Nag Mantra: सावन मास की कृष्ण पक्ष की पंचम तिथि के दिन नागपंचमी आती है इस दिन विशेष रूप से नाग देवता की पूजा अर्चना की जाती है। आटे में हल्दी मिलाकर नाग (नाग-नागिन के जोड़े) बनाये जाते है। या किसी सफ़ेद कागज में नाग बनाते है या किसी धातु के नाग बनाकर पूजा अर्चना की जाती है। यंहा हम आपको नाग मंत्र के बारे में बताने जा रहे हैं। जिन्हें आप नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करते समय उपयोग में ला सकते हो साथ ही हम नाग मंत्र में ऐसे मंत्र भी बताने जा रहे जिन्हें करने से आपको सर्प भय या सर्प के सपने से मुक्ति मिलेगी साथ ही हम आपको कालसर्प मुक्ति का नाग मंत्र भी बताने जा रहे हैं।
Nag Mantra: राहु-केतु और भयंकर कालसर्प दोष को जड़ से खत्म करते हैं ये 5 सिद्ध नाग मंत्र, तुरंत दिखेगा चमत्कार
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सनातन धर्म और वैदिक ज्योतिष में नाग देवता को पाताल लोक का स्वामी और अपार धन का रक्षक माना गया है। जन्म कुंडली में जब ‘राहु’ और ‘केतु’ के बीच सभी ग्रह फंस जाते हैं, तो ‘कालसर्प दोष’ का निर्माण होता है। यह दोष व्यक्ति के जीवन को संघर्षों से भर देता है, व्यापार ठप कर देता है और विवाह में भयंकर अड़चनें पैदा करता है।
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अक्सर लोग कालसर्प दोष और राहु-केतु की शांति के लिए महंगे अनुष्ठान करवाते हैं, लेकिन शास्त्रों में कुछ ऐसे अत्यंत गुप्त और शक्तिशाली ‘नाग मंत्र’ (Nag Mantras) बताए गए हैं, जिनका स्वयं जाप करने से बड़े से बड़ा दोष 24 घंटे के भीतर शांत होने लगता है। Freeupay.in के इस विशेष लेख में जानिए 5 सबसे सिद्ध नाग मंत्र, उनके लाभ और जाप की सही विधि।
🌺 क्विक लिस्ट: समस्याओं के अनुसार अचूक नाग मंत्र (Nag Mantra List)
नाग मंत्र (Nag Mantra) पाने के लिए इस टेबल को पढ़ें। अपनी परेशानी के अनुसार इन सिद्ध मंत्रों का चुनाव करें:
| आपकी समस्या / दोष (Problem) | सबसे शक्तिशाली नाग मंत्र (Powerful Nag Mantra) |
| कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए | नाग गायत्री मंत्र: “ॐ नवकुलाय विद्यमहे विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्प: प्रचोदयात्” |
| अज्ञात भय और डरावने सपनों के लिए | सर्प भय निवारण मंत्र: “ॐ कुरुकुल्ये हुं फट् स्वाहा” |
| राहु-केतु की भयंकर पीड़ा शांति हेतु | नवनाग स्तोत्र: “अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्…” |
| संपत्ति और रुका हुआ धन पाने के लिए | “ॐ नमो भगवते कामरूपिणे महासर्पाय स्वाहा” |
| सर्पदंश (सांप के विष) से सुरक्षा हेतु | “सर्प अपसर्प भद्रं ते गच्छ सर्प महाविष। जनमेजयस्य यज्ञान्ते आस्तीकवचनं स्मर।।” |
📿 3 सबसे शक्तिशाली नाग मंत्र और उनका अर्थ (Detailed Mantras)
पूर्ण पवित्रता और सच्ची श्रद्धा के साथ इन मंत्रों (Nag Mantra) का जाप करने से महादेव और नाग देवता की असीम कृपा प्राप्त होती है:
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1. नवनाग स्तोत्र (9 नागों का चमत्कारी मंत्र)
यह मंत्र ब्रह्मांड के 9 सबसे शक्तिशाली नागों का आवाहन करता है। प्रतिदिन सुबह उठकर इस मंत्र का पाठ करने से व्यक्ति को कभी शत्रुओं का भय नहीं रहता और राहु-केतु हमेशा शांत रहते हैं।
मंत्र:
अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।
शङ्खपालं धृतराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा।।
एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।
सायङ्काले पठेन्नित्यं प्रात:काले विशेषत:।।
2. नाग गायत्री मंत्र (कालसर्प दोष का अस्त्र)
यदि कुंडली में भयंकर कालसर्प दोष है और हर काम में रुकावट आ रही है, तो शिवलिंग के सामने बैठकर इस ‘नाग गायत्री मंत्र’ का 108 बार जाप करना सबसे बड़ा उपाय है।
- ॐ भुजंगेशाय विद्महे, सर्पराजाय धीमहि, तन्नो नाग: प्रचोदयात्।।
- ॐ नवकुलाय विद्महे विषदंताय धीमहि तन्नो सर्प प्रचोदयात।।
- ॐ अनन्तेशाय विद्महे महाभुजांगाय धीमहि तन्नो नाथः प्रचोदयात।।
3. सर्प भय निवारण मंत्र (आस्तीक मुनि का मंत्र)
यदि आपको सपने में बार-बार सांप दिखाई देते हैं या वास्तविक जीवन में सांपों का भय सताता है, तो महर्षि आस्तीक द्वारा रचित इस मंत्र का उच्चारण करें। इसे सुनते ही सर्प तुरंत रास्ता बदल लेते हैं।
मंत्र:
“सर्प अपसर्प भद्रं ते गच्छ सर्प महाविष।
जनमेजयस्य यज्ञान्ते आस्तीकवचनं स्मर।।”
4. नाग मंत्र
मंत्र:
- ॐ कुरुकुल्ये हुं फट् स्वाहा।।
मंत्र:
सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।
ये च हेलिमरीचिस्था ये न्तरे दिवि संस्थिता:।।
ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:।
ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:।।’
अर्थात् – संपूर्ण आकाश, पृथ्वी, स्वर्ग, सरोवर-तालाबों, नल-कूप, सूर्य किरणें आदि जहां-जहां भी नाग देवता विराजमान है। वे सभी हमारे दुखों को दूर करके हमें सुख-शांतिपूर्वक जीवन दें। उन सभी को हमारी ओर से बारंबार प्रणाम हो…।
यह नाग मंत्र का प्रतिदिन प्रात: और सायं जाप करने व्यक्ति को विष भय और सर्प सपने से मुक्ति है साथ ही कालसर्प दोष का असर भी धीरे धीरे कम होने लगता है चारों दिशाओं से उसे सर्वत्र विजय प्राप्त होती है।
5. नाग बीज मंत्र
ॐ सर्पेभ्यो नम:।।
संपर्क करें- पंडित ललित त्रिवेदी (+91-9667189678)
किसी भी प्रकार के ज्योतिष एवं वास्तु संबंधी परामर्श के लिए वास्तु ज्योतिष पंडित ललित त्रिवेदी से परामर्श प्राप्त कर सकते हैं, जैसे कि धन, स्वास्थ्य, व्यापार, करियर, नौकरी आदि जैसी समस्याएं। वास्तु विजिट भी करवा सकते हैं, तथा वास्तु परामर्श भी प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी प्रकार के कुंडली मिलान, विवाह मुहूर्त, गृह प्रवेश या अन्य सभी प्रकार के मुहूर्त एवं शुभ समय निकलवाने के लिए तुरंत संपर्क करें।
जानें: रुद्राक्ष कौन-कौनसी समस्या को दूर कर सकता हैं?
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🌟 नवग्रह शांति और कालसर्प दोष का अचूक ज्योतिषीय रहस्य
शक्ति विहार, कोटपूतली (राजस्थान) के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ पंडित ललित त्रिवेदी जी स्पष्ट करते हैं कि जब राहु और केतु की मारक दशा चलती है, तो केवल मंत्र जाप ही पर्याप्त नहीं होता, क्योंकि दूषित आभामंडल (Aura) के कारण मंत्रों की ऊर्जा व्यक्ति के शरीर तक पूरी तरह नहीं पहुंच पाती।
कालसर्प दोष, मांगलिक दोष और राहु-केतु के भयंकर प्रकोप को 100% शून्य करने के लिए साक्षात नाग देवता का स्वरूप ‘8 मुखी रुद्राक्ष’ (8 Mukhi Rudraksha) और राहु-केतु नियंत्रक ‘9 मुखी रुद्राक्ष’ गले में धारण करना सबसे शक्तिशाली ज्योतिषीय ‘कवच’ है। इसे धारण करने के बाद यदि नाग मंत्रों का जाप किया जाए, तो मंत्र की शक्ति 1000 गुना बढ़ जाती है और व्यक्ति हर प्रकार के कर्ज, बीमारी और तांत्रिक बाधा से रातों-रात मुक्त हो जाता है।
⚠️ नाग मंत्र का जाप करते समय रखें इन 3 कड़े नियमों का ध्यान
मंत्रों की सिद्धि के लिए शास्त्रों में बताए गए इन नियमों का कड़ाई से पालन करें:
- जाप का सही समय: नाग मंत्रों का जाप मुख्य रूप से सावन के महीने, नाग पंचमी, अमावस्या, या किसी भी ‘पंचमी तिथि’ को करना सर्वाधिक फलदायी होता है। दैनिक जाप सुबह ब्रह्म मुहूर्त में ही करें।
- दिशा और आसन: जाप करते समय आपका मुख हमेशा ‘पूर्व’ या ‘उत्तर’ दिशा की ओर होना चाहिए। कुशा (घास) या ऊनी आसन का ही प्रयोग करें।
- पूर्ण सात्विकता: जब तक आप कालसर्प दोष निवारण या नाग मंत्र का अनुष्ठान कर रहे हों, तब तक घर में पूर्ण सात्विकता बनाए रखें। लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा का सेवन पूरी तरह से वर्जित है।
Nag Mantra❓अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: नाग मंत्र का जाप कितनी बार करना चाहिए?
Ans: नाग देवता की पूर्ण कृपा पाने के लिए रुद्राक्ष की माला से प्रतिदिन कम से कम 108 बार (एक माला) नाग मंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए।
Q2: क्या महिलाएं भी नाग मंत्र का जाप कर सकती हैं?
Ans: जी हाँ, महिलाएं पूर्ण पवित्रता और श्रद्धा के साथ घर की सुख-शांति और संतान की रक्षा के लिए नाग गायत्री मंत्र या नवनाग स्तोत्र का पाठ कर सकती हैं।
Q3: नाग देवता को प्रसन्न करने के लिए क्या चढ़ाना चाहिए?
Ans: मंत्र जाप के साथ शिवलिंग या चांदी के नाग-नागिन पर गाय का कच्चा दूध, धान का लावा (लाई), बताशे और सफेद पुष्प अर्पित करना अत्यंत शुभ होता है।
निष्कर्ष: नाग देवता भगवान शिव के परम भक्त और गले का आभूषण हैं। Freeupay.in पर बताए गए इन अत्यंत सिद्ध नाग मंत्रों का पूर्ण विश्वास के साथ जाप करें। महादेव और नाग देवता की कृपा से आपके जीवन का हर कालसर्प दोष नष्ट होगा और आपको असीमित सफलता व धन की प्राप्ति होगी।
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