Santan Saptami Puja Vidhi 2025: Step-by-Step संतान सप्तमी 2025: जानें संपूर्ण पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और सामग्री लिस्ट हम यंहा आपको संतान सप्तमी व्रत पूजा पूजा के बारे में बताने जा रहे हैं ! इस पोस्ट की सहायता से Santan Saptami Puja कैसे की जाती हैं और इस व्रत के रखने के क्या नियम, सामग्री, मंत्र, मुहूर्त आदि के बारे में जानकारी देंगे। हमारे द्वारा बताये जा रहे संतान सप्तमी पूजा विधिको पढ़कर आप भी बहुत आसन तरीके से संतान सप्तमी व्रत पूजा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकोगें।
संतान सप्तमी व्रत विधि: Santan Saptami Vrat Vidhi: Full Puja Guide with Samagri List & Mantra
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Santan Saptami 2025 Date: संतान सप्तमी पूजा कब हैं? 2025
संतान सप्तमी व्रत भाद्रपद मास (भादों) की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि के दिन की जाती हैं। इस साल 2025 यह 30 अगस्त, वार शनिवार के दिन मनाई जाएगी।
Santan Saptami Puja Muhurat: संतान सप्तमी 2025 पूजा मुहूर्त
सुबह 07:45 बजे से सुबह 09:18 बजे तक,
दोपहर 12:28 बजे से संध्या 05:11 बजे तक।
घर पर कैसे करें संतान सप्तमी की पूजा? जानें सरल और सम्पूर्ण विधि: Easy Santan Saptami Puja Vidhi at Home | Step-by-Step for Beginners
👉 Santan Saptami Puja वाले दिन साधक को सूर्योदय से पहले प्रात:काल जल्दी उठकर नित्य कर्म से निवृत्त होकर स्नान आदि करने साफ कपड़े धारण करने चाहिए।
👉 उसके बाद अपने घर के पूजा स्थल में जाकर उत्तर मुखी होकर बैठकर भगवान श्री विष्णु, भगवान श्री शिव और माता पार्वती की प्रतिभा स्थापित करें।
👉 फिर भगवान श्री विष्णु, भगवान श्री शिव और माता पार्वती का शुद्ध जल और कच्चे दूध से अभिषेक करके प्रतिमा पर चन्दन का लेप या तिलक करे।
👉 तत्पश्चात् ऐसा करने के बाद संतान की स्वास्थ्य की रक्षा और सुरक्षा की कामना की प्रार्थना के साथ भगवान शिव को धागा बाँध कर संतान सप्तमी व्रत का संकल्प लें।
👉 उसके बाद अखंडित अक्षत, फल, फूल, नारियल और सुपारी अर्पित करके शुद्ध घी का दीपक जलाए। फिर संतान सप्तमी व्रत कथा सुने या कहें।
👉 इसके बाद बताये गये मंत्र का जाप करें।
संतान सप्तमी व्रत पूजा मंत्र | Santan Saptami Puja Mantra
“ॐ ह्रीं षष्ठी देव्यै स्वाहा”
👉 बताये गये मंत्र का जाप करने के बाद खीर, पूरी और मालपुयें का भोग लगाये। और आरती करें।
👉 और उसके बाद संतान की रक्षा और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की प्रार्थना करें।
👉 बांधे गये भगवान शिव डोरे को बाद में अपनी संतान की कलाई में बाँध दें।
संतान सप्तमी व्रत पूजा के लाभ
हिन्दू मान्यताओं के अनुसार संतान सप्तमी व्रत करने से जातक को उत्तम संतान की प्राप्ति होती हैं। तथा जिस जातक के पहले ही संतान हैं तो इस Santan Saptami Puja करने से उसकी संतान की अच्छी स्वास्थ्य और लम्बी आयु होती हैं। तथा संतान सप्तमी व्रत को करने जातक के जीवन में सुख और सौभाग्य में वृद्धि होती हैं।
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