Shani Ki Sade Sati Ke Upay: बहुत से व्यक्तियों को शनि की साढ़े साती का नाम सुनते हुए परेशान होते हुए देखा गया हैं। आज उन सब की परेशानी को समझते हुए हम आपको ‘शनि की साढ़ेसाती’ (Sade Sati) के उपाय बताने जा रहे हैं। विशेष रूप यह बताये जा रहे उपायों को जब किसी व्यक्ति की कुंडली या नाम राशि के अनुसार ‘शनि की साढ़ेसाती’ (Sade Sati) शुरू होती है जब करना होता हैं, ऐसे समय में व्यक्ति को अपने जीवन में केवल दु:ख और संघर्ष ही महसूस लगता है।
Shani Ki Sade Sati Ke Upay: शनि की साढ़ेसाती से हैं परेशान? तुरंत करें ये 11 अचूक उपाय, जीवन में लौट आएगी सुख-शांति
हमारी वेबसाइट FreeUpay.in (फ्री उपाय.इन) में रोजाना आने वाले व्रत त्यौहार की जानकारी के अलावा मुहूर्त, पूजा विधि, मंत्र, साधना, व्रत कथा, ज्योतिष उपाय, लाल किताब उपाय, स्तोत्र आदि महत्वपूर्ण जानकारी उबलब्ध करवाई जाएगी सभी जानकारी का अपडेट पाने के लिए दिए गये हमारे WhatsApp Group Link (व्हात्सप्प ग्रुप लिंक) क्लिक करके Join (ज्वाइन) कर सकते हैं।
हर समस्या का फ्री उपाय (Free Upay) जानने के लिए हमारे WhatsApp Channel (व्हात्सप्प चैनल) से जुड़ें: यहां क्लिक करें (Click Here)

हमारे द्वारा बताये जा रहे ‘शनि की साढ़ेसाती के उपाय’ (Sade Sati) को आप शनि की साढ़े साती के समय करने से शनि की साढ़े साती से होने वाली परेशानी से मुक्ति मिल जायेगी। शनि की साढ़े साती दुःख ही दे यह कोई जरुरी नही हैं यह आपके लिए कैसी रहेगी यह आपकी जन्मकुंडली से पता चलता हैं। इसलिए शनि की साढ़े साती के बारे में गलत सुनी हुई बातों पर ना ध्यान दें और बताये जा रहे उपाय को करें। हमारे ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सभी लोगों को ‘शनिदेव’ (Shani Dev) का नाम सुनते ही अक्सर लोगों को भयभीत होते हुए देखा जाता है।
लेकिन यह बात बिलकुल भी सच नहीं है! क्योंकि शनि देव बिना कारण से किसी को दंड नहीं देते हैं; वे ‘कर्मफल दाता’ और ‘न्यायाधीश’ माने जाते हैं। वे व्यक्ति के द्वारा किये गये कर्मों के अनुसार ही फल देते हैं। यदि शनि साढ़ेसाती के दौरान आपको व्यापार में भयंकर घाटा, नौकरी छूटने का डर, कर्ज या गंभीर मानसिक तनाव का सामना करना पड़ रहा है, तो शास्त्रों में इसके लिए कुछ बेहद सरल और अमोघ उपाय बताए गए हैं। Freeupay.in के इस विशेष लेख में जानिए शनि की साढ़ेसाती के दुष्प्रभाव को शून्य करने वाले 11 महा-उपाय।
🌸 शनि की साढ़ेसाती दूर करने के 11 सबसे अचूक उपाय (Top 11 Shani Ki Sade Sati Remedies)
यदि आप शनि की साढ़ेसाती के कष्टों से तुरंत राहत पाना चाहते हैं, तो आज से ही इन उपायों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें:
1. ‘छाया दान’ है सबसे बड़ा अचूक उपाय
जातक को प्रत्येक शनिवार को तेल का ‘छाया दान’ (Chhaya Daan) करें। तेल का दान करने के लिए एक कांसे या लोहे की कटोरी में तेल लें और उस तेल में अपनी छायाचित्र (परछाईं) देखकर शनि मंदिर में जाकर दान कर दें या फिर किसी गरीब को दे दें। और सभव साथ में तांबा भेट करना भी चाहिए।
2. संकटमोचन हनुमान जी की शरण लें
- हिन्दू शास्त्रों में स्पष्ट रूप से वर्णित है कि शनिदेव हनुमान जी के भक्तों को कभी भी परेशान नहीं करते हैं। इसलिए शनि की साढ़ेसाती के दौरान रोज़ाना या फिर प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को ‘हनुमान चालीसा’ या ‘सुन्दरकाण्ड’ या ‘बजरंग बाण’ का पाठ करने से एक अभेद्य सुरक्षा कवच का काम करने लगता है। एवं प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को हनुमानजी को सिन्दूर लगाकर और चमेली का तेल जलाना चाहिए।
- शनि की साढ़े साती की दशा में जातक को नंगे पैर श्री हनुमान मंदिर जाना चाहिए ।
3. पीपल के वृक्ष की पूजा (Peepal Tree Worship)
- जातक को प्रत्येक शनिवार को प्रात: काल पीपल के पेड़ का पूजन करके जल चढ़ाएं। इसके बाद 7 या 11 बार परिक्रमा करें।
- रोजाना या शनिवार की संध्या (सूर्यास्त के बाद) में किसी पुराने पीपल के पेड़ के नीचे चौमुखी (चार बत्तियों वाला) दीपक में सरसों के तेल डालकर जलाएं। पंरतु दीपक जलाते समय “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप अवश्य करें और पीपल पेड़ की 3 या 7 परिक्रमा करें। इस उपाय को करने से आर्थिक तंगी और कर्ज से मुक्ति मिलती है।
- शनि की साढ़े साती की दशा के समय जातक को शनि अमावस्या वाले दिन पीपल के पेड़ पर सात प्रकार का अनाज चढ़ा कर तेल का दीपक जलायें।
4. रत्न एवं काले घोड़े की नाल
- शनि की साढ़े साती से निवारण पाने के लिए जातक को काले घोड़े की नाल से बना छल्ला भी मध्यमा उंगली में धारण कर सकते हैं। या फिर नाव के कील की अंगूठी भी जातक के लिए लाभप्रद होती है। यह छल्ला शनिवार के दिन धारण करना या पहन चाहिए।
- अगर आप शनि ग्रह संबधित रत्न धारण करना चाहते हैं, तो किसी अच्छे ज्योतिषशास्त्री से सम्पर्क करें और उनकी सलाह से रत्न धारण करें। बिना ज्योतिषशास्त्री के बिना रत्न धारण ना करें।
5. रुद्राक्ष धारण करें
शनि की साढ़े साती के प्रभावों को कम करने के लिए आपको अपने नाम से सिद्ध किये गया 7 मुखी रुद्राक्ष या फिर 14 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
6. शांति यंत्र की स्थापना
शनि की साढ़े साती से निवारण पाने के लिए जातक को शनि दोष शांति यंत्र की स्थापना करना चाहिए। शनि यन्त्र की प्राप्ति के लिए कॉल करें।
7. स्नान करें
- शनि की साढ़े साती से बचने के लिए जातक को सुरमा, काले तिल, नागर मोथा व सौंफ को जल में मिलाकर स्नान करना चाहिए।
- शनि की साढ़े साती के समय जातक को चप्पल पहनकर स्नान करना चाहिए।
8. मंत्र और आराधना
- शनि साढ़ेसाती के दुष्प्रभाव को दूर करने के लिए भगवान् हनुमान जी की नीलम की बनी या नीले पत्थर से बनी मूर्ति लाएं और उसके सम्मुख बैठकर रोज ’’ओम् हुं हनुमतै रूद्रात्मकाय हुं फट’’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
- शनि की साढ़े साती को दूर करने के लिए जातक को महामृत्युंजय मंत्र का जाप रोज 108 बार करें। न हो सके तो 21 बार जरुर करें।
- शनि की साढ़े साती से मुक्ति पाने के लिए जातक को शनि अमावस्या के दिन सुन्दर काण्ड एंव हनुमानष्टक का पाठ करने से शनिदेव प्रसन्न होते है।
- शनि की साढ़े साती होने पर जातक को शनि अमावस्या की रात्रि को शनि चालीसा का पाठ करना चाहिए।
- शनि की साढ़े साती होने पर प्रत्येक शनिवार को शनि मंत्र ‘ॐ शं शनैश्चराय नम:‘ का जाप करना चाहिए। इस मंत्र का जप कम से कम 108 बार करना चाहिए। या शनि मंत्र का उपयोग आप शनि की साढ़े साती में हर दिन कर सकते हो।
- भगवान शिव शनिदेव के गुरु हैं। इसलिए साढ़ेसाती के दौरान रोज़ाना शिवलिंग पर जल और काले तिल अर्पित करने से शनिदेव अति प्रसन्न होते हैं। इसके साथ ही नित्य “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः” (शनि के तांत्रिक मंत्र) का 108 बार जाप करें।
9. दान करें और असहायों की मदद करें
- शनि साढ़ेसाती होने पर जातक को प्रत्येक शनिवार का व्रत करना चाहिए और शनिवार को दान देने से भी साढ़ेसाती के दौरान होने वाले कष्ट से शांति मिलती है। शनि देव से जुड़ी वस्तुएं जैसे काली उड़द की दाल, तिल, लौह, काले कपड़े आदि का दान देना चाहिए।
- शनि की साढ़ेसाती से मुक्ति पाने के लिए जातक को तिल व उड़द से बने पकवानों को गरीबों को खिलाने से शनि देव की शुभ कृपा बनी रहती है।
- शनि की साढ़ेसाती से बचने के लिए जातक को काले उड़द की खिचड़ी में काला नमक मिलाकर स्वंय सेंवन करें एंव गरीबों को खिलायें।
- शनि की साढ़ेसाती को शांत करने के लिए जातक को प्रत्येक शनिवार या हर रात्रि के समय कुत्ते को दूध पिलायें, स्वयं दूध नहीं पीना चाहिए।
- शनि की साढ़े साती को दूर करने के लिए जातक को मजदूर व अपाहिज को भोजन करवाना चाहिए।
- शनि की साढ़े साती से बचने के लिए जातक को काले रंग की भैस की सेवा करे, उसे गुड़ खिलाना चाहिए।
- शनि की साढ़े साती में जातक को काले उड़द के बड़े बनाकर कूत्तों को खिलाना चाहिए।
10. लाल किताब उपाय (Lal Kitab Remedies)
- शनि की साढ़े साती को दूर करने के लिए जातक को अपने हाथ की नाप का 19 हाथ लम्बा काला धागा तेल में भिगोकर पहने से लाभ मिलता है।
- शनि की साढ़े साती से निवारण पाने के लिए अमावस्या की रात्रि में 8 बादाम और 8 काजल की डिब्बियों को काले वस्त्र में बाॅधकर अपनी तिजोरी में रख लें। ऐसे करने धन हानि में कमी आयेगी।
- शनि की साढ़े साती से निवारण पाने के लिए जातक को अपने भोजन मे से एक रोटी अलग करके उसके तीन हिस्से करें, एक गाय को, एक कुत्ते को और एक कौओं को खिलाये।
11. कर्म सुधारें और असहायों की मदद करें
- शनि की साढ़े साती की दशा में जातक को शराब, मीट एवं अण्डा आदि का सेवन न करें।
- साढ़ेसाती के दौरान व्यक्ति को अपने माता-पिता का मान सम्मान करना चाहिए।
- शनिवार के दिन अंधे, अपाहिज, या कुष्ठ रोगियों को काले चने, काली उड़द, काले कपड़े या जूते-चप्पल का दान करें। कुत्तों और कौवों को भोजन कराना भी शनि दोष को बेअसर करता है।
🌟 ज्योतिषीय और वास्तु रहस्य: क्या साढ़ेसाती हमेशा बुरी होती है?
प्रसिद्ध वास्तु और ग्रह गोचर विशेषज्ञ पंडित ललित त्रिवेदी जी स्पष्ट करते हैं कि साढ़ेसाती के साढ़े सात साल व्यक्ति को ‘सोने की तरह तपाकर कुंदन’ बनाने के लिए आते हैं। यदि आपकी जन्म कुंडली में शनि शुभ स्थिति में है (जैसे तुला, मकर या कुंभ राशि में), तो यह साढ़ेसाती आपको रंक से राजा भी बना सकती है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, शनि देव का सीधा संबंध घर की पश्चिम दिशा (West Direction) से होता है। यदि आपके घर के पश्चिम में कोई वास्तु दोष (जैसे कूड़ा-कबाड़ या शौचालय) है, तो साढ़ेसाती का कष्ट दस गुना बढ़ जाता है। इस दिशा को हमेशा साफ रखें। इसके अलावा, शनि की साढ़ेसाती के भयंकर मानसिक और शारीरिक कष्टों से बचने के लिए शनि देव का साक्षात स्वरूप ‘7 मुखी रुद्राक्ष’ (7 Mukhi Rudraksha) धारण करना एक अमोघ ज्योतिषीय उपाय है। यह रुद्राक्ष बंद किस्मत के ताले खोलता है और धन आगमन के नए रास्ते बनाता है।
⚠️ साढ़ेसाती के दौरान भूलकर भी न करें ये 3 काम (What to Avoid)
- मांस-मदिरा का सेवन: यदि आप पर साढ़ेसाती चल रही है, तो शराब, मांस और तामसिक भोजन का पूर्ण रूप से त्याग कर दें। अन्यथा शनिदेव भयंकर शारीरिक कष्ट देते हैं।
- लोहे और चमड़े की खरीदारी: शनिवार के दिन भूलकर भी लोहे का कोई नया सामान, सरसों का तेल, काले कपड़े या चमड़े के जूते-बेल्ट न खरीदें।
- कमजोर लोगों का अपमान: कभी भी अपने अधीन काम करने वाले कर्मचारियों (Labour/Servants) का पैसा न मारें और न ही उनका अपमान करें। शनिदेव गरीबों के आंसू कभी माफ नहीं करते।
Shani Ki Sade Sati Ke Upay❓अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1: कैसे पता करें कि मुझ पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है?
Ans: जब जन्म कुंडली में आपकी राशि (Moon Sign) से ठीक पीछे वाली राशि, आपकी राशि, या आपकी राशि से ठीक आगे वाली राशि में शनि गोचर करता है, तो उसे साढ़ेसाती कहा जाता है। इसके लिए आप किसी विशेषज्ञ से अपनी कुंडली दिखा सकते हैं।
Q2: क्या साढ़ेसाती में नीलम (Blue Sapphire) पहनना चाहिए?
Ans: नीलम एक बहुत ही तेज असर करने वाला रत्न है। इसे बिना अपनी कुंडली का सूक्ष्म विश्लेषण कराए कभी नहीं पहनना चाहिए। इसके विकल्प के रूप में ‘7 मुखी रुद्राक्ष’ धारण करना पूरी तरह सुरक्षित और अत्यधिक फलदायी है।
Q3: शनि देव को प्रसन्न करने के लिए कौन सा रंग पहनें?
Ans: शनिवार के दिन नीले (Blue) या काले (Black) रंग के कपड़े पहनना शनिदेव को अत्यंत प्रिय है।
निष्कर्ष: शनि की साढ़ेसाती कोई श्राप नहीं, बल्कि आपके कर्मों के शुद्धिकरण का समय है। यदि आप ईमानदारी से मेहनत करते हैं और Freeupay.in पर बताए गए इन सरल उपायों का श्रद्धापूर्वक पालन करते हैं, तो शनिदेव आपके जीवन को सुख, शांति और अपार धन से भर देंगे।
अभी शेयर करें: यह जानकारी उन सभी लोगों के लिए एक संजीवनी है जो शनि दोष से डरे हुए हैं। इसे अपने परिवार, दोस्तों और सभी WhatsApp ग्रुप्स में तुरंत शेयर करें!
वैदिक उपाय और 30 साल फलादेश के साथ जन्म कुंडली बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े
10 वर्ष के उपाय के साथ अपनी लाल किताब की जन्मपत्री बनवाए केवल 500/- रूपये में: पूरी जानकारी यहां पढ़े
