026
🕉️ मंत्र: गंगे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरि जले अस्मिन् सन्निधिम् कुरुम्॥
🔴 स्नान करने के बाद साफ़ कपड़े धारण करके सर्वप्रथम भगवान सूर्य देव को जल अर्पित करें।
🔴 उसके बाद फिर अपने पास वाले शिव मंदिर में जाए और “ॐ नम: शिवाय” मंत्र का जाप करते हुए कच्चे दूध और गंगाजल मिश्रित जल से शिवलिंग का अभिषेक करें। साथ ही सारे शिव परिवार की पूजा करें।
🔴 धूपबत्ती और शुद्ध घी का दीपक जलाकर आरती करें।
🔴 और फिर तुलसी को जल चढ़ाये।
🔴 अपने घर पर आकर श्री सत्यनारायण जी की फोटो या प्रतिमा स्थापित करके पंचामृत से अभिषेक करें।
🔴 उन्हें चंदन और कुमकुम का तिलक करके अखंडित अक्षत लगाकर फल-फूल अर्पित करें।
🔴 उसके बाद श्री सत्यनारायण व्रत कथा का पाठ करके आरती करें। और उन्हें भोग लगायें। Kartik Purnima Puja समापन करें।
🔴 फिर ब्राह्मण को भोजन करायें और दिन में एक बार स्वयं भोजन करें।
🪔 विशेष: कार्तिक पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय के समय छ: कृतिकाओं का पूजन किया जाता हैं। ऐसा करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। जिन छ: कृतिकाओं की पूजा की जाती है उनका नाम है – शिवा, संभूति, संतति, प्रीति, अनुसूया और क्षमा।
कार्तिक पूर्णिमा पर दान | Donation on Kartik Purnima 2026
✳️ क्षीरसागर दान: कार्तिक पूर्णिमा के वाले दिन एक विशेष रूप से दान किया जाता है जिसे क्षीरसागर दान कहा जाता हैं। इसमें चौबीस अंगुल का बर्तन लेकर उसमें दूध भर कर एक सोने या चाँदी की बनी मछली ड़ालकर उसे किसी योग्य ब्राह्मण या आचार्य को दिया जाता हैं। हिन्दू धर्म मान्यता के अनुसार इस क्षीरसागर दान का महत्व अनगिनत बताया हैं।
✳️ कार्तिक पूर्णिमा के दिन गर्म वस्त्र, मिठाई, अनाज और भोजन आदि का दान करना चाहिये।

वैदिक उपाय और 30 साल फलादेश के साथ जन्म कुंडली बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े
10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े
